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हड़ताल से दो सौ करोड़ की क्लीयरिंग अटकी
फैजाबाद
Updated Tue, 22 Aug 2017 10:19 PM IST
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हड़ताल के कारण भारतीय स्टेट बैंक में पसरा सन्नाटा।
- फोटो : अमर उजाला
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बैंकिंग उद्योग के अधिकारी व कर्मचारी यूनियनों के नौ संगठनों के संयुक्त फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर मंगलवार को बैंककर्मियों ने जिले के सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों में काम-काज ठप रहा। हड़ताल की वजह से जिले में दो सौ करोड़ की क्लीयरिंग ठप रही।
साथ ही लेन-देन ठप होने से बैंक आए तमाम लोगों ने सांसत झेली। उपभोक्ताओं को अनेक असुविधाओं का सामना करना पड़ा। बैंककर्मियों ने 17 सूत्री मांगों के समर्थन में प्रदर्शन व नारेबाजी की और सेंट्रल बैंक सिविल लाइन तक रैली निकाली।
जिले के सभी स्टेट बैंक, राष्ट्रीयकृत बैंक और ग्रामीण बैंक पूर्णतया बंद रहे। भारत सरकार की जन आर्थिक एवं बैंक की श्रमिक विरोधी नीतियों का आरोप लगाते हुए बैंककर्मियों ने मंगलवार को सुबह से ही भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा सिविल लाइन के सामने एकजुट होकर कार्य बहिष्कार का ऐलान किया।
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बैंककर्मियों ने 17 सूत्री मांगों के समर्थन में प्रदर्शन एवं नारेबाजी की तथा सेंट्रल बैंक सिविल लाइन तक रैली निकाली। प्रदर्शन में स्टेट बैंक, सभी राष्ट्रीयकृत बैंक, ग्रामीण बैंक के अधिकारी व कर्मचारी शामिल रहे। धरनास्थल पर एकत्र सभा को संबोधित करते हुए सीबीएसए के प्रांतीय महामंत्री ने कहा कि सरकार जनविरोधी बैंकिंग सुविधाओं को तत्काल रोके।
मांग उठाई कि सार्वजनिक बैंकों का निजीकरण न हो, बैंक के विलय की योजना रोकी जाए, कॉरपोरेट सेक्टर के ऋण न जमा करने वालों पर फौजदारी की कार्रवाई हो, बैंक ग्राहकों से सेवा शुल्क न लिया जाए और ग्यारहवां वेतन समझौता शीघ्र किया जाए।
यूपीबीईयू के मंत्री सुभाष श्रीवास्तव ने कहा कि बैंक में फंसे कर्जों की वसूली शीघ्र की जाए। अनुकंपा के आधार पर बैंकों में शीघ्र भर्ती की जाए, जनता का धन, जनता को दिया न कि कॉरपोरेट कंपनियों को। बताया कि 15 सितंबर को संसद मार्च कर संसद का घेराव किया जाएगा। इस दौरान आरएस दूबे, सुरेश श्रीवास्तव, नंदकिशोर, राजेश खत्री, एसके सिंह, पवन सिंह, हेमंत कुमार, रामप्रीत, अवधेश श्रीवास्तव, रामचंद्र यादव, रमेश वर्मा आदि मौजूद रहे।
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साथ ही लेन-देन ठप होने से बैंक आए तमाम लोगों ने सांसत झेली। उपभोक्ताओं को अनेक असुविधाओं का सामना करना पड़ा। बैंककर्मियों ने 17 सूत्री मांगों के समर्थन में प्रदर्शन व नारेबाजी की और सेंट्रल बैंक सिविल लाइन तक रैली निकाली।
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जिले के सभी स्टेट बैंक, राष्ट्रीयकृत बैंक और ग्रामीण बैंक पूर्णतया बंद रहे। भारत सरकार की जन आर्थिक एवं बैंक की श्रमिक विरोधी नीतियों का आरोप लगाते हुए बैंककर्मियों ने मंगलवार को सुबह से ही भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा सिविल लाइन के सामने एकजुट होकर कार्य बहिष्कार का ऐलान किया।
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बैंककर्मियों ने 17 सूत्री मांगों के समर्थन में प्रदर्शन एवं नारेबाजी की तथा सेंट्रल बैंक सिविल लाइन तक रैली निकाली। प्रदर्शन में स्टेट बैंक, सभी राष्ट्रीयकृत बैंक, ग्रामीण बैंक के अधिकारी व कर्मचारी शामिल रहे। धरनास्थल पर एकत्र सभा को संबोधित करते हुए सीबीएसए के प्रांतीय महामंत्री ने कहा कि सरकार जनविरोधी बैंकिंग सुविधाओं को तत्काल रोके।
मांग उठाई कि सार्वजनिक बैंकों का निजीकरण न हो, बैंक के विलय की योजना रोकी जाए, कॉरपोरेट सेक्टर के ऋण न जमा करने वालों पर फौजदारी की कार्रवाई हो, बैंक ग्राहकों से सेवा शुल्क न लिया जाए और ग्यारहवां वेतन समझौता शीघ्र किया जाए।
यूपीबीईयू के मंत्री सुभाष श्रीवास्तव ने कहा कि बैंक में फंसे कर्जों की वसूली शीघ्र की जाए। अनुकंपा के आधार पर बैंकों में शीघ्र भर्ती की जाए, जनता का धन, जनता को दिया न कि कॉरपोरेट कंपनियों को। बताया कि 15 सितंबर को संसद मार्च कर संसद का घेराव किया जाएगा। इस दौरान आरएस दूबे, सुरेश श्रीवास्तव, नंदकिशोर, राजेश खत्री, एसके सिंह, पवन सिंह, हेमंत कुमार, रामप्रीत, अवधेश श्रीवास्तव, रामचंद्र यादव, रमेश वर्मा आदि मौजूद रहे।