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भगवान के दरबार में सबका स्वागत: चंपत
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अयोध्या। राज ठाकरे को लेकर रामनगरी में सियासत चरम पर पहुंच गई है। रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने रविवार को कहा कि भगवान के दरबार में सभी का स्वागत किया जाता है।
ठाकुुरजी किसी को मना नहीं करते। उधर अयोध्या में एक प्राइवेट अस्पताल के वार्षिक समारोह में पहुंचे कैसरगंज के सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने राज ठाकरे को चुनौती देते हुए कहा कि अयोध्या तो दूर राज ठाकरे को उत्तरप्रदेश की धरती पर कदम नहीं रखने देंगे।
पहले वे उत्तर भारतीयों से माफी मांगे तभी अयोध्या आ पाएंगे। अयोध्या के एक और संत विवेक आचारी ने भी राज ठाकरे के अयोध्या आगमन पर उनका स्वागत करने की बात कही है।
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श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने रविवार को सर्किट हाउस में पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि भगवान के दरबार में सबका स्वागत ही होता है। ठाकुर जी किसी को मना नहीं करते।
चंपत राय के इस बयान के बाद राज ठाकरे को लेकर सियासत अब और तेज हो गई है। इससे पहले सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने रविवार को पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि राजठाकरे से उनकी कोई व्यक्तिगत लड़ाई नहीं है।
मैं बहुत सोच-समझकर विरोध कर रहा हूं। जब तक राज ठाकरे उत्तर भारतीयों से माफी नहीं मांगते है तब तक सीएम योगी आदित्यनाथ को राजठाकरे से नहीं मिलना चाहिए।
राज ठाकरे यदि माफी नहीं मांगते हैं तो हिंदुस्तान के कई प्रदेश ऐसे हैं जहां वे कदम नहीं रख सकते। बिना माफी मांगे अयोध्या आने की तो वे भूल ही जाएं। बृजभूषण शरण सिंह ने रविवार को गुरुद्वारा नजरबाग जाकर माथा टेका।
जत्थेदार बाबा महेद्र सिंह से आशीर्वाद लिया। जत्थेदार बाबा ने राज ठाकरे के विरोध में सांसद को पूर्ण समर्थन देने का वादा किया। वहीं रामनगरी के संत-धर्माचार्य भी राज ठाकरे को लेकर दो गुटों में बंटे दिख रहे हैं।
महंत अवधेश दास के बाद अब आचारी मंदिर के महंत विवेक आचारी भी राजठाकरे के समर्थन में उतर आए हैं। रामनगरी की प्रतिष्ठित पीठ आचारी मंदिर के महंत विवेक आचारी ने कहा कि राजठाकरे ने रामभक्तों पर गोली तो नहीं चलवाई है।
जिन्होंने रामभक्तों पर गोली चलवाई थी जब वे अयोध्या आ सकते हैं तो राज ठाकरे का विरोध क्यों हो रहा है। उनका विरोध करना गलत है। कहा कि उत्तर भारतीयों के साथ हुई घटनाएं गलत थीं लेकिन आज 14 साल बाद इसको लेकर विरोध करना इसके पीछे राजनीतिक कारण दिखता है।
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ठाकुुरजी किसी को मना नहीं करते। उधर अयोध्या में एक प्राइवेट अस्पताल के वार्षिक समारोह में पहुंचे कैसरगंज के सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने राज ठाकरे को चुनौती देते हुए कहा कि अयोध्या तो दूर राज ठाकरे को उत्तरप्रदेश की धरती पर कदम नहीं रखने देंगे।
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पहले वे उत्तर भारतीयों से माफी मांगे तभी अयोध्या आ पाएंगे। अयोध्या के एक और संत विवेक आचारी ने भी राज ठाकरे के अयोध्या आगमन पर उनका स्वागत करने की बात कही है।
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श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने रविवार को सर्किट हाउस में पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि भगवान के दरबार में सबका स्वागत ही होता है। ठाकुर जी किसी को मना नहीं करते।
चंपत राय के इस बयान के बाद राज ठाकरे को लेकर सियासत अब और तेज हो गई है। इससे पहले सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने रविवार को पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि राजठाकरे से उनकी कोई व्यक्तिगत लड़ाई नहीं है।
मैं बहुत सोच-समझकर विरोध कर रहा हूं। जब तक राज ठाकरे उत्तर भारतीयों से माफी नहीं मांगते है तब तक सीएम योगी आदित्यनाथ को राजठाकरे से नहीं मिलना चाहिए।
राज ठाकरे यदि माफी नहीं मांगते हैं तो हिंदुस्तान के कई प्रदेश ऐसे हैं जहां वे कदम नहीं रख सकते। बिना माफी मांगे अयोध्या आने की तो वे भूल ही जाएं। बृजभूषण शरण सिंह ने रविवार को गुरुद्वारा नजरबाग जाकर माथा टेका।
जत्थेदार बाबा महेद्र सिंह से आशीर्वाद लिया। जत्थेदार बाबा ने राज ठाकरे के विरोध में सांसद को पूर्ण समर्थन देने का वादा किया। वहीं रामनगरी के संत-धर्माचार्य भी राज ठाकरे को लेकर दो गुटों में बंटे दिख रहे हैं।
महंत अवधेश दास के बाद अब आचारी मंदिर के महंत विवेक आचारी भी राजठाकरे के समर्थन में उतर आए हैं। रामनगरी की प्रतिष्ठित पीठ आचारी मंदिर के महंत विवेक आचारी ने कहा कि राजठाकरे ने रामभक्तों पर गोली तो नहीं चलवाई है।
जिन्होंने रामभक्तों पर गोली चलवाई थी जब वे अयोध्या आ सकते हैं तो राज ठाकरे का विरोध क्यों हो रहा है। उनका विरोध करना गलत है। कहा कि उत्तर भारतीयों के साथ हुई घटनाएं गलत थीं लेकिन आज 14 साल बाद इसको लेकर विरोध करना इसके पीछे राजनीतिक कारण दिखता है।