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Farrukhabad News: अश्लील वीडियो देखने के आरोप में किसान को किया डिजिटल अरेस्ट, ठगे 37,500 रुपये
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हरियावां। सोशल मीडिया पर अश्लील वीडियो देखने के आरोप में महिला साइबर ठग ने किसान को डिजिटल अरेस्ट कर लिया। घबराए किसान ने जेवर गिरवी रख पांच बार में 37,500 रुपये महिला के खाते में ऑनलाइन भेजे। ठगी की आशंका पर उसने पुलिस को जानकारी दी।
कुरसेली गांव निवासी भानू प्रताप ने बताया कि बुधवार दोपहर उनके पास एक महिला की वीडियो कॉल आई। महिला ने खुद को पुलिस का दरोगा बताया। भानु प्रताप से कहा कि सोशल मीडिया पर अश्लील वीडियो बहुत देखते हो। इसके बाद उससे रुपयों की मांग की। रुपये न देने पर भानु प्रताप को अपने ही मोबाइल से एक वीडियो दिखाया जिसमें एक शख्स की पिटाई कथित तौर पर पुलिस कर्मी कर रहे थे। भानू इस पर घबरा गया। उसने दो बार में बताए गए खाते में दो-दो हजार रुपये भेज दिए।
इसके बाद आठ हजार रुपये और भेजे। इसके बाद उसके पास रुपये खत्म हो गए तो घर से जेवर ले जाकर हरियावां की एक दुकान पर गिरवी रख दिए। इसके बाद दो बार में 25,500 रुपये और भेज दिए। इसके बाद भी रुपये की मांग होती रही तो वह मदद मांगने एक दोस्त के पास गया। दोस्त ने ठगी की आशंका जताते हुए पुलिस में शिकायत करने की बात कही। इस पर भानु प्रताप थाने गया। थानाध्यक्ष वीर बहादुर सिंह ने बताया कि युवक साइबर ठगी का शिकार हुआ है। शिकायत ले ली है। मामला दर्ज कर जांच की जाएगी।
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डिजिटल अरेस्ट जैसा कुछ नहीं होता : सीओ
सीओ हरियावां अजीत चौहान ने बताया कि डिजिटल अरेस्ट जैसा कुछ भी नहीं होता। स्मार्टफोन इस्तेमाल करने वाले सभी लोगों को सतर्क रहना चाहिए। किसी न किसी बहाने से साइबर ठग लोगों से ठगी कर लेते हैं। याद रखना चाहिए कि पुलिस की ओर से कभी ओटीपी नहीं पूछा जाता है। अमूमन कोई बैंक कर्मी भी ओटीपी नहीं पूछते हैं।
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कुरसेली गांव निवासी भानू प्रताप ने बताया कि बुधवार दोपहर उनके पास एक महिला की वीडियो कॉल आई। महिला ने खुद को पुलिस का दरोगा बताया। भानु प्रताप से कहा कि सोशल मीडिया पर अश्लील वीडियो बहुत देखते हो। इसके बाद उससे रुपयों की मांग की। रुपये न देने पर भानु प्रताप को अपने ही मोबाइल से एक वीडियो दिखाया जिसमें एक शख्स की पिटाई कथित तौर पर पुलिस कर्मी कर रहे थे। भानू इस पर घबरा गया। उसने दो बार में बताए गए खाते में दो-दो हजार रुपये भेज दिए।
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इसके बाद आठ हजार रुपये और भेजे। इसके बाद उसके पास रुपये खत्म हो गए तो घर से जेवर ले जाकर हरियावां की एक दुकान पर गिरवी रख दिए। इसके बाद दो बार में 25,500 रुपये और भेज दिए। इसके बाद भी रुपये की मांग होती रही तो वह मदद मांगने एक दोस्त के पास गया। दोस्त ने ठगी की आशंका जताते हुए पुलिस में शिकायत करने की बात कही। इस पर भानु प्रताप थाने गया। थानाध्यक्ष वीर बहादुर सिंह ने बताया कि युवक साइबर ठगी का शिकार हुआ है। शिकायत ले ली है। मामला दर्ज कर जांच की जाएगी।
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डिजिटल अरेस्ट जैसा कुछ नहीं होता : सीओ
सीओ हरियावां अजीत चौहान ने बताया कि डिजिटल अरेस्ट जैसा कुछ भी नहीं होता। स्मार्टफोन इस्तेमाल करने वाले सभी लोगों को सतर्क रहना चाहिए। किसी न किसी बहाने से साइबर ठग लोगों से ठगी कर लेते हैं। याद रखना चाहिए कि पुलिस की ओर से कभी ओटीपी नहीं पूछा जाता है। अमूमन कोई बैंक कर्मी भी ओटीपी नहीं पूछते हैं।