{"_id":"60db66cf8ebc3ee59b7ff08f","slug":"trustees-of-ram-temple-gathered-in-ayodhya-confidential-meeting-held-faizabad-news-lko584744161","type":"story","status":"publish","title_hn":"अयोध्या में जुटे राम मंदिर के ट्रस्टी, हुई गोपनीय बैठक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अयोध्या में जुटे राम मंदिर के ट्रस्टी, हुई गोपनीय बैठक
विज्ञापन
अयोध्या। जमीन खरीद मामले में भ्रष्टाचार के आरोप से घिरे श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों का मंगलवार को अयोध्या में जमावड़ा हुआ। जानकी घाट स्थित एक मंदिर में ट्रस्टियों ने गोपनीय बैठक की।
इस बैठक में जमीन खरीद मामले के साथ-साथ परकोटा निर्माण को लेकर मंथन भी किया गया। बैठक में राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी व कर्नाटक स्थित उडप्पी शंकराचार्य व राम जन्मभूमि ट्रस्ट के न्यासी स्वामी विश्वप्रसन्न तीर्थ भी मौजूद रहे।
ट्रस्ट सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जमीन खरीद मामले में लगे आरोपों को लेकर ट्रस्ट अब पलटवार करने की तैयारी में जुटा हुआ है। पुणे से चलकर अयोध्या पहुंचे रामजन्मभूमि ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष महंत गोविंद देव गिरि के साथ ट्रस्ट महासचिव चंपत राय ने मंगलवार को गोपनीय बैठक की।
विज्ञापन
इस बैठक में ट्रस्टी व निर्मोही अखाड़ा के महंत दिनेन्द्र दास, डॉ. अनिल मिश्र, विमलेंद्र मोहन मिश्र भी मौजूद रहे। इस बैठक में जमीन खरीद के हर पहलू पर चर्चा की गई।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ट्रस्ट ने जमीन खरीद मामले में लगे आरोपों का माकूल जवाब तैयार कर लिया है। ट्रस्टियों का मत है कि यह विवाद राजनीतिक दृष्टि से उठाया गया है।
जिससे समाज में भ्रम की स्थिति पैदा हो और विपक्षियों को अपना मकसद पूरा करने में मदद मिले। ऐसी स्थिति में इस विवाद का पटाक्षेप कानूनी दृष्टि से किया जा सकता है।
ऐसे में मानहानि के दावा करने की तैयारी शुरू करने का निर्णय हुआ है। वहीं दूसरी तरफ ट्रस्ट की बैठक को लेकर ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने किसी भी तरीके की सूचना सार्वजनिक करने से इंकार कर दिया।
जमीन विवाद से इतर ट्रस्ट राम मंदिर निर्माण कार्य को गति प्रदान करने में भी जुटा हुआ है। राम मंदिर के नींव भराई का काम तेजी से चल रहा है तो वहीं दूसरी तरफ परकोटा निर्माण को लेकर भी मंथन तेज हो गया है।
मिली जानकारी के अनुसार दक्षिण भारतीय वास्तुकार भी यहां आए है जो कि बुधवार को रामजन्मभूमि परिसर का निरीक्षण कर भावी निर्माण की रूपरेखा तय करेंगे।
मालूम हो कि दक्षिण भारतीय शैली में प्रस्तावित परकोटे का निर्माण पांच एकड़ भूमि में किया जाना है। परकोटे का निर्माण सबसे पहले पश्चिम दिशा में शुरू हो सकता है।
विज्ञापन
इस बैठक में जमीन खरीद मामले के साथ-साथ परकोटा निर्माण को लेकर मंथन भी किया गया। बैठक में राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी व कर्नाटक स्थित उडप्पी शंकराचार्य व राम जन्मभूमि ट्रस्ट के न्यासी स्वामी विश्वप्रसन्न तीर्थ भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
ट्रस्ट सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जमीन खरीद मामले में लगे आरोपों को लेकर ट्रस्ट अब पलटवार करने की तैयारी में जुटा हुआ है। पुणे से चलकर अयोध्या पहुंचे रामजन्मभूमि ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष महंत गोविंद देव गिरि के साथ ट्रस्ट महासचिव चंपत राय ने मंगलवार को गोपनीय बैठक की।
विज्ञापन
इस बैठक में ट्रस्टी व निर्मोही अखाड़ा के महंत दिनेन्द्र दास, डॉ. अनिल मिश्र, विमलेंद्र मोहन मिश्र भी मौजूद रहे। इस बैठक में जमीन खरीद के हर पहलू पर चर्चा की गई।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ट्रस्ट ने जमीन खरीद मामले में लगे आरोपों का माकूल जवाब तैयार कर लिया है। ट्रस्टियों का मत है कि यह विवाद राजनीतिक दृष्टि से उठाया गया है।
जिससे समाज में भ्रम की स्थिति पैदा हो और विपक्षियों को अपना मकसद पूरा करने में मदद मिले। ऐसी स्थिति में इस विवाद का पटाक्षेप कानूनी दृष्टि से किया जा सकता है।
ऐसे में मानहानि के दावा करने की तैयारी शुरू करने का निर्णय हुआ है। वहीं दूसरी तरफ ट्रस्ट की बैठक को लेकर ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने किसी भी तरीके की सूचना सार्वजनिक करने से इंकार कर दिया।
जमीन विवाद से इतर ट्रस्ट राम मंदिर निर्माण कार्य को गति प्रदान करने में भी जुटा हुआ है। राम मंदिर के नींव भराई का काम तेजी से चल रहा है तो वहीं दूसरी तरफ परकोटा निर्माण को लेकर भी मंथन तेज हो गया है।
मिली जानकारी के अनुसार दक्षिण भारतीय वास्तुकार भी यहां आए है जो कि बुधवार को रामजन्मभूमि परिसर का निरीक्षण कर भावी निर्माण की रूपरेखा तय करेंगे।
मालूम हो कि दक्षिण भारतीय शैली में प्रस्तावित परकोटे का निर्माण पांच एकड़ भूमि में किया जाना है। परकोटे का निर्माण सबसे पहले पश्चिम दिशा में शुरू हो सकता है।