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दो हजार लोगों को मिली कोयला प्रदूषण से मुक्ति
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अयोध्या। अयोध्या स्टेशन से कोयला साईडिंग हटने से करीब दो हजार लोगों को कोयला प्रदूषण से मुक्ति मिली है। चार दशक से कोयला प्रदूषण के बीच गुजर-बसर कर रहे लोगों में हर्ष है। अब गंभीर बीमारियों की चपेट में आने का खतरा कम होगा और वातावरण भी स्वच्छ होगा।
अयोध्या रेलवे स्टेशन पर करीब चार दशक से चल रही कोयला साइडिंग के चलते करीब दो हजार लोग प्रभावित थे। वर्मा कॉलोनी, बाग विजेशर, नोनहटिया, पुलिस कॉलोनी, खटिक मंदिर इलाके के लोग कोयला के प्रदूषण के चलते काफी परेशान थे।
सबसे ज्यादा प्रभावित वर्मा कॉलोनी थी। इस कॉलोनी के करीब 55 परिवारों की तो कोयले के गुबार के बीच जीवन यापन करने की आदत सी बन गई थी। यही नहीं कोयला प्रदूषण के चलते कॉलोनी में दमा, टीबी आदि गंभीर बीमारियों की चपेट में आने के चलते अब दर्जनों लोगों की मौत भी हो चुकी है।
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इसके अलावा कोयला के गुबार उड़कर करीब पांच किलोमीटर तक के क्षेत्र में रहने वाले लोगों को प्रभावित करता था। अयोध्या स्टेशन से कोयला साइडिंग हटाने को लेकर कई बार आंदोलन, प्रदर्शन भी हुए, दशकों से इसकी मांग चली आ रही थी।
वर्तमान सांसद लल्लू सिंह के प्रयास से आखिरकार कोयला साइडिंग को रामनगरी की परिधि से हटा दिया गया है। कोयला प्रदूषण से सबसे ज्यादा प्रभावित वर्मा कॉलोनी के 55 परिवार थे।
80 वर्षीय रामदास यादव ने बताया कि 1968 में म्यांमार से विस्थापित होकर जब हम भारत आए तो तत्कालीन इंदिरागांधी सरकार द्वारा वर्मा से आए लोगों के पुनर्वास के लिए 35 घरों की वर्मा कॉलोनी बनाई गई।
यहां स्थापित होने के कुछ ही दिनों बाद कोयला प्रदूषण की जद में यह कॉलोनी आ गई। तब से आज तक हम इसका सामना करने रहे अब निजात मिली है, बहुत खुशी हो रही है।
दीपक यादव ने भी कोयला साइडिंग हटने पर प्रसन्नता व्यक्त की, कहा कि जब कोयले का गुबार उड़ता था तो रोटियों तक पर कालिख जम जाती थी। प्रशांत यादव ने कहा कि हमारा पूरा बचपन कोयले की राख में ही बीता है।
कोयले की रैक के चलते पूरी कॉलोनी जबरदस्त प्रदूषण की जद में थी, अब हमारे अच्छे दिन आए हैं। अनिल कुमार ने कहा कि हमारी कॉलोनी में दर्जनों लोग टीबी, दमा जैसे रोगों से ग्रसित हो चुके हैं, कई तो काल का शिकार भी हो गए।
ऐसे में कोयला साइडिंग यहां से हटना हमारे लिए वरदान से कम नहीं है। सत्यम ने भी कोयला प्रदूषण से मुक्ति मिलने पर खुशी जाहिर की है, कहा कि अब क्षेत्र का वातावरण शुद्ध होगा।
अयोध्या स्टेशन से कोयला साइडिंग बंद कर दी गई है। ट्रैक उखाड़ दिया गया है। अब नई कोयला साइडिंग बिल्वहरिघाट में स्थापित होगी। वहां काम शुरू हो चुका है। मार्च तक काम पूरा होने के बाद अब वहीं कोयले की लोडिंग व अनलोडिंग की जाएगी।- महेंद्र नाथ मिश्र, स्टेशन अधीक्षक, अयोध्या
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अयोध्या रेलवे स्टेशन पर करीब चार दशक से चल रही कोयला साइडिंग के चलते करीब दो हजार लोग प्रभावित थे। वर्मा कॉलोनी, बाग विजेशर, नोनहटिया, पुलिस कॉलोनी, खटिक मंदिर इलाके के लोग कोयला के प्रदूषण के चलते काफी परेशान थे।
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सबसे ज्यादा प्रभावित वर्मा कॉलोनी थी। इस कॉलोनी के करीब 55 परिवारों की तो कोयले के गुबार के बीच जीवन यापन करने की आदत सी बन गई थी। यही नहीं कोयला प्रदूषण के चलते कॉलोनी में दमा, टीबी आदि गंभीर बीमारियों की चपेट में आने के चलते अब दर्जनों लोगों की मौत भी हो चुकी है।
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इसके अलावा कोयला के गुबार उड़कर करीब पांच किलोमीटर तक के क्षेत्र में रहने वाले लोगों को प्रभावित करता था। अयोध्या स्टेशन से कोयला साइडिंग हटाने को लेकर कई बार आंदोलन, प्रदर्शन भी हुए, दशकों से इसकी मांग चली आ रही थी।
वर्तमान सांसद लल्लू सिंह के प्रयास से आखिरकार कोयला साइडिंग को रामनगरी की परिधि से हटा दिया गया है। कोयला प्रदूषण से सबसे ज्यादा प्रभावित वर्मा कॉलोनी के 55 परिवार थे।
80 वर्षीय रामदास यादव ने बताया कि 1968 में म्यांमार से विस्थापित होकर जब हम भारत आए तो तत्कालीन इंदिरागांधी सरकार द्वारा वर्मा से आए लोगों के पुनर्वास के लिए 35 घरों की वर्मा कॉलोनी बनाई गई।
यहां स्थापित होने के कुछ ही दिनों बाद कोयला प्रदूषण की जद में यह कॉलोनी आ गई। तब से आज तक हम इसका सामना करने रहे अब निजात मिली है, बहुत खुशी हो रही है।
दीपक यादव ने भी कोयला साइडिंग हटने पर प्रसन्नता व्यक्त की, कहा कि जब कोयले का गुबार उड़ता था तो रोटियों तक पर कालिख जम जाती थी। प्रशांत यादव ने कहा कि हमारा पूरा बचपन कोयले की राख में ही बीता है।
कोयले की रैक के चलते पूरी कॉलोनी जबरदस्त प्रदूषण की जद में थी, अब हमारे अच्छे दिन आए हैं। अनिल कुमार ने कहा कि हमारी कॉलोनी में दर्जनों लोग टीबी, दमा जैसे रोगों से ग्रसित हो चुके हैं, कई तो काल का शिकार भी हो गए।
ऐसे में कोयला साइडिंग यहां से हटना हमारे लिए वरदान से कम नहीं है। सत्यम ने भी कोयला प्रदूषण से मुक्ति मिलने पर खुशी जाहिर की है, कहा कि अब क्षेत्र का वातावरण शुद्ध होगा।
अयोध्या स्टेशन से कोयला साइडिंग बंद कर दी गई है। ट्रैक उखाड़ दिया गया है। अब नई कोयला साइडिंग बिल्वहरिघाट में स्थापित होगी। वहां काम शुरू हो चुका है। मार्च तक काम पूरा होने के बाद अब वहीं कोयले की लोडिंग व अनलोडिंग की जाएगी।- महेंद्र नाथ मिश्र, स्टेशन अधीक्षक, अयोध्या