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Farrukhabad News: इटावा-बरेली हाईवे पर लगा आठ किमी. लंबा जाम
Tue, 16 Sep 2025 12:35 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Tue, 16 Sep 2025 12:35 AM IST
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फोटो-12, इटवा-बरेली हाईवे पर जाम में फंसे वाहन। संवाद
फर्रुखाबाद। इटावा-बरेली नेशनल हाईवे पर सोमवार को करीब आठ किलोमीटर लंबा जाम लगा। सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
इससे आम लोगों के साथ एंबुलेंस और स्कूल बसें भी घंटों तक जाम में फंसी रहीं। वाहनों के अंदर बैठे लोग पसीना बहाते रहे। जाम देर शाम तक लगा रहा।
पांचाल घाट पुल पर एनएचएआई की ओर से मरम्मत का कार्य करवाया जा रहा है। सोमवार को पुल के पश्चिमी साइड की मरम्मत पूरी होने के बाद पूर्वी साइड डिवाइडर लगाकर यातायात को रोका गया। इससे यातायात विभाग के कर्मचारी पश्चिमी साइड से वाहनों को गुजार रहे थे।
ऐसे में सकरी सड़क से भारी वाहनों के निकलने में रविवार रात को ही पुल पर वाहनों का जमावड़ा लग गया। सुबह करीब आठ बजे पहुंची यातायात पुलिस ने वाहनों को बारी-बारी से निकालने का सिलसिला शुरू किया, लेकिन पहले वाहन निकालने और ओवरटेक करने की जल्दबाजी में वाहन आड़-तिरछे होकर सड़क पर फंस गए। इससे गंगा पुल के दोनों ओर हाईवे पर करीब आठ किलाेमीटर लंबा जाम लग गया।
जाम में स्कूली वाहनों के साथ ही एंबुलेंस भी फंसी रहीं। बसों में बैठे यात्री गर्मी और उमस से परेशान हो गए। पहले निकलने की जिद सभी पर भारी पड़ी। हालात यह रहे कि सुबह आठ बजे से जाम में फंसे वाहन धीरे-धीरे रेंगते हुए पुल से पार निकले।
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पर्याप्त पुलिस ने होने से जाम में फंसे
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रक और बस चालकों ने विपरीत साइड से निकलने की कोशिश की, इससे समस्या और बढ़ गई। लोगों ने बताया कि ट्रैफिक पुलिस की लापरवाही जाम का बड़ा कारण रही।
हाईवे पर पुल की मरम्मत के दौरान पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मियों के तैनात न होने से स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। वहीं, यातायात प्रभारी सतेंद्र सिंह ने बताया कि वाहन चालकों की जल्दबाजी और ओवरटेक करने से जाम लगा है। वह स्वयं सिपाहियों के साथ मिलकर जाम खुलवा रहे थे।
यातायात के सिपाही और राजेपुर पुलिस के बीच हुई कहासुनी
जाम के दौरान शहर की ओर के वाहन निकालने और उत्तरी साइड के वाहनों को रोके रहने का आरोप लगाकर यातायात के सिपाही और राजेपुर थाने की पुलिस में कहासुनी हो गई। पुलिस की मंशा रही कि शहर की ओर यदि वाहनों की कतार दिखेगी तो अधिकारियों को जानकारी हो जाएगी। राजेपुर की ओर वाहनों की कितनी भी लंबी कतारें लग जाएं, कोई देखने वाला नहीं है। इस पर यातायात के सिपाही ने रोस्टर से वाहनों को निकाले जाने की बात कही।
शाम को राजेपुर की ओर डायवर्ट किए वाहन
पूरे दिन जाम में फंसे वाहनों पर सवार लोगों ने विरोध जताया। इस पर राजेपुर पुलिस ने हाईवे पर कतार लगाए खड़े वाहनों को राजेपुर की ओर मोड़ दिया। पुलिस ने कहा कि हाईवे खाली होने पर ही जाम से निजात मिल सकेगी।
कई किमी. पैदल चलकर शहर पहुंचे लोग
जाम लगने के कारण शाहजहांपुर, हरदोई, बरेली आदि स्थानों से आने वाले यात्रियों को काफी जहमत उठानी पड़ी। दो-तीन घंटों तक जाम में फंसे रहने के बाद यात्री बसों से उतर गए। सड़क पर पैर रखने की जगह न होने पर यात्रियों ने पैदल ही सफर तय करने का निश्चय किया। यात्री करीब पांच किलोमीटर तक पैदल चलकर गंगा पुल को पार कर सके। लोग कई किमी. पैदल चल कर शहर पहुंचे। यहां से टेंपो और ई रिक्शा पकड़ कर अपने गंतव्य को रवाना हुए।
जाने के लिए पुल के अतिरिक्त नहीं कोई विकल्प
बरेली, शाहजहांपुर, हरदोई, पीलीभीत, बदायूं आदि जनपदों से फर्रुखाबाद आने के लिए गंगा का पुल पार करना होता है। गंगा पुल पर जाम लगने के कारण इसके अतिरिक्त अन्य कोई रास्ता नहीं है। रोडवेज बसों के साथ ही चार पहिया वाहनों को कन्नौज होकर आना होगा। इससे करीब 70 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करी पड़ेगी। गंगा का जलस्तर बढ़ा होने के चलते अभी पैंटून पुल भी नहीं बनाया जा सकता है।
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इससे आम लोगों के साथ एंबुलेंस और स्कूल बसें भी घंटों तक जाम में फंसी रहीं। वाहनों के अंदर बैठे लोग पसीना बहाते रहे। जाम देर शाम तक लगा रहा।
पांचाल घाट पुल पर एनएचएआई की ओर से मरम्मत का कार्य करवाया जा रहा है। सोमवार को पुल के पश्चिमी साइड की मरम्मत पूरी होने के बाद पूर्वी साइड डिवाइडर लगाकर यातायात को रोका गया। इससे यातायात विभाग के कर्मचारी पश्चिमी साइड से वाहनों को गुजार रहे थे।
ऐसे में सकरी सड़क से भारी वाहनों के निकलने में रविवार रात को ही पुल पर वाहनों का जमावड़ा लग गया। सुबह करीब आठ बजे पहुंची यातायात पुलिस ने वाहनों को बारी-बारी से निकालने का सिलसिला शुरू किया, लेकिन पहले वाहन निकालने और ओवरटेक करने की जल्दबाजी में वाहन आड़-तिरछे होकर सड़क पर फंस गए। इससे गंगा पुल के दोनों ओर हाईवे पर करीब आठ किलाेमीटर लंबा जाम लग गया।
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जाम में स्कूली वाहनों के साथ ही एंबुलेंस भी फंसी रहीं। बसों में बैठे यात्री गर्मी और उमस से परेशान हो गए। पहले निकलने की जिद सभी पर भारी पड़ी। हालात यह रहे कि सुबह आठ बजे से जाम में फंसे वाहन धीरे-धीरे रेंगते हुए पुल से पार निकले।
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पर्याप्त पुलिस ने होने से जाम में फंसे
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रक और बस चालकों ने विपरीत साइड से निकलने की कोशिश की, इससे समस्या और बढ़ गई। लोगों ने बताया कि ट्रैफिक पुलिस की लापरवाही जाम का बड़ा कारण रही।
हाईवे पर पुल की मरम्मत के दौरान पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मियों के तैनात न होने से स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। वहीं, यातायात प्रभारी सतेंद्र सिंह ने बताया कि वाहन चालकों की जल्दबाजी और ओवरटेक करने से जाम लगा है। वह स्वयं सिपाहियों के साथ मिलकर जाम खुलवा रहे थे।
यातायात के सिपाही और राजेपुर पुलिस के बीच हुई कहासुनी
जाम के दौरान शहर की ओर के वाहन निकालने और उत्तरी साइड के वाहनों को रोके रहने का आरोप लगाकर यातायात के सिपाही और राजेपुर थाने की पुलिस में कहासुनी हो गई। पुलिस की मंशा रही कि शहर की ओर यदि वाहनों की कतार दिखेगी तो अधिकारियों को जानकारी हो जाएगी। राजेपुर की ओर वाहनों की कितनी भी लंबी कतारें लग जाएं, कोई देखने वाला नहीं है। इस पर यातायात के सिपाही ने रोस्टर से वाहनों को निकाले जाने की बात कही।
शाम को राजेपुर की ओर डायवर्ट किए वाहन
पूरे दिन जाम में फंसे वाहनों पर सवार लोगों ने विरोध जताया। इस पर राजेपुर पुलिस ने हाईवे पर कतार लगाए खड़े वाहनों को राजेपुर की ओर मोड़ दिया। पुलिस ने कहा कि हाईवे खाली होने पर ही जाम से निजात मिल सकेगी।
कई किमी. पैदल चलकर शहर पहुंचे लोग
जाम लगने के कारण शाहजहांपुर, हरदोई, बरेली आदि स्थानों से आने वाले यात्रियों को काफी जहमत उठानी पड़ी। दो-तीन घंटों तक जाम में फंसे रहने के बाद यात्री बसों से उतर गए। सड़क पर पैर रखने की जगह न होने पर यात्रियों ने पैदल ही सफर तय करने का निश्चय किया। यात्री करीब पांच किलोमीटर तक पैदल चलकर गंगा पुल को पार कर सके। लोग कई किमी. पैदल चल कर शहर पहुंचे। यहां से टेंपो और ई रिक्शा पकड़ कर अपने गंतव्य को रवाना हुए।
जाने के लिए पुल के अतिरिक्त नहीं कोई विकल्प
बरेली, शाहजहांपुर, हरदोई, पीलीभीत, बदायूं आदि जनपदों से फर्रुखाबाद आने के लिए गंगा का पुल पार करना होता है। गंगा पुल पर जाम लगने के कारण इसके अतिरिक्त अन्य कोई रास्ता नहीं है। रोडवेज बसों के साथ ही चार पहिया वाहनों को कन्नौज होकर आना होगा। इससे करीब 70 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करी पड़ेगी। गंगा का जलस्तर बढ़ा होने के चलते अभी पैंटून पुल भी नहीं बनाया जा सकता है।

फोटो-12, इटवा-बरेली हाईवे पर जाम में फंसे वाहन। संवाद

फोटो-12, इटवा-बरेली हाईवे पर जाम में फंसे वाहन। संवाद