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Farrukhabad News: टूटे बेड पर लेटने को मजबूर मरीज
Sat, 25 Oct 2025 11:47 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Sat, 25 Oct 2025 11:47 PM IST
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फर्रुखाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया पुरुष अस्पताल में व्यवस्थाएं नहीं सुधर रहीं। एक वार्ड में टूटे बेड पर मरीज लेटे मिले, तो दूसरे में बेड के ऊपर स्टूल रखे थे।
वार्ड की देखरेख के लिए तैनात स्टाफ मरीजों की दिक्कतों को दूर करने के बजाय आराम फरमाते रहते हैं। इससे दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
शनिवार दोपहर में अस्पताल के वार्ड में मरीजों की व्यवस्थाओं का संवाद न्यूज एजेंसी ने जायजा लिया। आर्थो वार्ड में एक बेड पर दो स्टूल रखे थे। इस वार्ड के ठीक सामने ड्यूटी स्टाफ का केबिन है।
वार्ड के ठीक बगल में दूसरे वार्ड में एक बेड पर मरीज लेटा था। मगर उसके सिर की तरफ का हिस्सा टूटा था। उसे बेड के पास में ही रख दिया गया। स्टाफ की अनदेखी की वजह से मरीज और तीमारदारों को दिक्कतें हो रही हैं।
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मरीजों को अच्छी सेवाएं प्रदान करने की मंशा से व्यवस्थाओं को देखने की जिम्मेदारी क्वालिटी मैनेजर की है। भर्ती एक मरीज के तीमारदार ने बताया कि चार दिन से बेड टूटा देख रहे हैं। यदि जिम्मेदार रोजाना राउंड लेते रहें तो मरीजों और तीमारदारों को दिक्कतें न हों।
-अस्पताल के सीएमएस डॉ. जगमोहन शर्मा ने बताया कि वार्ड में किसी भी तरह की व्यवस्थाओं को बचाने की जिम्मेदारी ड्यूटी स्टाफ की है। यदि बेड टूटा है, तो वह इसे तुरंत बदलवाएंगे। मरीजों को दिक्कत नहीं होने देंगे।
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वार्ड की देखरेख के लिए तैनात स्टाफ मरीजों की दिक्कतों को दूर करने के बजाय आराम फरमाते रहते हैं। इससे दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
शनिवार दोपहर में अस्पताल के वार्ड में मरीजों की व्यवस्थाओं का संवाद न्यूज एजेंसी ने जायजा लिया। आर्थो वार्ड में एक बेड पर दो स्टूल रखे थे। इस वार्ड के ठीक सामने ड्यूटी स्टाफ का केबिन है।
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वार्ड के ठीक बगल में दूसरे वार्ड में एक बेड पर मरीज लेटा था। मगर उसके सिर की तरफ का हिस्सा टूटा था। उसे बेड के पास में ही रख दिया गया। स्टाफ की अनदेखी की वजह से मरीज और तीमारदारों को दिक्कतें हो रही हैं।
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मरीजों को अच्छी सेवाएं प्रदान करने की मंशा से व्यवस्थाओं को देखने की जिम्मेदारी क्वालिटी मैनेजर की है। भर्ती एक मरीज के तीमारदार ने बताया कि चार दिन से बेड टूटा देख रहे हैं। यदि जिम्मेदार रोजाना राउंड लेते रहें तो मरीजों और तीमारदारों को दिक्कतें न हों।
-अस्पताल के सीएमएस डॉ. जगमोहन शर्मा ने बताया कि वार्ड में किसी भी तरह की व्यवस्थाओं को बचाने की जिम्मेदारी ड्यूटी स्टाफ की है। यदि बेड टूटा है, तो वह इसे तुरंत बदलवाएंगे। मरीजों को दिक्कत नहीं होने देंगे।