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Farrukhabad News: कंधरापुर में 36 घंटे बाद भी बहाल नहीं हो सकी बिजली
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फोटो-3 शिवनंदन।
कमालगंज। तेज आंधी में पोल टूटने से कंधरापुर गांव में 36 घंटे बाद भी बिजली बहाल नहीं हो सकी। सबमर्सिबल न चलने से लोग पानी के लिए परेशान रहे। इनवर्टर के जवाब देने से मोबाइल चार्ज करने के लिए भी लोगों को दूसरे गांव में जाना पड़ा।
बुधवार रात एक बजे तेज आंधी में कंधरापुर में अलग-अलग स्थानों पर तीन पेड़ गिरने से उनकी चपेट में आने से सात पोल क्षतिग्रस्त हो गए थे। इसके बाद गांव में आपूर्ति बाधित हो गई थी। इसके अलावा पसईनगला गांव में पेड़ की डाल गिरने से नलकूप लाइन के पांच पोल टूट गए थे। जरारी उपकेंद्र के बाहर भी दो पोल क्षतिग्रस्त हुए थे। बृहस्पतिवार को बिजली विभाग की टीम ने दरौरा, अलाउदीनपुर, हाजीनगला, पसईनगला आदि गांवों में पेट्रोलिंग कर मरम्मत कार्य किया था। इन गांवों में रात तक आपूर्ति बहाल कर दी गई। लेकिन कंधरापुर में अधिक नुकसान होने से बिजली चालू नहीं हो सकी। ग्रामीणों को अंधेरे में रात गुजारनी पड़ी। शुक्रवार को 36 घंटे से अधिक समय बीत जाने पर आपूर्ति न चालू होने से दैनिक कार्यों के लिए लोगों को काफी परेशानी हुई। सबमर्सिबल न चलने से पानी के लिए दिक्कत हुई। ग्रामीणों के अनुसार गांव में अधिकांश हैंडपंप खराब पड़े हैं। दोपहर में अवर अभियंता मदनचंद्र के नेतृत्व में कर्मचारियों की टीम पोल लेकर गांव पहुंची। कर्मचारियों ने क्षतिग्रस्त पोलों को हटाकर नया लगाने का काम शुरू किया। जेई मदनचंद्र ने बताया कि शाम तक गांव की आपूर्ति चालू कर दी जाएगी। (संवाद)
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गांव के आजाद मंसूरी ने बताया कि फोन बंद पड़े हैं। बिजली न होने से पूरे गांव में पानी की समस्या है। गर्मी में बिजली के बिना मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
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शिवनंदन का कहना है कि 36 घंटे से बिजली न होने से इनवर्टर जवाब दे गया। सप्लाई का पानी पीने लायक नहीं है। सबमर्सिबल भी नहीं चल सके। अधिकांश हैंडपंप खराब पड़े हैं।
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बुधवार रात एक बजे तेज आंधी में कंधरापुर में अलग-अलग स्थानों पर तीन पेड़ गिरने से उनकी चपेट में आने से सात पोल क्षतिग्रस्त हो गए थे। इसके बाद गांव में आपूर्ति बाधित हो गई थी। इसके अलावा पसईनगला गांव में पेड़ की डाल गिरने से नलकूप लाइन के पांच पोल टूट गए थे। जरारी उपकेंद्र के बाहर भी दो पोल क्षतिग्रस्त हुए थे। बृहस्पतिवार को बिजली विभाग की टीम ने दरौरा, अलाउदीनपुर, हाजीनगला, पसईनगला आदि गांवों में पेट्रोलिंग कर मरम्मत कार्य किया था। इन गांवों में रात तक आपूर्ति बहाल कर दी गई। लेकिन कंधरापुर में अधिक नुकसान होने से बिजली चालू नहीं हो सकी। ग्रामीणों को अंधेरे में रात गुजारनी पड़ी। शुक्रवार को 36 घंटे से अधिक समय बीत जाने पर आपूर्ति न चालू होने से दैनिक कार्यों के लिए लोगों को काफी परेशानी हुई। सबमर्सिबल न चलने से पानी के लिए दिक्कत हुई। ग्रामीणों के अनुसार गांव में अधिकांश हैंडपंप खराब पड़े हैं। दोपहर में अवर अभियंता मदनचंद्र के नेतृत्व में कर्मचारियों की टीम पोल लेकर गांव पहुंची। कर्मचारियों ने क्षतिग्रस्त पोलों को हटाकर नया लगाने का काम शुरू किया। जेई मदनचंद्र ने बताया कि शाम तक गांव की आपूर्ति चालू कर दी जाएगी। (संवाद)
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गांव के आजाद मंसूरी ने बताया कि फोन बंद पड़े हैं। बिजली न होने से पूरे गांव में पानी की समस्या है। गर्मी में बिजली के बिना मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
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शिवनंदन का कहना है कि 36 घंटे से बिजली न होने से इनवर्टर जवाब दे गया। सप्लाई का पानी पीने लायक नहीं है। सबमर्सिबल भी नहीं चल सके। अधिकांश हैंडपंप खराब पड़े हैं।

फोटो-3 शिवनंदन।