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Ayodhya News: मारपीट में दो लोगों को दो साल की सजा
Wed, 08 Feb 2023 08:02 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Wed, 08 Feb 2023 08:02 PM IST
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अयोध्या। खेत में भैंस घुसने पर मारपीट करने के मामले में कोर्ट ने दो लोगों को दोषी पाते हुए उन्हें दो साल के कारावास तथा प्रत्येक को 500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
इस मामले में दूसरे लोगों को कोर्ट ने दोषी पाते हुए एक साल की अवधि तक परिवीक्षा पर रहने का लाभ दिया है। यह आदेश मंगलवार को विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट अमित कुमार पांडेय की अदालत से हुआ।
एडीजीसी रोहित पांडेय व एससी-एसटी एक्ट के विशेष लोक अभियोजक नरसिंह नारायण उपाध्याय ने बताया कि घटना 27 दिसंबर 2001 की है। खंडासा थाना क्षेत्र के इछोई गांव के रहने वाले कालिका प्रसाद ने रिपोर्ट लिखाई थी कि घटना वाले दिन उसकी भैंस खुलकर शिव आधार के खेत में चली गई। वह उलाहना देने आया तो उनकी पत्नी ने कहा कि जो नुकसान हुआ हो उसे ले लीजिए।
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इसी से नाराज होकर दशरथ, शिव अधार और राम प्रगट ने उसे पीटा था। मुकदमे के दौरान दशरथ की मौत हो गई। इसलिए मुकदमा उसके खिलाफ समाप्त कर दिया गया। अन्य दोनों को कोर्ट ने दोषी पाते हुए सजा दी।
इसके दूसरे पक्ष के कालिका प्रसाद, जसवंत और त्रिलोकी को भी कोर्ट ने मारपीट के मामले में दोषी पाया लेकिन इन्हें एक साल के सदाचार की परिवीक्षा पर छोड़ दिया। इसमें जसवंत इछोई के ग्राम प्रधान हैं।
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इस मामले में दूसरे लोगों को कोर्ट ने दोषी पाते हुए एक साल की अवधि तक परिवीक्षा पर रहने का लाभ दिया है। यह आदेश मंगलवार को विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट अमित कुमार पांडेय की अदालत से हुआ।
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एडीजीसी रोहित पांडेय व एससी-एसटी एक्ट के विशेष लोक अभियोजक नरसिंह नारायण उपाध्याय ने बताया कि घटना 27 दिसंबर 2001 की है। खंडासा थाना क्षेत्र के इछोई गांव के रहने वाले कालिका प्रसाद ने रिपोर्ट लिखाई थी कि घटना वाले दिन उसकी भैंस खुलकर शिव आधार के खेत में चली गई। वह उलाहना देने आया तो उनकी पत्नी ने कहा कि जो नुकसान हुआ हो उसे ले लीजिए।
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इसी से नाराज होकर दशरथ, शिव अधार और राम प्रगट ने उसे पीटा था। मुकदमे के दौरान दशरथ की मौत हो गई। इसलिए मुकदमा उसके खिलाफ समाप्त कर दिया गया। अन्य दोनों को कोर्ट ने दोषी पाते हुए सजा दी।
इसके दूसरे पक्ष के कालिका प्रसाद, जसवंत और त्रिलोकी को भी कोर्ट ने मारपीट के मामले में दोषी पाया लेकिन इन्हें एक साल के सदाचार की परिवीक्षा पर छोड़ दिया। इसमें जसवंत इछोई के ग्राम प्रधान हैं।