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विश्वविद्यालय ने साकेत के शिक्षक से मांगी उनके शोध ग्रंथ की कॉपी
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अयोध्या। अवध विश्वविद्यालय द्वारा शिक्षक भर्तियों में अनियमितता की शिकायत करने वाले साकेत महाविद्यालय के अंग्रेजी विभाग के सहायक प्रोफेसर व शिक्षक नेता डॉ. जनमेजय तिवारी के शोधग्रंथ की हार्ड व साफ्ट कापी जांच के लिए मांगी गई है। कुल सचिव द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि आपको विवि द्वारा शोध पर्यवेक्षक नामित किया गया है, आपके पीएचडी शोध ग्रंथ को लेकर शिकायत प्राप्त हुई है। इसे अवध विवि व शिक्षक नेता के बीच चल रही रार में विवि का पलटवार माना जा रहा है।
साकेत महाविद्यालय के अंग्रेजी विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. जन्मेजय तिवारी समेत भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह व पत्रकार नाथ बख्श सिंह द्वारा अवध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रविशंकर सिंह के खिलाफ नियम विरुद्ध व सजातीय लोगों की भर्ती का आरोप लगाया था। आरोप लगाया गया था कि विवि प्रशासन द्वारा ओबीसी कोटे के पदों पर सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों की भर्ती की जा रही है।
इनके द्वारा कुलाधिपति, केंद्रीय व राज्य उच्च शिक्षामंत्री व मुख्यमंत्री को की गई शिकायत में कुलपति के कार्यकाल की उच्चस्तरीय जांच कराए जाने की मांग की गई थी। इस शिकायत को लेकर विश्वविद्यालय दो गुटों में बंट गया था। वहीं, कुलपति खेमे के निशाने पर पहले शिकायतकर्ता साकेत महाविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर व शिक्षक नेता जन्मेजय तिवारी आए। अवध विश्वविद्यालय के कुलसचिव उमानाथ सिंह ने शिकायत को आधार बताते हुए शिकायतकर्ता डॉ. जन्मेजय तिवारी को पत्र भेजकर उनकी थीसिस की हार्ड व साफ्ट कापी मांगी है।
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उन पर आरोप है कि उन्होंने कापी पेस्ट करके पीएचडी की डिग्री हासिल की है। विवि के पत्र पर साकेत महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अभय सिंह ने डॉ जन्मेजय तिवारी को पत्र जारी कर अपने शोध ग्रंथ की हार्ड व साफ्ट कापी दो सप्ताह के अंदर विवि के कुलसचिव कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। डॉ. जनमेजय तिवारी का कहना है कि भर्ती में अनियमतता की शिकायत से अविवि प्रशासन डर गया है, वह मेरे खिलाफ बदले की कार्रवाई कर रहा है।
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साकेत महाविद्यालय के अंग्रेजी विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. जन्मेजय तिवारी समेत भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह व पत्रकार नाथ बख्श सिंह द्वारा अवध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रविशंकर सिंह के खिलाफ नियम विरुद्ध व सजातीय लोगों की भर्ती का आरोप लगाया था। आरोप लगाया गया था कि विवि प्रशासन द्वारा ओबीसी कोटे के पदों पर सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों की भर्ती की जा रही है।
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इनके द्वारा कुलाधिपति, केंद्रीय व राज्य उच्च शिक्षामंत्री व मुख्यमंत्री को की गई शिकायत में कुलपति के कार्यकाल की उच्चस्तरीय जांच कराए जाने की मांग की गई थी। इस शिकायत को लेकर विश्वविद्यालय दो गुटों में बंट गया था। वहीं, कुलपति खेमे के निशाने पर पहले शिकायतकर्ता साकेत महाविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर व शिक्षक नेता जन्मेजय तिवारी आए। अवध विश्वविद्यालय के कुलसचिव उमानाथ सिंह ने शिकायत को आधार बताते हुए शिकायतकर्ता डॉ. जन्मेजय तिवारी को पत्र भेजकर उनकी थीसिस की हार्ड व साफ्ट कापी मांगी है।
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उन पर आरोप है कि उन्होंने कापी पेस्ट करके पीएचडी की डिग्री हासिल की है। विवि के पत्र पर साकेत महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अभय सिंह ने डॉ जन्मेजय तिवारी को पत्र जारी कर अपने शोध ग्रंथ की हार्ड व साफ्ट कापी दो सप्ताह के अंदर विवि के कुलसचिव कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। डॉ. जनमेजय तिवारी का कहना है कि भर्ती में अनियमतता की शिकायत से अविवि प्रशासन डर गया है, वह मेरे खिलाफ बदले की कार्रवाई कर रहा है।