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गंगा के कटान से बेघर हो गए चार ग्रामीण
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गंगा की तेज धार से हो रहे कटान की चपेट में आने से समौचीपुर चितार के चार ग्रामीणों के कच्चे आवास बह गए। उन्होंने करीब एक किलोमीटर दूर खेतों में आशियाना बनाया है।
शमसाबाद थाना क्षेत्र के गांव समौचीपुर चितार निवासी कैशर खां, साइन मोहम्मद, रूकसार व इरशाद का गंगा किनारे कच्चा आवास बना था।
गंगा की तेज धार लगातार कटान कर रही है। शुक्रवार रात टीला कटने से मिट्टी धसने लगी। यह देखकर चारों ग्रामीणों ने कच्चे मकान में रखे सामान को बाहर निकाल लिया और वहां से कुछ दूर जाकर खुले आसमान के नीचे रात गुजारी।
गंगा के कटान से रात में उनके कच्चे मकान बह गए। चारों ग्रामीणों ने प्रधान पति यासीन से रहने के लिए जमीन की मांग की। प्रधान उनको जमीन उपलब्ध नहीं कराई। तब ग्रामीणों ने गंगा से करीब एक किलोमीटर दूर खुद के खेतों में पॉलीथिन तान कर आशियाना बनाया।
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प्रधान पति यासीन ने बताया कि इन ग्रामीणों को आवास दिलाने के लिए सूची में नाम भेजा गया है। चुनाव के बाद इनको आवास मिल जाएगा।
गंगा के कटान से बेघर हो गए चार ग्रामीण
एक किलोमीटर दूर खेत में बनाया आशियाना
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शमसाबाद थाना क्षेत्र के गांव समौचीपुर चितार निवासी कैशर खां, साइन मोहम्मद, रूकसार व इरशाद का गंगा किनारे कच्चा आवास बना था।
गंगा की तेज धार लगातार कटान कर रही है। शुक्रवार रात टीला कटने से मिट्टी धसने लगी। यह देखकर चारों ग्रामीणों ने कच्चे मकान में रखे सामान को बाहर निकाल लिया और वहां से कुछ दूर जाकर खुले आसमान के नीचे रात गुजारी।
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गंगा के कटान से रात में उनके कच्चे मकान बह गए। चारों ग्रामीणों ने प्रधान पति यासीन से रहने के लिए जमीन की मांग की। प्रधान उनको जमीन उपलब्ध नहीं कराई। तब ग्रामीणों ने गंगा से करीब एक किलोमीटर दूर खुद के खेतों में पॉलीथिन तान कर आशियाना बनाया।
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प्रधान पति यासीन ने बताया कि इन ग्रामीणों को आवास दिलाने के लिए सूची में नाम भेजा गया है। चुनाव के बाद इनको आवास मिल जाएगा।
गंगा के कटान से बेघर हो गए चार ग्रामीण
एक किलोमीटर दूर खेत में बनाया आशियाना