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पीसीएफ गोदाम की डीएपी खाद का नमूना फेल
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फर्रुखाबाद। नवाबगंज क्षेत्र के मंझना गांव स्थित पीसीएफ गोदाम पर सुपर फास्फेट से डीएपी बनाकर बेचे जाने की सूचना पर तीन माह पूर्व भरा गया नमूना जांच में फेल हो गया। डीएपी के नमूने की जांच में नाइट्रोजन मिली ही नहीं और फास्फेट की मात्रा भी काफी कम पाई गई। इससे गोदाम प्रभारी के खिलाफ दर्ज कराए गए मुकदमे में धाराएं और बढ़ेंगी।
इसके अलावा शमसाबाद के राजपूत खां भंडार का नमूना भी जांच में फेल हुआ है। इस मामले में खाद डीलर के खिलाफ नोटिस जारी कर दी गई है।
मंझना स्थित पीसीएफ गोदाम में मिलावटी खाद बेचकर मोटी कमाई की जा रही थी। नवंबर 2018 में जिला कृषि अधिकारी ने टीम के साथ शिकायत पर छापा मारा था। टीम ने नमूना भरने के साथ गोदाम प्रभारी सुग्रीव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी।
जिला कृषि अधिकारी राकेश कुमार सिंह ने बताया कि लैब में कराई गई जांच में नमूना फेल हो गया। डीएपी में नाइट्रोजन की मात्रा 18 की जगह शून्य पाई गई।
जबकि फास्फेट की मात्रा 30 फीसदी ही पाई गई। गोदाम संचालक के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम व उर्वरक नियंत्रण आदेश 1983 के तहत कार्रवाई चल रही है। नमूना फेल होने से मिलावट की पुष्टि भी हो गई। उधर, शमसाबाद स्थित राजपूत खाद भंडार से नवंबर में नवरत्ना ब्रांड की डीएपी का नमूना लिया गया था। जांच में नाइट्रोजन व फास्फेट आदि कम पाए जाने पर नमूना फेल हो गया। इस मामले में खाद डीलर को नोटिस जारी किया गया है।
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इसके अलावा शमसाबाद के राजपूत खां भंडार का नमूना भी जांच में फेल हुआ है। इस मामले में खाद डीलर के खिलाफ नोटिस जारी कर दी गई है।
मंझना स्थित पीसीएफ गोदाम में मिलावटी खाद बेचकर मोटी कमाई की जा रही थी। नवंबर 2018 में जिला कृषि अधिकारी ने टीम के साथ शिकायत पर छापा मारा था। टीम ने नमूना भरने के साथ गोदाम प्रभारी सुग्रीव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी।
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जिला कृषि अधिकारी राकेश कुमार सिंह ने बताया कि लैब में कराई गई जांच में नमूना फेल हो गया। डीएपी में नाइट्रोजन की मात्रा 18 की जगह शून्य पाई गई।
जबकि फास्फेट की मात्रा 30 फीसदी ही पाई गई। गोदाम संचालक के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम व उर्वरक नियंत्रण आदेश 1983 के तहत कार्रवाई चल रही है। नमूना फेल होने से मिलावट की पुष्टि भी हो गई। उधर, शमसाबाद स्थित राजपूत खाद भंडार से नवंबर में नवरत्ना ब्रांड की डीएपी का नमूना लिया गया था। जांच में नाइट्रोजन व फास्फेट आदि कम पाए जाने पर नमूना फेल हो गया। इस मामले में खाद डीलर को नोटिस जारी किया गया है।
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