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जीएम ने डीजीएम को दीं गालियां
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
Updated Fri, 15 May 2015 11:40 PM IST
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बीएसएनएल में मुख्य महाप्रबंधक के साथ आडियो कांफ्रेसिंग के दौरान कार्यालय
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में जीएम और डीजीएम के बीच डीजल के बजट को लेकर विवाद हो गया। आरोप है कि
जीएम ने डीजीएम को गालियां देकर वहां से भगा दिया। डीजीएम ने इसकी शिकायत
विभाग के अफसरों को भेजी है।
लालगेट स्थित बीएसएनएल के जीएम आफिस में शुक्रवार को मुख्य महाप्रबंधक के साथ आडियो कांफ्रेसिंग हो रही थी। इसमें जीएम आरपी त्रिपाठी और डीजीएम वित्त पीसी दुबे के अलावा अन्य विभागीय अफसर भी बैठे हुए थे। इस दौरान जीएम ने डीजीएम से डीजल के लिए और बजट मांगने के लिए कहा। इस पर डीजीएम ने मना कर दिया। उनका कहना था कि अभी
डीजल के लिए बजट की कोई आवश्यकता नहीं है। इसको लेकर जीएम आरपी त्रिपाठी का उपमहाप्रबंधक वित्त पीसी दुबे से विवाद हो गया। इस दौरान महाप्रबंधक ने डीजीएम को गालियां देकर आफिस से जाने को कह दिया। यह सुनकर वहां पर मौजूद अन्य विभागीय अफसर सन्न रह गए। डीजीएम ने इसकी शिकायत विभाग के अफसरों से की है। डीजीएम ने बताया कि जीएम
मुख्य प्रबंधक से डीजल के लिए और बजट मांगने को कह रहे थे। उन्होंने मना कर दिया। इसी बात पर उन्होंने गालियां दीं और अभद्रता कर आफिस से जाने को कह दिया। बताया कि दो दिन पहले भी यह एक अधिकारी से अभद्रता कर चुके हैं। विभागीय
सूत्रों की मानें तो जिस समय जीएम ने चार्ज लिया उस समय डीजल का महीने का खर्चा 38 लाख रुपये होता था। इसके बाद खर्चा 50 लाख रुपये पहुंच गया। जनवरी 2015 में डीजीएम पीसी दुबे के आने के बाद खर्चा पर अंकुश लगाने के लिए कहा था। वहीं इस घटना को लेकर जीएम ने कुछ भी कहने से साफ मना कर दिया।
लालगेट स्थित बीएसएनएल के जीएम आफिस में शुक्रवार को मुख्य महाप्रबंधक के साथ आडियो कांफ्रेसिंग हो रही थी। इसमें जीएम आरपी त्रिपाठी और डीजीएम वित्त पीसी दुबे के अलावा अन्य विभागीय अफसर भी बैठे हुए थे। इस दौरान जीएम ने डीजीएम से डीजल के लिए और बजट मांगने के लिए कहा। इस पर डीजीएम ने मना कर दिया। उनका कहना था कि अभी
डीजल के लिए बजट की कोई आवश्यकता नहीं है। इसको लेकर जीएम आरपी त्रिपाठी का उपमहाप्रबंधक वित्त पीसी दुबे से विवाद हो गया। इस दौरान महाप्रबंधक ने डीजीएम को गालियां देकर आफिस से जाने को कह दिया। यह सुनकर वहां पर मौजूद अन्य विभागीय अफसर सन्न रह गए। डीजीएम ने इसकी शिकायत विभाग के अफसरों से की है। डीजीएम ने बताया कि जीएम
मुख्य प्रबंधक से डीजल के लिए और बजट मांगने को कह रहे थे। उन्होंने मना कर दिया। इसी बात पर उन्होंने गालियां दीं और अभद्रता कर आफिस से जाने को कह दिया। बताया कि दो दिन पहले भी यह एक अधिकारी से अभद्रता कर चुके हैं। विभागीय
सूत्रों की मानें तो जिस समय जीएम ने चार्ज लिया उस समय डीजल का महीने का खर्चा 38 लाख रुपये होता था। इसके बाद खर्चा 50 लाख रुपये पहुंच गया। जनवरी 2015 में डीजीएम पीसी दुबे के आने के बाद खर्चा पर अंकुश लगाने के लिए कहा था। वहीं इस घटना को लेकर जीएम ने कुछ भी कहने से साफ मना कर दिया।