{"_id":"68190891732271562d0275a4","slug":"2500-samples-for-farm-soil-in-seven-blocks-farrukhabad-news-c-222-1-sknp1016-123748-2025-05-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Farrukhabad News: सात ब्लॉकों में खेतों की मिट्टी के लिए 2500 नमूने","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Farrukhabad News: सात ब्लॉकों में खेतों की मिट्टी के लिए 2500 नमूने
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। शासन के निर्देश पर जिले में सोमवार कृषि विभाग की ओर से अभियान चलाकर खेतों में मिट्टी के 2500 नमूने लिए गए। इस दौरान अफसरों ने मिट्टी की सेहत भी देखी।
जिले के सभी सात ब्लाॅकों की 20-20 ग्राम पंचायतों से 100-100 नमूने लेकर जांच करने के आदेश हैं। इससे नेशनल स्वॉयल हेल्थ एंड फर्टिलिटी योजना के तहत सोमवार को नमूना एकत्रीकरण का अभियान चलाया गया। उप कृषि निदेशक थान सिंह गौतम, मृदा परीक्षण प्रयोगशाला अध्यक्ष प्रशांत त्रिवेदी, जिला कृषि अधिकारी बीके सिंह, एसडीओ सतीश कुमार ने अभियान निरीक्षण किया। नमूना लेने के लिए सभी ब्लॉकों में कृषि विभाग से 35 कर्मचारियों की टीमें लगाई गई थीं।
लक्ष्य के तहत सभी ब्लाॅक के 140 गांवों से 14,000 नमूने लेकर जांच करनी है। इसमें खरीफ के सीजन में 9800 व रबी के सीजन में 4200 नमूनों की जांच की जानी है। कृषि विभाग की सभी टीमों ने मिट्टी के 2500 नमूने लिए। प्रयोगशाला अध्यक्ष प्रशांत त्रिवेदी ने बताया कि पूर्व में लिए मिट्टी के नमूनों की जांच में आर्गेनिक कार्बन की कमी पाई गई। इससे किसान खेतों में गोबर की खाद, वर्मी कंपोस्ट आदि डालें। इसके साथ ही फसल के अवशेष खेत में ही सड़ाएं। रासायनिक खाद के अत्यधिक प्रयोग से मिट्टी की सेहत खराब हो रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले के सभी सात ब्लाॅकों की 20-20 ग्राम पंचायतों से 100-100 नमूने लेकर जांच करने के आदेश हैं। इससे नेशनल स्वॉयल हेल्थ एंड फर्टिलिटी योजना के तहत सोमवार को नमूना एकत्रीकरण का अभियान चलाया गया। उप कृषि निदेशक थान सिंह गौतम, मृदा परीक्षण प्रयोगशाला अध्यक्ष प्रशांत त्रिवेदी, जिला कृषि अधिकारी बीके सिंह, एसडीओ सतीश कुमार ने अभियान निरीक्षण किया। नमूना लेने के लिए सभी ब्लॉकों में कृषि विभाग से 35 कर्मचारियों की टीमें लगाई गई थीं।
विज्ञापन
लक्ष्य के तहत सभी ब्लाॅक के 140 गांवों से 14,000 नमूने लेकर जांच करनी है। इसमें खरीफ के सीजन में 9800 व रबी के सीजन में 4200 नमूनों की जांच की जानी है। कृषि विभाग की सभी टीमों ने मिट्टी के 2500 नमूने लिए। प्रयोगशाला अध्यक्ष प्रशांत त्रिवेदी ने बताया कि पूर्व में लिए मिट्टी के नमूनों की जांच में आर्गेनिक कार्बन की कमी पाई गई। इससे किसान खेतों में गोबर की खाद, वर्मी कंपोस्ट आदि डालें। इसके साथ ही फसल के अवशेष खेत में ही सड़ाएं। रासायनिक खाद के अत्यधिक प्रयोग से मिट्टी की सेहत खराब हो रही है।
विज्ञापन