फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Farrukhabad News ›   Samples were sent to the forensic science laboratory for matching the affidavit

Farrukhabad News: शपथ पत्र के मिलान को विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजे गए थे नमूने

Thu, 28 Aug 2025 12:09 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद Updated Thu, 28 Aug 2025 12:09 AM IST
विज्ञापन
Samples were sent to the forensic science laboratory for matching the affidavit
फर्रुखाबाद। विवेचक प्रमोद कुमार की ओर से पांच जनवरी 1999 को गवाहों के शपथ पत्र दाखिल किए गए थे। शपथ पत्र में गवाह इदरीश व सरफराज ने उनके हस्ताक्षर और अंगूठा निशानी होने से इन्कार कर दिया था। इस पर कोर्ट ने दोनों के हस्ताक्षर व अंगूठा निशानी की जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ में प्रपत्र भेजे थे। जांच में गवाहों के हस्ताक्षर व अंगूठा फर्जी होने पर उन्हें कोर्ट की कार्रवाई से अलग कर दिया गया था।
विज्ञापन

---------------

माफिया को सजा दिलाने के लिए पांच अधिवक्ताओं ने दी दलीलें
माफिया अनुपम दुबे को सजा दिलाने के लिए पांच सरकारी वकीलों ने दलींले दीं। अभियोजन की ओर से दी गई बेहतर दलीलों से माफिया को सजा हो सकी। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुदेश प्रताप, हरिनाथ सिंह, तेज सिंह राजपूत, श्रवण कुमार और अभिषेक सक्सेना ने कोर्ट में सजा दिलाने के लिए तमाम तथ्य प्रस्तुत किए। माफिया को अपराधी साबित करने के लिए पुराने मामलों का भी जिक्र किया गया।
विज्ञापन

-----------
माफिया पर 65 तो शिशु पर हैं पांच मुकदमे
माफिया अनुपम दुबे के खिलाफ फतेहगढ़ कोतवाली में हिस्ट्रीशीट खुली है। ठेकेदार हत्याकांड के मामले में कई बार कोर्ट से 82 और 83 की कार्रवाई की गई। माफिया पर पुलिस रिकॉर्ड में 65 मुकदमें दर्ज हैं जबकि ममेरे भाई शिशु उर्फ बालकिशन पर पांच मामले दर्ज होने का दावा किया गया है। माफिया को राज्यस्तरीय माफिया घोषित करने के बाद शासन ने करीब डेढ़ अरब रुपये की संपत्ति कुर्क कर ली। इसमें ठंडी सड़क स्थित माफिया का आलीशान गुरूशरणम होटल भी शामिल था। जिसे प्रशासन ने वर्ष 2023 में गिरवा दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

----------

माफिया का खौफ इतना की ृ8 साल तक दबी रही फाइल
ठेकेदार शमीम की हत्या 26 जुलाई 1995 को हुई थी। इसके बाद करीब 20 वर्ष तक फाइल कोर्ट में ही दबी रही। अभियोजन के भरसक प्रयास करने के बाद भी फाइल पर तारीखें ही लगतीं रहीं। वर्ष 2021 में हत्याकांड की फाइल सीजेएम कोर्ट से कमिट होकर जिला जज के न्यायालय में पहुंची। इसके बाद से मामले में सुनवाई शुरू हुई थी।

--------
सुनवाई के दौरान दर्शक बने बैठे रहे वादकारी
माफिया अनुपम दुबे को सजा सुनाए जाने की तारीख तय होने के चलते कचहरी परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया था। सीओ सिटी एश्वर्य उपाध्याय, सीओ मोहम्मदाबाद और कायमगंज के साथ ही आठ थानों का पुलिस फोर्स और पीएसी के जवान तैनात रहे। कचहरी परिसर में इस दौरान भारी भीड़ रही। अपने मुकदमों में पैरवी करने आए अन्य वादकारी सुबह से ही अपने कोर्ट के बाहर बैठे रहे। अदालत के बाहर पटियों पर बैठकर शाम तक इंतजार कर रहे वादकारियों तारीख लेकर घर लौटना पड़ा।

---------------
पानी पीने के लिए मांगा, पुलिस ने वैन में धकेला
अदालत से सजा सुनाए जाने के बाद कड़ी सुरक्षा में माफिया अनुपम दुबे को मथुरा जेल के लिए पुलिस की वैन तक ले जाया गया। वैन पर चढ़ने के दौरान माफिया ने पानी मांगा। इस पर माफिया की पत्नी मीनाक्षी दुबे पानी की बोतल लेकर आगे बढ़ी। इसी दौरान पुलिसकर्मियों ने माफिया को धक्का देकर वैन के अंदर जाने के लिए कहा। माफिया के वैन के अंदर जाते ही पुलिस ने वैन के दरवाजे बंद कर दिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed