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कल्याणी नदी पर ग्रामीण खुद बना रहे अस्थायी पुल
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
Updated Thu, 15 Sep 2016 10:21 PM IST
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अस्थायी पुल बनाते ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
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मवई ब्लॉक के ग्रामसभा सुल्तानपुर के ग्रामीण सरकार से कल्याणी नदी पर पुल बनवाने की गोहार लगाते-लगाते थक गए तो खुद ही पुल बनाने का बीड़ा उठा लिया। ग्रामीणों ने बांस-बल्ली का सहारे अस्थायी पुल का निर्माण शुुरू कर दिया है। जिनका जज्बा देखते बनता है। ग्रामीणों का कहना है कि पुल बनने से लोगों को भिटरिया-सुमेरगंज आने जाने की दूरी आधी हो जाएगी।
मवई थाना क्षेत्र के सुल्तानपुर गांव सहित लगभग आधा दर्जन गांव के ग्रामीणों को बाराबंकी के भिटरिया, सुमेरगंज, रामसनेहीघाट मंदिर पर पूजा अर्चना व बाजार से सामग्री लाने के लिए लगभग 10 किलोमीटर का लंबा सफर तय करना पड़ता है।
ग्रामीण घोंसवल होते हुए कोदनिया बकौली, रानीमऊ गांव होते हुए नेशनल हाईवे पर पहुंचने के बाद लगभग पांच किमी चलकर सुमेरगंज, भिटरिया पहुंचते हैं। प्रशासन ने भवरिया नाला पर पुल निर्माण को मोहर लगा दी थी, जिसके बाद भी पुल नहीं बना।
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सभी ओर से उम्मीदों पर पानी फिरते देख ग्रामीणों ने एकजुट होकर सुल्तानपुर-सुबेदार पुरवा के पास कल्याणी नदी पर पुल बनाने का मन बना लिया और काम में जुट गए। पिछले एक सप्ताह से ग्रामीण बांस-बल्ली से नदी पर पुल बना रहे हैं। जिसका निर्माण पूरा होने की कगार पर है।
इस पुल के बनने से भिटरिया-सुमेरगंज आने-जाने वाले ग्रामीणों की दूरी आधी हो जाएगी। ग्रामीण बृजेश सिंह, राममगन निषाद, शोभाराम यादव, पिंटू सिंह, धर्मानंद लोधी, होली रावत, त्रिभवन, मन्टू ने बताया कि इस अस्थाई लकड़ी के पुल को बनाने के लिए पहले कल्याणी नदी में सागौन व यूके लिप्टस की बल्लियों को गाड़ा गया उसके बाद बांसों और सागौन की बल्लियों को ऊपर से बांध दिया गया।
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मवई थाना क्षेत्र के सुल्तानपुर गांव सहित लगभग आधा दर्जन गांव के ग्रामीणों को बाराबंकी के भिटरिया, सुमेरगंज, रामसनेहीघाट मंदिर पर पूजा अर्चना व बाजार से सामग्री लाने के लिए लगभग 10 किलोमीटर का लंबा सफर तय करना पड़ता है।
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ग्रामीण घोंसवल होते हुए कोदनिया बकौली, रानीमऊ गांव होते हुए नेशनल हाईवे पर पहुंचने के बाद लगभग पांच किमी चलकर सुमेरगंज, भिटरिया पहुंचते हैं। प्रशासन ने भवरिया नाला पर पुल निर्माण को मोहर लगा दी थी, जिसके बाद भी पुल नहीं बना।
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सभी ओर से उम्मीदों पर पानी फिरते देख ग्रामीणों ने एकजुट होकर सुल्तानपुर-सुबेदार पुरवा के पास कल्याणी नदी पर पुल बनाने का मन बना लिया और काम में जुट गए। पिछले एक सप्ताह से ग्रामीण बांस-बल्ली से नदी पर पुल बना रहे हैं। जिसका निर्माण पूरा होने की कगार पर है।
इस पुल के बनने से भिटरिया-सुमेरगंज आने-जाने वाले ग्रामीणों की दूरी आधी हो जाएगी। ग्रामीण बृजेश सिंह, राममगन निषाद, शोभाराम यादव, पिंटू सिंह, धर्मानंद लोधी, होली रावत, त्रिभवन, मन्टू ने बताया कि इस अस्थाई लकड़ी के पुल को बनाने के लिए पहले कल्याणी नदी में सागौन व यूके लिप्टस की बल्लियों को गाड़ा गया उसके बाद बांसों और सागौन की बल्लियों को ऊपर से बांध दिया गया।