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नर्स ने गर्भवती को भगाया तो अस्पताल गेट पर कराना पड़ा प्रसव, नवजात की मौत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रूखाबाद
Updated Thu, 22 Nov 2018 06:25 AM IST
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कमालगंज सीएचसी गेट पर इस तरह से प्रसूता ने बच्चे को जना
कमालगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर बुधवार सुबह गर्भवती का गेट पर ही प्रसव हो गया और नवजात की मौत हो गई। परिजनों ने स्टाफ नर्स पर भर्ती करने के बजाय गर्भवती को धक्का देकर निकालने का आरोप लगाया है। सीएमओ डॉ. अरुण कुमार मामले की जांच का भरोसा दिया है, हालांकि वह किसी काम से बाहर गए थे।
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भूलनपुर चिरपुरा गांव निवासी पुष्पेंद्र ने बताया कि उसकी पत्नी रीतू (26) को बुधवार सुबह करीब 11 बजे प्रसव पीड़ा हुई। वह आशा कार्यकर्ता श्रीदेवी के साथ एंबुलेंस से पत्नी को 12 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचा। स्टाफ नर्स रश्मि ने भर्ती करने के बजाय लोहिया अस्पताल ले जाने के लिए कहा।
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दूसरी स्टाफ नर्स ने कहा कि प्रसव दस मिनट में हो जाएगा, पर रश्मि ने लोहिया अस्पताल ले जाने की बात कहते हुए रीतू को धक्का देकर निकाल दिया। रीतू अपनी सास धन देवी और पति के साथ गेट तक पहुंची थी कि प्रसव हो गया।
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आसपास की महिलाओं ने साड़ी बांधकर आड़ किया। प्रसव के दौरान नवजात की मौत हो गई। प्रसूता के घर वालों का आरोप है कि स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर तमाशबीन बने रहे। प्रसव होने के बाद नर्स रश्मि बाहर आई और रीतू को ले जाकर भर्ती किया।
परिजनों ने बताया कि प्रसव के दौरान जमीन पर गिरने से नवजात की मौत हो गई। नर्स रश्मि का कहना है कि प्रसूता का चेकअप किया था। बच्चे की धड़कन नहीं मिल रही थी, इसलिए उसे लोहिया अस्पताल रेफर किया था।