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Farrukhabad News: बजट खपाने में जुटे प्रधान, तैयारी करने वालों का बढ़ा खर्च
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फर्रुखाबाद। ग्राम पंचायतों में प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को पूरा हो रहा है। इससे प्रधान बजट खपाने में जुट गए हैं। पंचायत चुनाव टलने से प्रधान भले ही खुश हैं लेकिन उन्हें प्रशासक नियुक्त होने का खौफ भी सता रहा है।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारी जोरों पर चल रही है। 15 अप्रैल को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन होगा। ग्राम पंचायतों में प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को, क्षेत्र पंचायत का 19 जुलाई व जिला पंचायत का कार्यकाल 11 जुलाई को पूरा हो रहा है। जनपद में 580 ग्राम पंचायतें हैं। गांव की सरकार चुनने के लिए 11.59 लाख मतदाताओं की सूची का 15 अप्रैल को अंतिम प्रकाशन होना है। चुनाव नजदीक आने से जनप्रतिनिधियों के सामने चुनावी रण में ताल ठोकने की तैयारी भी शुरू हो गई है। कई दावेदार तो अपनी कार व जीप में जिला पंचायत सदस्य पद के प्रत्याशी का बैनर, पोस्टर भी लगाकर चल रहे हैं। ग्राम पंचायतों का कार्यकाल का खत्म होने का डेढ़ माह ही शेष रह जाने से प्रधान बजट खपाने में जुट गए हैं। इसके साथ ही मनरेगा में फंसा भुगतान निकालने की भी जोड़-तोड़ तेज हो गई है। कार्यकाल समाप्त होने के साथ मनरेगा भी अंतिम दौर में है। इससे प्रधान अपनी फंसी धनराशि हर कीमत पर निकालने की जुगत में हैं। कुछ प्रधानों ने पूछने पर बताया कि यदि अप्रैल में राज्य वित्त व 15वें वित्त की धनराशि मिली तो तेजी से विकास कार्य कराकर मतदाताओं को खुश करेंगे। प्रधानों का कार्यकाल बढ़ा तो ग्राम पंचायत की अगली सरकार भी अपनी होगी।
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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारी जोरों पर चल रही है। 15 अप्रैल को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन होगा। ग्राम पंचायतों में प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को, क्षेत्र पंचायत का 19 जुलाई व जिला पंचायत का कार्यकाल 11 जुलाई को पूरा हो रहा है। जनपद में 580 ग्राम पंचायतें हैं। गांव की सरकार चुनने के लिए 11.59 लाख मतदाताओं की सूची का 15 अप्रैल को अंतिम प्रकाशन होना है। चुनाव नजदीक आने से जनप्रतिनिधियों के सामने चुनावी रण में ताल ठोकने की तैयारी भी शुरू हो गई है। कई दावेदार तो अपनी कार व जीप में जिला पंचायत सदस्य पद के प्रत्याशी का बैनर, पोस्टर भी लगाकर चल रहे हैं। ग्राम पंचायतों का कार्यकाल का खत्म होने का डेढ़ माह ही शेष रह जाने से प्रधान बजट खपाने में जुट गए हैं। इसके साथ ही मनरेगा में फंसा भुगतान निकालने की भी जोड़-तोड़ तेज हो गई है। कार्यकाल समाप्त होने के साथ मनरेगा भी अंतिम दौर में है। इससे प्रधान अपनी फंसी धनराशि हर कीमत पर निकालने की जुगत में हैं। कुछ प्रधानों ने पूछने पर बताया कि यदि अप्रैल में राज्य वित्त व 15वें वित्त की धनराशि मिली तो तेजी से विकास कार्य कराकर मतदाताओं को खुश करेंगे। प्रधानों का कार्यकाल बढ़ा तो ग्राम पंचायत की अगली सरकार भी अपनी होगी।
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