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आत्महत्या को प्रेरित करने में पति को पांच साल की सजा
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अपर जिला जज सप्तम छाया नैन ने दहेज की मांग पूरी न होने पर आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के मुकदमे में पति को दोषी पाकर पांच साल की सजा सुनाई है। 15 हजार रुपये जुर्माना किया है। तीन भाई और मां को साक्ष्य के अभाव में मुकदमे से दोषमुक्त कर दिया गया है।
मेरापुर थाना क्षेत्र के पखना गांव निवासी झंगीलाल उर्फ झंगलाल के पुत्र रिंकू की शादी वर्ष 2011 में सदावती के साथ हुई थी। शादी के बाद ससुराल वाले दहेज में बाइक और अंगूठी की मांग के लिए विवाहिता को प्रताड़ित करने लगे।
6 जनवरी 2012 को विवाहिता ने जहर खा लिया और 7 जनवरी को इलाज के दौरान महिला ने दत तोड़ दिया। मृतका के पिता रामदास ने पति रिंकू, इनके भाई किशन लाल, ब्रह्मपाल, सुखवीर और मां रामलड़ैती उर्फ मायादेवी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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पुलिस ने जांच कर अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता हरनाथ सिंह ने दलीलें पेश कीं।
सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश ने आरोपी पति रिंकू को दहेज उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के जुर्म में दोषी पाकर सजा और जुर्माने से दंडित किया है।
जबकि आरोपी किशनलाल, ब्रह्मपाल, सुखवीर व रामलड़ैती उर्फ मायादेवी को साक्ष्य के अभाव में मुकदमे से दोषमुक्त कर दिया है।
आत्महत्या के लिए प्रेरित करने में पति को पांच साल की कैद
15 हजार रुपये किया गया जुर्माना, तीन भाई और मां साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त
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मेरापुर थाना क्षेत्र के पखना गांव निवासी झंगीलाल उर्फ झंगलाल के पुत्र रिंकू की शादी वर्ष 2011 में सदावती के साथ हुई थी। शादी के बाद ससुराल वाले दहेज में बाइक और अंगूठी की मांग के लिए विवाहिता को प्रताड़ित करने लगे।
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6 जनवरी 2012 को विवाहिता ने जहर खा लिया और 7 जनवरी को इलाज के दौरान महिला ने दत तोड़ दिया। मृतका के पिता रामदास ने पति रिंकू, इनके भाई किशन लाल, ब्रह्मपाल, सुखवीर और मां रामलड़ैती उर्फ मायादेवी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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पुलिस ने जांच कर अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता हरनाथ सिंह ने दलीलें पेश कीं।
सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश ने आरोपी पति रिंकू को दहेज उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के जुर्म में दोषी पाकर सजा और जुर्माने से दंडित किया है।
जबकि आरोपी किशनलाल, ब्रह्मपाल, सुखवीर व रामलड़ैती उर्फ मायादेवी को साक्ष्य के अभाव में मुकदमे से दोषमुक्त कर दिया है।
आत्महत्या के लिए प्रेरित करने में पति को पांच साल की कैद
15 हजार रुपये किया गया जुर्माना, तीन भाई और मां साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त