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अब तक मोदी क्यों नहीं आए अयोध्या
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
Updated Tue, 16 Jun 2015 11:17 PM IST
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पूर्व सांसद महंत रामविलासदास वेदांती ने मंगलवार को इस बाबत मोदी पर तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि वे काशी, नेपाल, चीन, बांग्लादेश तक दर्शन-पूजन कर आए, लेकिन भाजपा की प्राणवायु अयोध्या क्यों नहीं आए?
क्या नरेंद्र मोदी सरकार बाबरी मस्जिद व राममंदिर विवाद को निपटाने में रुचि नहीं ले रही है? इस सवाल के साथ राममंदिर मुद्दे पर विहिप व संत-धर्माचार्यों ने नरेंद्र मोदी की घेराबंदी तेज कर दी है। राममंदिर के लिए कानून बनाने पर जोर देने के साथ दबाव बनाने के लिए ताकत जुटाने की बातें हो रही हैं।
सांसद विनय कटियार ने जब हफ्ते भर पहले नरेंद्र मोदी पर सवाल उठाए, तो उनका खास असर नहीं पड़ा था, पर मंगलवार को रामनगरी में जुटे विहिप के शीर्ष नेताओं व धर्माचार्यों की चिंता सामने आने के बाद यही सवाल गूंज रहे हैं।
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रामजन्मभूमि न्यास की बैठक में सब कुछ छोड़ अब पहला एजेंडा मोदी सरकार की राममंदिर की उपेक्षा पर घेराबंदी हो गई है। विनय कटियार के सवाल ने अयोध्या में संतों का साथ नहीं पाया, यही वजह है कि बाबरी मस्जिद की लड़ाई लड़ रहे 95 वर्षीय मुद्दई हाशिम अंसारी का कटियार पर निशाना सभी समुदायों को अच्छा लगा था।
यहां आए गृहमंत्री राजनाथ सिंह के राज्यसभा में बहुमत न होने की मजबूरी गिनाने के बयान को जहां हिंदू पक्ष अस्वीकार करता दिख रहा है। वहीं मुसलमान पक्ष कानून बनाने के रास्ते को असंवैधानिक ठहरा रहा है। चाहता है कि मोदी सरकार बस सुप्रीम कोर्ट में डे-टू-डे पैरवी का रास्ता साफ करे।
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क्या नरेंद्र मोदी सरकार बाबरी मस्जिद व राममंदिर विवाद को निपटाने में रुचि नहीं ले रही है? इस सवाल के साथ राममंदिर मुद्दे पर विहिप व संत-धर्माचार्यों ने नरेंद्र मोदी की घेराबंदी तेज कर दी है। राममंदिर के लिए कानून बनाने पर जोर देने के साथ दबाव बनाने के लिए ताकत जुटाने की बातें हो रही हैं।
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सांसद विनय कटियार ने जब हफ्ते भर पहले नरेंद्र मोदी पर सवाल उठाए, तो उनका खास असर नहीं पड़ा था, पर मंगलवार को रामनगरी में जुटे विहिप के शीर्ष नेताओं व धर्माचार्यों की चिंता सामने आने के बाद यही सवाल गूंज रहे हैं।
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रामजन्मभूमि न्यास की बैठक में सब कुछ छोड़ अब पहला एजेंडा मोदी सरकार की राममंदिर की उपेक्षा पर घेराबंदी हो गई है। विनय कटियार के सवाल ने अयोध्या में संतों का साथ नहीं पाया, यही वजह है कि बाबरी मस्जिद की लड़ाई लड़ रहे 95 वर्षीय मुद्दई हाशिम अंसारी का कटियार पर निशाना सभी समुदायों को अच्छा लगा था।
यहां आए गृहमंत्री राजनाथ सिंह के राज्यसभा में बहुमत न होने की मजबूरी गिनाने के बयान को जहां हिंदू पक्ष अस्वीकार करता दिख रहा है। वहीं मुसलमान पक्ष कानून बनाने के रास्ते को असंवैधानिक ठहरा रहा है। चाहता है कि मोदी सरकार बस सुप्रीम कोर्ट में डे-टू-डे पैरवी का रास्ता साफ करे।