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प्राईवेट अस्पताल कर रहे आयुष्मान योजना में खेल
Updated Fri, 30 Nov 2018 11:39 PM IST
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फर्रुखाबाद। आयुष्मान योजना में शामिल निजी अस्पताल लाभार्थी को योजना का लाभ देने में हीलाहवाली कर रहे हैं। हाल में इस तरह के दो मामले सामने आए हैं।
जिले के तीन निजी अस्पताल एसएम हॉस्पिटल, माया अस्पताल और दास सर्जिकल होम आयुष्मान योजना में शामिल हैं। मगर निजी अस्पतालों में योजना के लाभार्थियों को इसका लाभ मिल रहा हो, ऐसा लगता नहीं। कटरी धर्मपुर निवासी कृष्णा देवी पत्नी मुनेश्वर को माहवारी से संबंधित समस्या थी। बुधवार को मुनेश्वर कृष्णा देवी को लेकर माया नर्सिंग होम गया था। उसने गोल्डन कार्ड के आधार पर इलाज करने को कहा लेकिन अस्पताल से उसे वापस भेज दिया गया। बताया गया कि अभी अस्पताल में योजना का लाभ नहीं मिल पाएगा।
मुनेश्वर इसके बाद पत्नी को लेकर दास सर्जिकल होम गया, जहां कृष्णा को भर्ती कर लिया गया। गुरुवार को महिला के ऑपरेशन से पहले अस्पताल प्रशासन ने मुनेश्वर से एक कागज पर हस्ताक्षर करवाए, जिसमें लिखा था कि यदि सरकार इलाज का भुगतान नहीं करती है तो उसे भुगतान करना होगा। शुक्रवार को मामले की सूचना आयुष्मान भारत योजना के जिला कोआर्डिनेटर अभय प्रताप को दी गई। अभय प्रताप अस्पताल पहुंचे और पूछताछ की। उन्होंने बताया कि अस्पताल किसी कारणवश वेबसाइट पर अपडेट नहीं हुआ है। यहां पर अभी महज जनरल सर्जरी के लाभार्थी के लिए ही ऑपरेशन हो रहे हैं। एक दो दिन में वेबसाइट अपडेट हो जाएगी। मरीज से कागज पर हस्ताक्षर करवाना गलत है। इस मामले को देखा जाएगा। दास सर्जिकल होम के डॉक्टर एमएम दास ने बताया कि मरीज से रुपये लेने का कोई मामला नहीं था। उसको जानकारी दिए जाने के लिए कागज हस्ताक्षर कराए गए थे।
शनिवार को कमालगंज ब्लाक के गांव कुम्हौली निवासी माधवी मिश्रा को पित्त की थैली में पथरी है। शुक्रवार को वह इलाज के लिए लोहिया अस्पताल अपने भाई पवन शुक्ला के साथ गई थी। लोहिया अस्पताल में उनका कार्ड बनाने से मना कर दिया गया। उसे बताया गया कि कार्ड तीन प्राइवेट अस्पतालों में बनेगा वहीं उनका इलाज भी किया जाएगा। इसके बाद वह माया अस्पताल गए। जहां से उसे बताया गया कि वहां गोल्डन कार्ड नहीं बन पाएगा। क्योंकि अस्पताल का बीआईएस चालू नहीं है। इसके बाद लाभार्थी दास सर्जिकल होम गया, जहां आयुष्मान डिस्ट्रिक्ट कोआर्डिनेटर ने खुद उनका कार्ड बनाया।
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-योजना में शामिल निजी अस्पताल कर रहे हीलाहवाली
अमर उजाला ब्यूरो
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जिले के तीन निजी अस्पताल एसएम हॉस्पिटल, माया अस्पताल और दास सर्जिकल होम आयुष्मान योजना में शामिल हैं। मगर निजी अस्पतालों में योजना के लाभार्थियों को इसका लाभ मिल रहा हो, ऐसा लगता नहीं। कटरी धर्मपुर निवासी कृष्णा देवी पत्नी मुनेश्वर को माहवारी से संबंधित समस्या थी। बुधवार को मुनेश्वर कृष्णा देवी को लेकर माया नर्सिंग होम गया था। उसने गोल्डन कार्ड के आधार पर इलाज करने को कहा लेकिन अस्पताल से उसे वापस भेज दिया गया। बताया गया कि अभी अस्पताल में योजना का लाभ नहीं मिल पाएगा।
मुनेश्वर इसके बाद पत्नी को लेकर दास सर्जिकल होम गया, जहां कृष्णा को भर्ती कर लिया गया। गुरुवार को महिला के ऑपरेशन से पहले अस्पताल प्रशासन ने मुनेश्वर से एक कागज पर हस्ताक्षर करवाए, जिसमें लिखा था कि यदि सरकार इलाज का भुगतान नहीं करती है तो उसे भुगतान करना होगा। शुक्रवार को मामले की सूचना आयुष्मान भारत योजना के जिला कोआर्डिनेटर अभय प्रताप को दी गई। अभय प्रताप अस्पताल पहुंचे और पूछताछ की। उन्होंने बताया कि अस्पताल किसी कारणवश वेबसाइट पर अपडेट नहीं हुआ है। यहां पर अभी महज जनरल सर्जरी के लाभार्थी के लिए ही ऑपरेशन हो रहे हैं। एक दो दिन में वेबसाइट अपडेट हो जाएगी। मरीज से कागज पर हस्ताक्षर करवाना गलत है। इस मामले को देखा जाएगा। दास सर्जिकल होम के डॉक्टर एमएम दास ने बताया कि मरीज से रुपये लेने का कोई मामला नहीं था। उसको जानकारी दिए जाने के लिए कागज हस्ताक्षर कराए गए थे।
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शनिवार को कमालगंज ब्लाक के गांव कुम्हौली निवासी माधवी मिश्रा को पित्त की थैली में पथरी है। शुक्रवार को वह इलाज के लिए लोहिया अस्पताल अपने भाई पवन शुक्ला के साथ गई थी। लोहिया अस्पताल में उनका कार्ड बनाने से मना कर दिया गया। उसे बताया गया कि कार्ड तीन प्राइवेट अस्पतालों में बनेगा वहीं उनका इलाज भी किया जाएगा। इसके बाद वह माया अस्पताल गए। जहां से उसे बताया गया कि वहां गोल्डन कार्ड नहीं बन पाएगा। क्योंकि अस्पताल का बीआईएस चालू नहीं है। इसके बाद लाभार्थी दास सर्जिकल होम गया, जहां आयुष्मान डिस्ट्रिक्ट कोआर्डिनेटर ने खुद उनका कार्ड बनाया।
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-योजना में शामिल निजी अस्पताल कर रहे हीलाहवाली
अमर उजाला ब्यूरो