{"_id":"60ae91da8ebc3efad14b9d07","slug":"black-fungus-farrukhabad-news-knp63058913","type":"story","status":"publish","title_hn":"ब्लैक फंगस के लक्षण वाले मरीज को पीजीआई के लिए रेफर किया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ब्लैक फंगस के लक्षण वाले मरीज को पीजीआई के लिए रेफर किया
विज्ञापन
कमालगंज। क्षेत्र के गांव भटपुरा निवासी ब्लैक फंगस के लक्षण वाले मरीज को बुधवार को सीएचसी कमालगंज से लखनऊ पीजीआई के लिए रेफर किया गया। दो दिन पूर्व परिजन मरीज को सैफई मेडिकल कॉलेज ले गए थे। वहां भर्ती न किए जाने पर उसी दिन मरीज को वापस ले आए थे।
गांव भटपुरा निवासी रामप्रकाश(61) को दोपहर एंबुलेंस से सीएचसी लाया गया। यहां डॉ. विकास पटेल ने एंबुलेंस में ही परीक्षण कर रेफर किया। दूरसंचार विभाग में स्टोर कीपर पद से सेवानिवृत्त रामप्रकाश के पुत्र अवनीश ने बताया कि सोमवार को वह मरीज को सीएचसी लाए थे। ब्लैक फंगस के लक्षण होने की आशंका पर पिता को सैफई मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था। सैफई में डॉक्टरों ने हालत नाजुक बताते हुए पीजीआई लखनऊ ले जाने के लिए कहा था
लेकिन रेफर लेटर न देने पर वह सोमवार को ही पिता को देर शाम गांव ले आए थे। मंगलवार को पिता को आवास विकास के पास एक आंखों के अस्पताल में दिखाया। फायदा न होने पर लखनऊ के लिए रेफर कराने के लिए सीएचसी लाए। मरीज की आंखों में सूजन ज्यादा है, दर्द भी है। मरीज पिछले माह कोरोना पॉजिटिव हुआ था लेकिन फिर इलाज के बाद सही हो गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
गांव भटपुरा निवासी रामप्रकाश(61) को दोपहर एंबुलेंस से सीएचसी लाया गया। यहां डॉ. विकास पटेल ने एंबुलेंस में ही परीक्षण कर रेफर किया। दूरसंचार विभाग में स्टोर कीपर पद से सेवानिवृत्त रामप्रकाश के पुत्र अवनीश ने बताया कि सोमवार को वह मरीज को सीएचसी लाए थे। ब्लैक फंगस के लक्षण होने की आशंका पर पिता को सैफई मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था। सैफई में डॉक्टरों ने हालत नाजुक बताते हुए पीजीआई लखनऊ ले जाने के लिए कहा था
विज्ञापन
लेकिन रेफर लेटर न देने पर वह सोमवार को ही पिता को देर शाम गांव ले आए थे। मंगलवार को पिता को आवास विकास के पास एक आंखों के अस्पताल में दिखाया। फायदा न होने पर लखनऊ के लिए रेफर कराने के लिए सीएचसी लाए। मरीज की आंखों में सूजन ज्यादा है, दर्द भी है। मरीज पिछले माह कोरोना पॉजिटिव हुआ था लेकिन फिर इलाज के बाद सही हो गया था।
विज्ञापन