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मंडलीय अस्पताल को मिली 100 बेड की मान्यता
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 21 Aug 2015 11:57 PM IST
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शासन ने अब मंडलीय अस्पताल में 100 बेड की मान्यता देते हुए 25 डॉक्टरों समेत स्टाफ की स्वीकृति दे दी है। अब इनकी तैनाती होने के बाद अस्पताल बेहतर ढंग से संचालित हो सकेगा। इससे मंडल के लाखों लोगों को अच्छे इलाज की सुविधाएं मिल सकेंगी।
हालांकि अभी चंद दिन पहले मुख्यमंत्री द्वारा शुभारंभ करने के बाद भी हालात बेहद खराब हैं। अस्पताल में न इमरजेंसी इलाज की सुविधा है और न जांच और भर्ती की। सिर्फ जुगाड़ पर तैनात डॉक्टर ओपीडी तक ही सीमित हैं।
करोड़ों रुपये खर्च कर दर्शननगर में बन रहे मंडलीय अस्पताल को 300 बेड के सुपर स्पेशिएलिटी सुविधाओं से लैस करने के साथ ही ट्रॉमा सेंटर बनाने की योजना 2008 से लटकी पड़ी है। मामले को हाईकोर्ट में जनहित याचिका के जरिए उठाने के बाद आनन-फानन में लखनऊ से ही मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इसका सात अगस्त को शुभारंभ कर औपचारिकता पूरी की।
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मगर यहां प्रथम चरण में शुरू किए गए 100 बेड के अस्पताल को शासन से न फूटी कौड़ी बजट अलाट हुआ और न ही डॉक्टरों समेत स्टाफ की स्वीकृति ही मिली। ऐसे में अपर निदेशक स्तर से मंडल के जिला अस्पतालों व सीएचसी-पीएचसी से जैसे-तैसे स्टाफ को यहां तैनात कर किसी तरह ओपीडी सेवा शुरू कराई गई।
अभी चिकित्सालय में 200 बेड का निर्माण होना बाकी है। इस बीच प्रदेश सरकार ने 100 बेड के मानक के अनुरूप चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ के पद सृजित कर दिए हैं। शासन से 25 चिकित्सकों के पद सृजित किए गए है। इसमें एक मुख्य चिकित्सा अधीक्षक और अधीक्षक का पद है।
21 स्पेशलिस्ट और तीन इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर का पद सृजित किया गया है। अस्पताल में तीन फार्मासिस्ट, एक डेंटल हाइजनिस्ट, 11 सिस्टर, एक-एक एक्स-रे टेक्नीशियन, लैब टेक्नीशियन, लैब असिस्टेंट के पद सृजित किए गए हैं। अस्पताल का निर्माण पूरा होने के बाद इसे उच्चीकृत किया जाएगा। उसके बाद ही अस्पताल में सुपर स्पेशलिस्ट चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती की जाएगी।
शासन से मंडलीय अस्पताल को 100 बेड की मान्यता मिल गई है। इसी के अनुरूप चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ के पद सृजित कर दिए गए हैं। जल्द ही तैनाती आदि सुनिश्चित की जाएगी। - डॉ. एचएन तिवारी, अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण
इंसेट
स्वीकृत पद
चिकित्सक 25
फार्मासिस्ट 03
सिस्टर/मैट्रन 11
डेंटल हाइजनिस्ट 01
एलटी 01
लैब असिस्टेंट 01
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हालांकि अभी चंद दिन पहले मुख्यमंत्री द्वारा शुभारंभ करने के बाद भी हालात बेहद खराब हैं। अस्पताल में न इमरजेंसी इलाज की सुविधा है और न जांच और भर्ती की। सिर्फ जुगाड़ पर तैनात डॉक्टर ओपीडी तक ही सीमित हैं।
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करोड़ों रुपये खर्च कर दर्शननगर में बन रहे मंडलीय अस्पताल को 300 बेड के सुपर स्पेशिएलिटी सुविधाओं से लैस करने के साथ ही ट्रॉमा सेंटर बनाने की योजना 2008 से लटकी पड़ी है। मामले को हाईकोर्ट में जनहित याचिका के जरिए उठाने के बाद आनन-फानन में लखनऊ से ही मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इसका सात अगस्त को शुभारंभ कर औपचारिकता पूरी की।
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मगर यहां प्रथम चरण में शुरू किए गए 100 बेड के अस्पताल को शासन से न फूटी कौड़ी बजट अलाट हुआ और न ही डॉक्टरों समेत स्टाफ की स्वीकृति ही मिली। ऐसे में अपर निदेशक स्तर से मंडल के जिला अस्पतालों व सीएचसी-पीएचसी से जैसे-तैसे स्टाफ को यहां तैनात कर किसी तरह ओपीडी सेवा शुरू कराई गई।
अभी चिकित्सालय में 200 बेड का निर्माण होना बाकी है। इस बीच प्रदेश सरकार ने 100 बेड के मानक के अनुरूप चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ के पद सृजित कर दिए हैं। शासन से 25 चिकित्सकों के पद सृजित किए गए है। इसमें एक मुख्य चिकित्सा अधीक्षक और अधीक्षक का पद है।
21 स्पेशलिस्ट और तीन इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर का पद सृजित किया गया है। अस्पताल में तीन फार्मासिस्ट, एक डेंटल हाइजनिस्ट, 11 सिस्टर, एक-एक एक्स-रे टेक्नीशियन, लैब टेक्नीशियन, लैब असिस्टेंट के पद सृजित किए गए हैं। अस्पताल का निर्माण पूरा होने के बाद इसे उच्चीकृत किया जाएगा। उसके बाद ही अस्पताल में सुपर स्पेशलिस्ट चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती की जाएगी।
शासन से मंडलीय अस्पताल को 100 बेड की मान्यता मिल गई है। इसी के अनुरूप चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ के पद सृजित कर दिए गए हैं। जल्द ही तैनाती आदि सुनिश्चित की जाएगी। - डॉ. एचएन तिवारी, अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण
इंसेट
स्वीकृत पद
चिकित्सक 25
फार्मासिस्ट 03
सिस्टर/मैट्रन 11
डेंटल हाइजनिस्ट 01
एलटी 01
लैब असिस्टेंट 01