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अफसरों ने मंडलायुक्त से नहीं बताईं समस्याएं

Farrukhabad Updated Tue, 08 May 2012 12:00 PM IST
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फर्रुखाबाद। बिजली, सड़क, सफाई, अपराध और अन्य विकास कार्य की हालत जिले में बद से बदतर है। सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे हैं। जिलाधिकारी की चौखट पर फरियादियों की तादाद दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है, ब्लैक में धड़ल्ले से बिक रहे केरोसिन के दाम चालीस रुपए लीटर तक पहुंच गए हैं लेकिन मंडलायुक्त मुकुल सिंघल को अफसरों ने जिस हवा और मिट्टी की खुशबू सुंघाई उसमें जनता के इस दर्द का घोल बिल्कुल नहीं था। जबकि बैठक में कमिश्नर इस जिले की समस्या और विभागीय परेशानी पूछते रहे लेकिन जिला स्तरीय अफसर चुप्पी साधे रहे।
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शहर में बिजली की समस्या मुंह बाए खड़ी है, पात्र लोगों को इसकी आपूर्ति बहुत कम होने और बड़े कल कारखानों द्वारा बिजली की जबर्दस्त चोरी की बात खुद जिलाधिकारी डा.मुथुकुमार स्वामी बी. भी मान चुके हैं। कनेक्शन धारकों के पास बिल अनाप शनाप आ रहे हैं।

मिट्टी का तेल सरकारी कोटे की दुकानों से कार्ड धारकों को पूरा नहीं मिल रहा है और खुले बाजार में इसकी कीमत चालीस रुपए प्रति लीटर तक जा पहुंची है। हजारों घरों में अब भी रात का अंधेरा केरोसिन से जलने वाल दिए से ही छंटता है लेकिन महंगे तेल के चक्कर में ही गरीबों के घर कभी-कभी अंधेरे ही ही रहते हैं। घरेलू गैस की कालाबाजारी किसी से लुकी छिपी नहीं है।
कार्डधारक एजेंसी मालिकों के प्रति मन में खीझ पाले बैठे हैं। लेकिन जिला पूर्ति कार्यालय चुप्पी साधे बैठा है। निचले स्तर पर लापरवाही और मनमानी होने से जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के कार्यालय में पहुंचने वाले फरियादियों की तादाद में लगातार इजाफा हो रहा है।
ग्राम सभाओं में पट्टे की जमीन से लेकर शहर क्षेत्र में सरकारी नजूल की भूमि तक अवैध कब्जे में है। शहर में सफाई व्यवस्था का काफी बुरा हाल है। नाली नालों के जाम रहने से बारिश के दिनों में व्यापक रूप से जलभराव और संक्रामक रोग की प्रबल आशंका है। किसान गेहूं का समर्थन मूल्य न मिल पाने से लेकर गांव में गलत चकबंदी से कराह उठा है साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कें और संपर्क मार्ग खस्ताहाल हैं।
जनपद में व्याप्त इन समस्याओं पर कमिश्नर की बैठक में कोई बात नहीं हुई। अलबत्ता कमिश्नर द्वारा समस्याएं पूछने पर विभागीय अफसर चुप्पी साधे बैठे रहे। इस बीच कमिश्नर ने कई बार विभागों के अधिकारियों से समस्याएं पूछीं, यह भी कहा कि जनहित की योजनाओं के क्रियान्वयन में कोई कमी आड़े आ रही हो तो बताएं। अलबत्ता बिजली समस्या बताने की शुरुआत डीएम डा. मुथुकुमार स्वामी बी. को करनी पड़ी जबकि सड़क बदहाली की समस्या खुद मंडलायुक्त ने उठाई।

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