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Farrukhabad News: डाॅक्टर ने डीएनए नमूना लेने से किया इन्कार, दो घंटे भटकी दुष्कर्म पीड़िता
Mon, 15 Sep 2025 12:23 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Mon, 15 Sep 2025 12:23 AM IST
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फोटो-14, लोहिया महिला अस्पताल में खड़े हिंदूवादी संगठन के नेता। संवाद
फर्रुखाबाद। कंप्यूटर सिखाने के बहाने पिछले हफ्ते एक छात्रा से दुष्कर्म किया गया था। इस मामले में रविवार को लोहिया महिला अस्पताल में डॉक्टर ने पीड़िता का डीएनए कराने के लिए नमूना लेने से इन्कार कर दिया।
सूचना पर पहुंचे हिंदू संगठन के नेताओं के हस्तक्षेप पर सीएमएस ने डॉक्टर को भेजकर नमूना निकलवाया। वहीं, नमूना रखने के लिए परिजनों से ही किट मंगवाई गई। मनमानी के चलते पीड़िता को करीबदो घंटे अस्पताल में भटकना पड़ा।
कंपिल थाने के एक गांव निवासी छात्रा के साथ चार दिन पहले कोचिंग संचालक शीबू, उसके भाई सलमान व साथी अनस ने दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया था। शुरुआत में पुलिस पूरे मामले को दबाती रही, मगर मामला आम होने पर पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। पुलिस रविवार को पीड़िता का डीएनए टेस्ट कराने के लिए लोहिया महिला अस्पताल पहुंची। उनके साथ ग्राम प्रधान, पीड़िता की बहन व पिता भी थे।
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वहां, इमरजेंसी में पीड़िता का डीएनए के लिए नमूना लेने से डॉक्टर ने इन्कार कर दिया। पीड़िता को वापस जाने को कहा गया। उधर, इसकी जानकारी होते ही अंतरराष्ट्रीय हिंदू रक्षा मंच के जिलाध्यक्ष रामवीर सिंह चौहान, सभासद अनिल तिवारी, डॉ. निधि मिश्रा मौके पर पहुंच गए। उनके साथ प्रीती तिवारी, हिंदू महासभा युवा प्रदेश अध्यक्ष विमलेश मिश्रा, भाजपा नेता शिवम दुबे, विवेकानंद आचार्य, सौरभ मिश्रा भी पहुंचे। उन्होंने सीएमएस डॉ. धीर सिंह से इस बात को लेकर नाराजगी जताई। इसके बाद उन्होंने एक डॉक्टर को भेजकर नमूना निकलवाया।
बताते हैं कि नमूना रखने के लिए एअर टाइट किट परिजनों से ही बाजार से मंगवाई गई। करीब दो घंटे तक भटकने के बाद पीड़िता घर रवाना हो सकी।
किसी भी पीड़िता का काम तुरंत करने के निर्देश : सीएमएस
सीएमएस डॉ. धीर सिंह ने बताया कि एमएलपीसी जिस डॉक्टर ने की थी, उनकी ड्यूटी नहीं थी। इसीलिए दूसरी डॉक्टर ने इन्कार किया था। उन्होंने व्यवस्था करवा दी थी। थर्माकोल किट लाने की जिम्मेदारी पुलिस की है। उन्होंने किससे मंगवाई यह उन्हें पता नहीं है। वैसे किट काफी सस्ती आती है। अस्पताल स्टाफ को किसी भी पीड़िता का काम तुरंत करने के निर्देश दे दिए हैं।
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सूचना पर पहुंचे हिंदू संगठन के नेताओं के हस्तक्षेप पर सीएमएस ने डॉक्टर को भेजकर नमूना निकलवाया। वहीं, नमूना रखने के लिए परिजनों से ही किट मंगवाई गई। मनमानी के चलते पीड़िता को करीबदो घंटे अस्पताल में भटकना पड़ा।
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कंपिल थाने के एक गांव निवासी छात्रा के साथ चार दिन पहले कोचिंग संचालक शीबू, उसके भाई सलमान व साथी अनस ने दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया था। शुरुआत में पुलिस पूरे मामले को दबाती रही, मगर मामला आम होने पर पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। पुलिस रविवार को पीड़िता का डीएनए टेस्ट कराने के लिए लोहिया महिला अस्पताल पहुंची। उनके साथ ग्राम प्रधान, पीड़िता की बहन व पिता भी थे।
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वहां, इमरजेंसी में पीड़िता का डीएनए के लिए नमूना लेने से डॉक्टर ने इन्कार कर दिया। पीड़िता को वापस जाने को कहा गया। उधर, इसकी जानकारी होते ही अंतरराष्ट्रीय हिंदू रक्षा मंच के जिलाध्यक्ष रामवीर सिंह चौहान, सभासद अनिल तिवारी, डॉ. निधि मिश्रा मौके पर पहुंच गए। उनके साथ प्रीती तिवारी, हिंदू महासभा युवा प्रदेश अध्यक्ष विमलेश मिश्रा, भाजपा नेता शिवम दुबे, विवेकानंद आचार्य, सौरभ मिश्रा भी पहुंचे। उन्होंने सीएमएस डॉ. धीर सिंह से इस बात को लेकर नाराजगी जताई। इसके बाद उन्होंने एक डॉक्टर को भेजकर नमूना निकलवाया।
बताते हैं कि नमूना रखने के लिए एअर टाइट किट परिजनों से ही बाजार से मंगवाई गई। करीब दो घंटे तक भटकने के बाद पीड़िता घर रवाना हो सकी।
किसी भी पीड़िता का काम तुरंत करने के निर्देश : सीएमएस
सीएमएस डॉ. धीर सिंह ने बताया कि एमएलपीसी जिस डॉक्टर ने की थी, उनकी ड्यूटी नहीं थी। इसीलिए दूसरी डॉक्टर ने इन्कार किया था। उन्होंने व्यवस्था करवा दी थी। थर्माकोल किट लाने की जिम्मेदारी पुलिस की है। उन्होंने किससे मंगवाई यह उन्हें पता नहीं है। वैसे किट काफी सस्ती आती है। अस्पताल स्टाफ को किसी भी पीड़िता का काम तुरंत करने के निर्देश दे दिए हैं।