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Farrukhabad News: पूर्व सैनिक गार्डों को चार माह से नहीं मिला मानदेय, काम बंद
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फर्रुखाबाद। शासन से स्वीकृति के बाद अस्पतालों की सुरक्षा के लिए उप्र पूर्व सैनिक कल्याण निगम से लिए गए पूर्व सैनिक गार्डों को चार माह से मानदेय नहीं मिला। इससे परेशान होकर गार्डों ने मंगलवार से काम बंद कर दिया। अस्पतालों में दिक्कतें शुरू हो गई हैं।
लोहिया पुरुष अस्पताल में 18, महिला में छह, लिंजीगंज और जिले की सभी सात सीएचसी पर 60 पूर्व सैनिकों की गार्ड के रूप में तैनाती की गई थी। 50 पूर्व सैनिक नियमित रूप से ड्यूटी कर रहे हैं। इन गार्डों को सीएमओ के यहां से मानदेय की स्वीकृति की जाती है। जून से सितंबर तक चार महीने का अब तक मानदेय नहीं दिया गया। पूर्व सैनिकों ने कई बार सीएमओ से मिलकर शीघ्र मानदेय दिलाने की मांग की। सुनवाई न होने पर सभी गार्डों ने मंगलवार से काम बंद कर दिया। उन्होंने निगम के कानपुर में अपने अफसरों को जानकारी भी दे दी।
गार्ड की व्यवस्था बंद होने से लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी में मनमाने तरीके से वाहनों को खड़ा किया जाने लगा है। रात के वक्त एक साथ कई-कई लोग इमरजेंसी में घुसने लगे है। इससे इलाज करने में भी दिक्कतें हो रही हैं। पूर्व सैनिकों का कहना है कि जब तक खातों में रुपये नहीं पहुंचेंगे, तब तक ड्यूटी नहीं करेंगे।
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सीएमओ डॉ. आनंद उपाध्याय ने बताया कि शासन से बजट मिलने के बाद विगत नौ अक्तूबर को बिल वाउचर बनवाकर कोषागार में भेज दिए हैं। कोषागार से निगम को भुगतान किया जा चुका है। पूर्व सैनिक गार्डों को निगम से भुगतान किया जाए।
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लोहिया पुरुष अस्पताल में 18, महिला में छह, लिंजीगंज और जिले की सभी सात सीएचसी पर 60 पूर्व सैनिकों की गार्ड के रूप में तैनाती की गई थी। 50 पूर्व सैनिक नियमित रूप से ड्यूटी कर रहे हैं। इन गार्डों को सीएमओ के यहां से मानदेय की स्वीकृति की जाती है। जून से सितंबर तक चार महीने का अब तक मानदेय नहीं दिया गया। पूर्व सैनिकों ने कई बार सीएमओ से मिलकर शीघ्र मानदेय दिलाने की मांग की। सुनवाई न होने पर सभी गार्डों ने मंगलवार से काम बंद कर दिया। उन्होंने निगम के कानपुर में अपने अफसरों को जानकारी भी दे दी।
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गार्ड की व्यवस्था बंद होने से लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी में मनमाने तरीके से वाहनों को खड़ा किया जाने लगा है। रात के वक्त एक साथ कई-कई लोग इमरजेंसी में घुसने लगे है। इससे इलाज करने में भी दिक्कतें हो रही हैं। पूर्व सैनिकों का कहना है कि जब तक खातों में रुपये नहीं पहुंचेंगे, तब तक ड्यूटी नहीं करेंगे।
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सीएमओ डॉ. आनंद उपाध्याय ने बताया कि शासन से बजट मिलने के बाद विगत नौ अक्तूबर को बिल वाउचर बनवाकर कोषागार में भेज दिए हैं। कोषागार से निगम को भुगतान किया जा चुका है। पूर्व सैनिक गार्डों को निगम से भुगतान किया जाए।