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Farrukhabad News: घाेषित हो चुकी शत्रु संपत्तियां भी अवैध कब्जों से घिरीं

Sat, 18 Jul 2026 11:50 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 18 Jul 2026 11:50 PM IST
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Even declared enemy properties are beset by illegal encroachments.
फर्रुखाबाद। वर्ष 2029 तक शत्रु संपत्तियों को कब्जा मुक्त कराने के केंद्र सरकार के आदेश के बाद अवैध कब्जेदारों में खलबली मच गई है। घोषित हो चुकी 47 शत्रु संपत्तियों में से कई पर अवैध कब्जा है। 50 से अधिक संपत्तियों की अभी जांच ही चल रही है। इसके चलते स्थानीय प्रशासन को भी इन्हें खाली कराने के लिए मशक्कत करनी पड़ सकती है।
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देश छोड़कर पाकिस्तान की नागरिकता लेने वालों की ओर से छोड़ी गई संपत्तियां शत्रु संपत्तियां मानी जाती हैं। जीआई सर्वे में भूमि चिह्नित होने के बाद जिला प्रशासन ने जांच कराई। तहसील सदर में 16 और कायमगंज में 31 शत्रु संपत्तियां घोषित की जा चुकी हैं। अभी 50 से अधिक शत्रु संपत्तियों पर जांच चल रही है। केंद्र सरकार ने शत्रु संपत्तियों पर सख्त रुख अपनाते हुए 2029 तक कब्जा मुक्त कराने के आदेश दिए हैं।
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कमालगंज क्षेत्र के गांव भड़ौसा में चुन्न पुत्र बली मोहम्मद की 14 व उनके भाई नजर मोहम्मद पुत्र बली मोहम्मद की दो शत्रु संपत्ति घोषित हैं। करीब पांच वर्ष पूर्व इन शत्रु संपत्तियों का मूल्यांकन 20.61 लाख किया गया था। अब भूमि की कीमत और बढ़ चुकी है। वहीं कायमगंज के गांव चिलसरी में सत्तार अली पुत्र सूबा खां की तीन, गिर्द कायमगंज में इशहाक की पुत्री सईदा बेगम व साकिया बेगम की चार, चिलौली में इबरार अली खां व उनके भाई अब्बास अली खां की एक, लखनपुर में अब्दुल मुकीत खां की 25 संपत्तियां शत्रु संपत्ति घोषित है। इन बेशकीमती कई भूखंडों पर अवैध कब्जा बरकरार है। कुछ संपत्तियां तो दूसरों को बेची भी जा चुकी हैं। इससे स्थायी अतिक्रमण है। कोई मकान बनाकर रह रहा है तो कोई खेती कर रहा है। शासन के फरमान पर इन शत्रु संपत्तियों को कब्जा मुक्त कराया जाएगा। कुछ तो अपनी ऊंची पहुंच के भरोसे कब्जा बरकरार रखने का दावा भी कर रहे हैं।
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एडीएम अरुण कुमार सिंह ने बताया कि घोषित शत्रु संपत्तियों पर यदि कहीं अवैध कब्जा पाया जाता है तो उसे मुक्त कराया जाएगा। कुछ शत्रु संपत्तियों की जांच चल रही है। जांच पूरी होने पर इसकी रिपोर्ट संबंधित विभाग को भेजी जाएगी। वहीं से शत्रु संपत्ति घोषित की जाएगी।
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