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Farrukhabad News: लंबे रूट पर लगाईं बसें, कम दूरी वाले यात्री भटके
Mon, 20 Oct 2025 12:28 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Mon, 20 Oct 2025 12:28 AM IST
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फोटो- 13, रोडवेज बस अड्डा पर लगी यात्रियों की भीड़। संवाद
फर्रुखाबाद। रोडवेज प्रशासन ने डिपो की अधिकांश बसें दिल्ली, आगरा रूट पर लगा दीं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में जाने वाले यात्री भटकने को मजबूर हो गए।
बस अड्डे पर कर्मचारी लोकल मार्गों पर बसें उपलब्ध कराने में नाकाम रहे। एक-दो बसें आईं तो उनमें चढ़ने के लिए लोगों को धक्का-मुक्की का सामना करना पड़ा।
डिपो की सभी बसें सड़कों पर दौड़ाने के दावों के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में जाने वाले यात्री बेहाल रहे। डिपो ने अधिकांश बसों को दिल्ली रूट पर भेज दिया, जो बचीं उन्हें आगरा, कानपुर व बरेली लगाया गया।
ऐसे में स्थानीय के अलावा अन्य डिपो से आने वाले यात्रियों को गांवों में जाने के लिए मशक्कत का सामना करना पड़ा। जब भी बस आई, तो धक्का-मुक्की के बाद ही चढ़ने को मिला। दिल्ली से आने वाली बसें वापसी में खाली जाती रहीं। एआरएम राजेश कुमार सिंह ने बताया कि वह खुद बस अड्डे की व्यवस्थाएं देखते रहे। यात्रियों को दिक्कत नहीं हुई।
बस की छत पर बैठाया, पूरा किराया वसूला
निजी बसों में हद यह हो गई कि जिन बसों की छतों पर सामान भरा था। उसके बाद जो जगह खाली बची, उसमें भी 700 रुपये वसूलकर दूर गांवों में रह रहे लोगों को बैठाकर लाया गया। इस ओर किसी भी जिम्मेदार ने ध्यान नहीं दिया।
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गनीमत रही कि कोई अनहोनी नहीं हुई। दिल्ली से आने वाली डग्गामार बसों का आलम यह रहा कि वह यात्रियों से किराया 700 रुपये वसूल रहे थे। उनका साफ कहना था कि वह चाहें 10 किमी दूर जाएं, मगर किराया पूरा देना होगा। इससे रास्ते में जाने वाले लोग खासे परेशान रहे।
टेंपो, टैक्सी संचालकों ने उठाया फायदा
त्योहारों पर ग्रामीण क्षेत्रों के लिए रोडवेज बसें न होने का टेंपो, टैक्सी संचालकों ने फायदा उठाया। बस अड्डे के सामने से दिन भर वाहन भरे जाते रहे।
सबसे ज्यादा, शमसाबाद, सरह, भरखा, अर्जुनपुर, राजेपुर, अमृतपुर, जरियनपुर, मोहम्मदाबाद, संकिसा, सराय अगहत, अचरा, नवाबगंज, कमालगंज, गुरसहायगंज आदि स्थानों पर जाने वाले टेंपो-टैक्सी दिन भर यात्रियों से भरे रहे। देर रात तक खासी भीड़ रही।
वहीं, दिल्ली आनंद विहार से फर्रुखाबाद तक का रोडवेज बसों में 509 रुपये प्रति यात्री किराया है। जबकि निजी बसों में अलीगंज, कायमगंज के अलावा फर्रुखाबाद तक आने वाले यात्रियों से 700 रुपये वसूले गए।
यही नहीं मनमानी इतनी कि बस संचालकों ने यात्रियों को अपने सहूलियत स्थान पर उतारने की बजाय एक-दो किमी आगे-पीछे उतारा। लिहाजा उन्हें खासकर महिलाओं और बच्चों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। (संवाद)
36 घंटे बाद बदला जा सका खटारा बस का एक्सल
फर्रुखाबाद। रोडवेज बस की कार्यशाला में बसों की समय से मरम्मत की असलियत संकिसा, नौली जाने वाली बस के जरिए सामने आ गई। शनिवार सुबह संकिसा से आते समय सेंट्रल जेल चौराहे पर बस का एक्सल टूट गया था।
इस बस को दोपहर में ही कार्यशाला पहुंचाया गया। लापरवाही में इस बस को रविवार शाम साढ़े पांच बजे सही किया जा सका। करीब छह बजे यह बस संकिसा, सराय अगहत, मेरापुर होकर नौली के लिए रवाना हो सकी।
इस दौरान यात्री बस अड्डे पर परेशान रहे। शनिवार को दूसरी बस न जाने से यात्री भटकते रहे। फोरमैन सक्षम ने बताया कि बस में अधिक नुकसान हुआ था। इसीलिए मरम्मत में समय लग गया। (संवाद)
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बस अड्डे पर कर्मचारी लोकल मार्गों पर बसें उपलब्ध कराने में नाकाम रहे। एक-दो बसें आईं तो उनमें चढ़ने के लिए लोगों को धक्का-मुक्की का सामना करना पड़ा।
डिपो की सभी बसें सड़कों पर दौड़ाने के दावों के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में जाने वाले यात्री बेहाल रहे। डिपो ने अधिकांश बसों को दिल्ली रूट पर भेज दिया, जो बचीं उन्हें आगरा, कानपुर व बरेली लगाया गया।
ऐसे में स्थानीय के अलावा अन्य डिपो से आने वाले यात्रियों को गांवों में जाने के लिए मशक्कत का सामना करना पड़ा। जब भी बस आई, तो धक्का-मुक्की के बाद ही चढ़ने को मिला। दिल्ली से आने वाली बसें वापसी में खाली जाती रहीं। एआरएम राजेश कुमार सिंह ने बताया कि वह खुद बस अड्डे की व्यवस्थाएं देखते रहे। यात्रियों को दिक्कत नहीं हुई।
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बस की छत पर बैठाया, पूरा किराया वसूला
निजी बसों में हद यह हो गई कि जिन बसों की छतों पर सामान भरा था। उसके बाद जो जगह खाली बची, उसमें भी 700 रुपये वसूलकर दूर गांवों में रह रहे लोगों को बैठाकर लाया गया। इस ओर किसी भी जिम्मेदार ने ध्यान नहीं दिया।
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गनीमत रही कि कोई अनहोनी नहीं हुई। दिल्ली से आने वाली डग्गामार बसों का आलम यह रहा कि वह यात्रियों से किराया 700 रुपये वसूल रहे थे। उनका साफ कहना था कि वह चाहें 10 किमी दूर जाएं, मगर किराया पूरा देना होगा। इससे रास्ते में जाने वाले लोग खासे परेशान रहे।
टेंपो, टैक्सी संचालकों ने उठाया फायदा
त्योहारों पर ग्रामीण क्षेत्रों के लिए रोडवेज बसें न होने का टेंपो, टैक्सी संचालकों ने फायदा उठाया। बस अड्डे के सामने से दिन भर वाहन भरे जाते रहे।
सबसे ज्यादा, शमसाबाद, सरह, भरखा, अर्जुनपुर, राजेपुर, अमृतपुर, जरियनपुर, मोहम्मदाबाद, संकिसा, सराय अगहत, अचरा, नवाबगंज, कमालगंज, गुरसहायगंज आदि स्थानों पर जाने वाले टेंपो-टैक्सी दिन भर यात्रियों से भरे रहे। देर रात तक खासी भीड़ रही।
वहीं, दिल्ली आनंद विहार से फर्रुखाबाद तक का रोडवेज बसों में 509 रुपये प्रति यात्री किराया है। जबकि निजी बसों में अलीगंज, कायमगंज के अलावा फर्रुखाबाद तक आने वाले यात्रियों से 700 रुपये वसूले गए।
यही नहीं मनमानी इतनी कि बस संचालकों ने यात्रियों को अपने सहूलियत स्थान पर उतारने की बजाय एक-दो किमी आगे-पीछे उतारा। लिहाजा उन्हें खासकर महिलाओं और बच्चों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। (संवाद)
36 घंटे बाद बदला जा सका खटारा बस का एक्सल
फर्रुखाबाद। रोडवेज बस की कार्यशाला में बसों की समय से मरम्मत की असलियत संकिसा, नौली जाने वाली बस के जरिए सामने आ गई। शनिवार सुबह संकिसा से आते समय सेंट्रल जेल चौराहे पर बस का एक्सल टूट गया था।
इस बस को दोपहर में ही कार्यशाला पहुंचाया गया। लापरवाही में इस बस को रविवार शाम साढ़े पांच बजे सही किया जा सका। करीब छह बजे यह बस संकिसा, सराय अगहत, मेरापुर होकर नौली के लिए रवाना हो सकी।
इस दौरान यात्री बस अड्डे पर परेशान रहे। शनिवार को दूसरी बस न जाने से यात्री भटकते रहे। फोरमैन सक्षम ने बताया कि बस में अधिक नुकसान हुआ था। इसीलिए मरम्मत में समय लग गया। (संवाद)