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कोविड से अनाथ बच्चों के लिए शुरू की गई उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना
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अयोध्या। प्रदेश सरकार ने कोविड-19 से प्रभावित अनाथ बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण, भरण-पोषण के मद्देनजर उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना शुरू की है।
जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने बताया कि कोविड-19 महामारी के प्रकोप से प्रभावित होने वाले बच्चों जिनके माता/पिता अथवा दोनो की कोविड-19 महामारी के संक्रमण/प्रभाव से मृत्यु हो गई, उन बच्चों के संरक्षण, भरण-पोषण, शिक्षा, चिकित्सा आदि की व्यवस्था के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान किये जाने के लिए योजना शुरू की गई है।
इसमें अनाथ बच्चों के लिए आय प्रमाण पत्र की कोई बाध्यता नहीं है तथा आय अर्जित करने वाले अभिभावक (माता या पिता) को खोने वाले परिवार की आय दो लाख रुपये प्रतिवर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।
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जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों व खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया है कि इस योजना के तहत 0 से 18 वर्ष तक के सभी प्रभावित बच्चों, जिनके माता-पिता दोनों, माता या पिता की मृत्यु कोविड-19 के संकमण/प्रभाव से हो गई हो तथा कोविड-19 के संक्रमण से प्रभावित होने का कोई साक्ष्य अवश्य हो, का चिन्हांकन तथा ऑफलाइन आवेदन पत्र भरवाते हुए सम्पूर्ण औपचारिकता पूर्ण कराकर (सत्यापन के बाद) ऑफलाइन आवेदन पत्र 11 जून तक जिला प्रोबेशन अधिकारी के कार्यालय में उपलब्ध कराएं।
कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में चिह्नित बच्चों के आवेदन पत्र भरे जाने का सम्पूर्ण दायित्व खंड विकास अधिकारी का तथा शहरी क्षेत्रों में चिह्नित बच्चों के आवेदन पत्र भरे जाने का सम्पूर्ण दायित्व उप जिलाधिकारी का होगा।
साथ ही इस चिह्नित सूची के अतिरिक्त यदि कोविड-19 से प्रभावित अन्य कोई परिवार संज्ञान में आता है। जिसमें किसी अभिभावक की मृत्यु हो गयी हो तथा कोविड-19 के साक्ष्य हों और उनके 0 वर्ष से 18 वर्ष तक के बच्चे है जिन्हें संरक्षण/सहयोग की आवश्यकता है, उन्हे भी इस योजना में शामिल किया जायेगा।
डीएम ने इसे एक अभियान के रूप में चला कर कोविड-19 से प्रभावित बच्चों को चिह्नित कर आवेदन पत्र भरवाने का महत्वपूर्ण कार्य 04 से 11 जून तक प्रत्येक दशा में पूर्ण करने के निर्देश दिये। कहा कि यह सुनिश्चित किया जाय कि योजना से कोई पात्र बच्चा वंचित न रहे।
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जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने बताया कि कोविड-19 महामारी के प्रकोप से प्रभावित होने वाले बच्चों जिनके माता/पिता अथवा दोनो की कोविड-19 महामारी के संक्रमण/प्रभाव से मृत्यु हो गई, उन बच्चों के संरक्षण, भरण-पोषण, शिक्षा, चिकित्सा आदि की व्यवस्था के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान किये जाने के लिए योजना शुरू की गई है।
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इसमें अनाथ बच्चों के लिए आय प्रमाण पत्र की कोई बाध्यता नहीं है तथा आय अर्जित करने वाले अभिभावक (माता या पिता) को खोने वाले परिवार की आय दो लाख रुपये प्रतिवर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।
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जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों व खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया है कि इस योजना के तहत 0 से 18 वर्ष तक के सभी प्रभावित बच्चों, जिनके माता-पिता दोनों, माता या पिता की मृत्यु कोविड-19 के संकमण/प्रभाव से हो गई हो तथा कोविड-19 के संक्रमण से प्रभावित होने का कोई साक्ष्य अवश्य हो, का चिन्हांकन तथा ऑफलाइन आवेदन पत्र भरवाते हुए सम्पूर्ण औपचारिकता पूर्ण कराकर (सत्यापन के बाद) ऑफलाइन आवेदन पत्र 11 जून तक जिला प्रोबेशन अधिकारी के कार्यालय में उपलब्ध कराएं।
कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में चिह्नित बच्चों के आवेदन पत्र भरे जाने का सम्पूर्ण दायित्व खंड विकास अधिकारी का तथा शहरी क्षेत्रों में चिह्नित बच्चों के आवेदन पत्र भरे जाने का सम्पूर्ण दायित्व उप जिलाधिकारी का होगा।
साथ ही इस चिह्नित सूची के अतिरिक्त यदि कोविड-19 से प्रभावित अन्य कोई परिवार संज्ञान में आता है। जिसमें किसी अभिभावक की मृत्यु हो गयी हो तथा कोविड-19 के साक्ष्य हों और उनके 0 वर्ष से 18 वर्ष तक के बच्चे है जिन्हें संरक्षण/सहयोग की आवश्यकता है, उन्हे भी इस योजना में शामिल किया जायेगा।
डीएम ने इसे एक अभियान के रूप में चला कर कोविड-19 से प्रभावित बच्चों को चिह्नित कर आवेदन पत्र भरवाने का महत्वपूर्ण कार्य 04 से 11 जून तक प्रत्येक दशा में पूर्ण करने के निर्देश दिये। कहा कि यह सुनिश्चित किया जाय कि योजना से कोई पात्र बच्चा वंचित न रहे।