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रामनगरी में पानी से भक्तों की सांसत
अमर उजाला ब्यूरो/अयोध्या
Updated Mon, 01 Aug 2016 11:48 PM IST
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सप्तसागर कॉलोनी में घरों में घुसा पानी।
- फोटो : अमर उजाला
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मूसलधार बारिश से समूची रामनगरी टापू में तब्दील हो गई। सावन के दूसरे सोमवार पर कांवरियों व भक्तों का रेला डूबी सड़कों पर कराहता नजर आया। बारिश से पालिका प्रशासन की जलनिकासी की व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई। भोर से लगभग चार घंटे की तेज बारिश से कई मोहल्ले के घरों में पानी घुस गया।
लोग छतों पर शरण लिए रहे। तमाम रास्ते भी जहां पानी में डूब गए वहीं घरों व मंदिरों में घुटनों से ऊपर तक पानी भर गया। हनुमानगढ़ी मंदिर से कनक भवन व रामजन्मभूमि जाने वाले मार्ग की सड़क बारिश से बुरी तरह उखड़कर गड्ढों में तब्दील हो गई। हालांकि दोपहर बाद राहत मिली।
सोमवार को भोर से शुरू हुई मूसलधार बारिश नगरवासियों के लिए आफत बन गई। लगभग चार घंटे तक हुई बारिश थमी तो समूची अयोध्या लगभग जलमग्न सी हो गई।
सप्तसागर कॉलोनी, क्षीरसागर से सटी जलवानपुरा नई कॉलोनी, कजियाना से खटिक पंचायती मंदिर का क्षेत्र, रामघाट, वासुदेवघाट, मणिराम दास छावनी से नयाघाट जाने वाला मार्ग, रानी बाजार से राजसदन मार्ग आदि नहरों में तब्दील हो गए थे।
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कॉलोनियों व मोहल्लों में बरसात का पानी घरों में घुटने-घुटने तक भर गया। हालात यह रहे कि कई घंटों तक लोग बाहर निकलने को लेकर भयभीत रहे।
जलवानपुरा नई कॉलोनी में पानी में डूबे घरों से परेशान शिवनारायन अग्रहरि, रिंकू सिंह, अनिल श्रीवास्तव, अशोक श्रीवास्तव, भूपेंद्र शर्मा जिला व पालिका प्रशासन पर आक्रोशित हो कहते हैं कि कॉलोनी में जलभराव से निजात के लिए वर्षों से जलनिकासी की पुख्ता व्यवस्था को नाला निर्माण की मांग की जा रही लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही।
इससे क्षेत्र के लोगों को बारिश में परेशान होना पड़ता है। सप्तसागर कॉलोनी के रीतेश अवस्थी, राकेश तिवारी, विवेक सिंह, मधुकर पांडेय, सौरभ तिवारी, घनश्याम तिवारी कहते हैं कि लगभग दस सालों से सीवर लाइन चोक है। शिकायत की गई लेकिन कार्रवाई न होने से जलभराव की समस्या से क्षेत्रवासी परेशान हो रहे हैं।
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लोग छतों पर शरण लिए रहे। तमाम रास्ते भी जहां पानी में डूब गए वहीं घरों व मंदिरों में घुटनों से ऊपर तक पानी भर गया। हनुमानगढ़ी मंदिर से कनक भवन व रामजन्मभूमि जाने वाले मार्ग की सड़क बारिश से बुरी तरह उखड़कर गड्ढों में तब्दील हो गई। हालांकि दोपहर बाद राहत मिली।
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सोमवार को भोर से शुरू हुई मूसलधार बारिश नगरवासियों के लिए आफत बन गई। लगभग चार घंटे तक हुई बारिश थमी तो समूची अयोध्या लगभग जलमग्न सी हो गई।
सप्तसागर कॉलोनी, क्षीरसागर से सटी जलवानपुरा नई कॉलोनी, कजियाना से खटिक पंचायती मंदिर का क्षेत्र, रामघाट, वासुदेवघाट, मणिराम दास छावनी से नयाघाट जाने वाला मार्ग, रानी बाजार से राजसदन मार्ग आदि नहरों में तब्दील हो गए थे।
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कॉलोनियों व मोहल्लों में बरसात का पानी घरों में घुटने-घुटने तक भर गया। हालात यह रहे कि कई घंटों तक लोग बाहर निकलने को लेकर भयभीत रहे।
जलवानपुरा नई कॉलोनी में पानी में डूबे घरों से परेशान शिवनारायन अग्रहरि, रिंकू सिंह, अनिल श्रीवास्तव, अशोक श्रीवास्तव, भूपेंद्र शर्मा जिला व पालिका प्रशासन पर आक्रोशित हो कहते हैं कि कॉलोनी में जलभराव से निजात के लिए वर्षों से जलनिकासी की पुख्ता व्यवस्था को नाला निर्माण की मांग की जा रही लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही।
इससे क्षेत्र के लोगों को बारिश में परेशान होना पड़ता है। सप्तसागर कॉलोनी के रीतेश अवस्थी, राकेश तिवारी, विवेक सिंह, मधुकर पांडेय, सौरभ तिवारी, घनश्याम तिवारी कहते हैं कि लगभग दस सालों से सीवर लाइन चोक है। शिकायत की गई लेकिन कार्रवाई न होने से जलभराव की समस्या से क्षेत्रवासी परेशान हो रहे हैं।