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Farrukhabad News: छेड़छाड़ के नौ साल पुराने मामले में दोष साबित
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फर्रुखाबाद। छेड़छाड़ के नौ वर्ष पुराने मामले में विशेष पॉक्सो न्यायालय ने आरोपी रामकरन को दोषी करार दिया। सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए अदालत ने 18 मई की तारीख तय की है।
थाना मऊदरवाजा क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने वर्ष 2017 में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उसमें कहा था कि उसकी बहन और भाई की पत्नी 23 फरवरी 2017 को बाजार से दवा लेकर लौट रही थीं। दोपहर करीब दो बजे पशु बाजार के पास उसकी बहन लघु शंका के लिए अंदर गई। वहां पहले से मौजूद न्यामतपुर निवासी रामकरन ने उसे बुरी नीयत से पकड़ लिया और छेड़छाड़ करते हुए घसीटने लगा।
पीड़िता और उसकी भाभी के शोर मचाने पर पास में काम कर रहा भाई मौके पर पहुंच गया। उसने फोन पर उसको घटना की जानकारी दी। मौके पर पहुंचने पर आरोपी रामकरन और उसके पुत्र ने उसके साथ लाठी-डंडों से मारपीट की। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट एवं अपर सत्र न्यायाधीश रितिका त्यागी ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी रामकरन के खिलाफ छेड़छाड़ के आरोप को संदेह से परे साबित करने में सफल रहा, जबकि मारपीट और पॉक्सो एक्ट के आरोप सिद्ध नहीं हो सके। अदालत ने आरोपी रामकरन की जमानत निरस्त कर उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने के आदेश दिए।
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थाना मऊदरवाजा क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने वर्ष 2017 में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उसमें कहा था कि उसकी बहन और भाई की पत्नी 23 फरवरी 2017 को बाजार से दवा लेकर लौट रही थीं। दोपहर करीब दो बजे पशु बाजार के पास उसकी बहन लघु शंका के लिए अंदर गई। वहां पहले से मौजूद न्यामतपुर निवासी रामकरन ने उसे बुरी नीयत से पकड़ लिया और छेड़छाड़ करते हुए घसीटने लगा।
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पीड़िता और उसकी भाभी के शोर मचाने पर पास में काम कर रहा भाई मौके पर पहुंच गया। उसने फोन पर उसको घटना की जानकारी दी। मौके पर पहुंचने पर आरोपी रामकरन और उसके पुत्र ने उसके साथ लाठी-डंडों से मारपीट की। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट एवं अपर सत्र न्यायाधीश रितिका त्यागी ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी रामकरन के खिलाफ छेड़छाड़ के आरोप को संदेह से परे साबित करने में सफल रहा, जबकि मारपीट और पॉक्सो एक्ट के आरोप सिद्ध नहीं हो सके। अदालत ने आरोपी रामकरन की जमानत निरस्त कर उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने के आदेश दिए।
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