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लक्ष्मण व भरत जैसा भाई संसार में नहीं मिल सकता: शांतनु महाराज
Wed, 23 Apr 2025 11:37 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Wed, 23 Apr 2025 11:37 PM IST
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रामकथा सुनाते आचार्य शांतनु महाराज।
- फोटो : मौके पर पूछताछ करती पुलिस।
मोहम्मदाबाद। रामलीला दशहरा मैदान मोहम्मदाबाद में चल रही रामकथा के आठवें दिन बुधवार को आचार्य शांतनु ने राम-भरत मिलाप का प्रसंग सुनाया तो श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए।
आचार्य शांतनु महाराज ने कहा कि कहा कि भगवान राम ने स्वयं कहा कि लक्ष्मण व भरत जैसा भाई संसार में नहीं मिल सकता। जनक ने रानी सुनयना से कहा कि भरत की महिमा राम जानते तो हैं, परंतु वे बता नहीं सकते। पिता की मृत्यु और प्रभु राम वन गमन का समाचार मिलने पर भरत विलाप करने लगे। माता कौशल्या के समझाने पर भरत शांत हुए। चित्रकूट में भरत प्रभु राम से मिलते हैं तो उनके चरणों में गिर जाते हैं। भगवान राम भरत को गले लगाते हैं तो दोनों लोगों के आंसू रुकने का नाम नहीं लेते। राम के आदेश पर भरत उनकी चरण पादुका लेकर अयोध्या आए और सिंहासन पर रखते हुए राजकाज को संभाला है। शांति स्वरूप गुप्ता, जितेंद्र सिंह, कमलेश कठेरिया, अवधेश गुप्ता, बुद्धसेन गुप्ता, राजेश वर्मा, नितिन गुप्ता, मुकेश गुप्ता, पवन श्रीवास्तव व शैलेश मिश्र आदि रहे।
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आचार्य शांतनु महाराज ने कहा कि कहा कि भगवान राम ने स्वयं कहा कि लक्ष्मण व भरत जैसा भाई संसार में नहीं मिल सकता। जनक ने रानी सुनयना से कहा कि भरत की महिमा राम जानते तो हैं, परंतु वे बता नहीं सकते। पिता की मृत्यु और प्रभु राम वन गमन का समाचार मिलने पर भरत विलाप करने लगे। माता कौशल्या के समझाने पर भरत शांत हुए। चित्रकूट में भरत प्रभु राम से मिलते हैं तो उनके चरणों में गिर जाते हैं। भगवान राम भरत को गले लगाते हैं तो दोनों लोगों के आंसू रुकने का नाम नहीं लेते। राम के आदेश पर भरत उनकी चरण पादुका लेकर अयोध्या आए और सिंहासन पर रखते हुए राजकाज को संभाला है। शांति स्वरूप गुप्ता, जितेंद्र सिंह, कमलेश कठेरिया, अवधेश गुप्ता, बुद्धसेन गुप्ता, राजेश वर्मा, नितिन गुप्ता, मुकेश गुप्ता, पवन श्रीवास्तव व शैलेश मिश्र आदि रहे।
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