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सामूहिक अवकाश लेकर शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ दिया धरना
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डीआईओएस कार्यालय परिसर में धरना प्रदर्शन करते माध्यमिक शिक्षक संघ के नेता व सदस्य। संवाद न्यूज ?
- फोटो : FARRUKHABAD
फर्रुखाबाद। शिक्षक सम्मान बचाओ अभियान के तहत माध्यमिक व प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों व सदस्यों ने विद्यालयों को बंद कर धरना दिया। माध्यमिक शिक्षक संघ ने जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय परिसर और प्राथमिक शिक्षक संघ ने कलक्ट्रेट में धरना देकर विरोध प्रकट किया। दोनों संगठनों ने मुख्यमंत्री को संबोधित 16 सूत्री ज्ञापन एसडीएम को दिया है।
प्रांतीय आह्वान पर माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों ने एक दिन का सामूहिक अवकाश लेकर सम्मान बचाओ-आजीविका बचाओ अभियान के तहत मंगलवार को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय परिसर में धरना दिया। संगठन के पदाधिकारियों ने मांगें पूरी न होने पर सरकार के खिलाफ आंदोलन का भी एलान किया। शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष लालाराम दुबे ने कहा कि शिक्षा सेवा आयोग की धारा 21 व 16 जी की व्यवस्था समाप्त कर सरकार शिक्षकों को सेवा सुरक्षा से वंचित करने का षड्यंत्र कर रही है। इसे शिक्षक संघ सहन नहीं करेगा ।
जिला मंत्री नरेंद्र पाल सिंह सोलंकी ने पुरानी पेंशन बहाली करने और तदर्थ शिक्षकों का विनियमितीकरण किए जाने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षकों का वेतन कम करने की कोशिश कर रही है। ऐसा होने पर सरकार के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। संगठन के पदाधिकारियों ने जिला विद्यालय निरीक्षक डा. आदर्श कुमार त्रिपाठी को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन दिया। प्रदेश सरकार के खिलाफ शिक्षकों ने नारे लगाए। इस दौरान नवलकांत अग्निहोत्री, सुधाकर चतुर्वेदी, दिनेश कुमार त्रिपाठी, प्रदीप कुमार जायसवाल, विश्व प्रकाश दीक्षित, सत्येंद्र सिंह, प्रशांत कुमार मिश्रा, रजनीश शिवा, अवधेश चंद्र, संतोष दुबे, इंद्रा राठौर, महेश पाल सिंह, शिव कुमार समेत अन्य शिक्षक मौजूद रहे।
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उधर उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक संघ के नेता विजय बहादुर यादव व राजकिशोर शुक्ल के नेतृत्व में प्राथमिक शिक्षकों ने मंगलवार को सामूहिक अवकाश लेकर कलक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन किया। इसमें विजय बहादुर यादव ने कहा कि शिक्षकों पर प्रेरणा एप जबरन थोपा जा रहा है। इससे शिक्षक परेशान हैं। प्रत्येक पूर्व माध्यमिक विद्यालय में एक प्रधानाध्यापक व तीन सहायक अध्यापकों की तैनाती हो। विद्यालय में मूल भूत सुविधाओं की व्यवस्था की जाए। प्रत्येक विद्यालय में लिपिक व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की नियुक्ति होनी चाहिए। शिक्षक संगठन ने प्रदेश सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी कर गुस्सा निकाला। इसके बाद प्राथमिक शिक्षक संघ व माध्यमिक शिक्षक संघ के नेताओं ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को दिया।
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प्रांतीय आह्वान पर माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों ने एक दिन का सामूहिक अवकाश लेकर सम्मान बचाओ-आजीविका बचाओ अभियान के तहत मंगलवार को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय परिसर में धरना दिया। संगठन के पदाधिकारियों ने मांगें पूरी न होने पर सरकार के खिलाफ आंदोलन का भी एलान किया। शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष लालाराम दुबे ने कहा कि शिक्षा सेवा आयोग की धारा 21 व 16 जी की व्यवस्था समाप्त कर सरकार शिक्षकों को सेवा सुरक्षा से वंचित करने का षड्यंत्र कर रही है। इसे शिक्षक संघ सहन नहीं करेगा ।
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जिला मंत्री नरेंद्र पाल सिंह सोलंकी ने पुरानी पेंशन बहाली करने और तदर्थ शिक्षकों का विनियमितीकरण किए जाने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षकों का वेतन कम करने की कोशिश कर रही है। ऐसा होने पर सरकार के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। संगठन के पदाधिकारियों ने जिला विद्यालय निरीक्षक डा. आदर्श कुमार त्रिपाठी को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन दिया। प्रदेश सरकार के खिलाफ शिक्षकों ने नारे लगाए। इस दौरान नवलकांत अग्निहोत्री, सुधाकर चतुर्वेदी, दिनेश कुमार त्रिपाठी, प्रदीप कुमार जायसवाल, विश्व प्रकाश दीक्षित, सत्येंद्र सिंह, प्रशांत कुमार मिश्रा, रजनीश शिवा, अवधेश चंद्र, संतोष दुबे, इंद्रा राठौर, महेश पाल सिंह, शिव कुमार समेत अन्य शिक्षक मौजूद रहे।
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उधर उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक संघ के नेता विजय बहादुर यादव व राजकिशोर शुक्ल के नेतृत्व में प्राथमिक शिक्षकों ने मंगलवार को सामूहिक अवकाश लेकर कलक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन किया। इसमें विजय बहादुर यादव ने कहा कि शिक्षकों पर प्रेरणा एप जबरन थोपा जा रहा है। इससे शिक्षक परेशान हैं। प्रत्येक पूर्व माध्यमिक विद्यालय में एक प्रधानाध्यापक व तीन सहायक अध्यापकों की तैनाती हो। विद्यालय में मूल भूत सुविधाओं की व्यवस्था की जाए। प्रत्येक विद्यालय में लिपिक व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की नियुक्ति होनी चाहिए। शिक्षक संगठन ने प्रदेश सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी कर गुस्सा निकाला। इसके बाद प्राथमिक शिक्षक संघ व माध्यमिक शिक्षक संघ के नेताओं ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को दिया।