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जाम के जंजाल में फंसी रामनगरी
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रामनगरी में मुख्य मार्गों पर खड़े टैंपो।
- फोटो : FAIZABAD
अयोध्या। रामनगरी में नगर निगम व यातायात पुलिस द्वारा यातायात को व्यवस्थित करने के लिए पुख्ता इंतजाम नहीं है। पर्यटकों की संख्या बढ़ने से पूरा शहर दिन भर जाम के झाम से जूझता रहता है।
इस बीच वीवीआईपी के आए दिन दौरे से डायवर्जन होने के कारण श्रद्धालुओं को परेशानी उठानी पड़ती है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब यहां की यातायात व पार्किंग व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो हालात बेहद खराब हो सकते हैं।
यहां यातायात सिंगनल व्यवस्था नहीं होने के चलते हजारों की संख्या में चल रहे ऑटो, विक्रम व ई रिक्शा यात्रियों की परेशानी का सबब बने हुए हैं।
राम मंदिर निर्माण की संभावना को लेकर सरकार द्वारा पूर्व में ही अयोध्या के भव्य विकास का खाका खींचा जा चुका है। इसके तहत अयोध्या रेलवे व बस स्टेशन का विस्तार, हवाई अड्डा निर्माण के साथ की यहां गली, कूंचों की सड़कें, स्नान घाट, पार्क, उद्यान व धार्मिक स्थलों को विकसित किया जा रहा है।
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लेकिन, इस विकास में नियंत्रित ट्रैफिक के चलते अयोध्या के मुख्य मार्ग व गलियों पर लगने वाला जाम कोढ़ में खाज का काम कर रहा है। इसका मुख्य कारण अयोध्या-फैजाबाद रूट पर चलने वाले सवारी वाहन ऑटो, विक्रम व ई रिक्शा जैसे वाहन हैं, इनकी संख्या हजारों में है।
हाल ये है कि यह बेलगाम वाहन चालक न तो नियमों का पालन करते हैं और न ही इन्हें यातायात पुलिस व परिवहन विभाग से कोई डर नहीं लगता है। ये जहां भी चाहते हैं बीच सड़क पर वाहन रोक सवारी बैठाने उतारने लगते है, इसके लिए वो भीड़ व चौराहों की भी परवाह नहीं करते हैं।
इसके चलते अयोध्या के श्रीराम अस्पताल से लेकर नयाघाट तक का मुख्य मार्ग हमेशा जाम की गिरफ्त में रहता है। अगर समय रहते ही इन पर अंकुश नहीं लगाया गया तो यह तय है कि आने वाले दिनों में जब अयोध्या में मंदिर निर्माण शुरू होगा तो ये अयोध्या की सुंदरता पर दाग लगाते नजर आएंगे।
कोई ट्रैफिक प्लान नहीं, कहां सवारी बैठाना व उतारना है, तय ही नहीं
अयोध्या-फैजाबाद रूट नंबर-1 पर चल रहे यह सवारी वाहन कहां सवारी बैठाएंगे या उतारेंगे, इसके लिए यातायात पुलिस द्वारा कोई प्लान नहीं तैयार किया गया है। इसके चलते ये जहां सवारी देखते हैं बैठाकर आगे चलते बनते हैं। हाल यह है कि अयोध्या के सबसे व्यस्तम चौराहे हनुमानगढ़ी, दंतधावनकुंड, पोस्ट आफिस तिराहा, बंधा तिराहा नयाघाट समेत मुख्य मार्ग पर श्रृंगार हाट, पेट्रोल पंप जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में इन वाहनों के चलते लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
परिवहन विभाग में रजिस्टर्ड हैं मात्र 375 तिपहिया वाहन
परिवहन विभाग के अनुसार अयोध्या-फैजाबाद रूट नंबर-1 पर चलने के लिए कुल 375 ऑटो व विक्रम को परमिट दिया गया है। वहीं, इसके विपरीत इनकी संख्या एक हजार के आसपास है। इनमें तमाम वाहन ऐसे हैं जिन्हें परमिट दूसरे रूट का मिला है लेकिन वो इस रूट पर चल रहे हैं। परिवहन विभाग इनके खिलाफ अभियान भी चलाता है जो महज औपचारिक ही रहता है।
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इस बीच वीवीआईपी के आए दिन दौरे से डायवर्जन होने के कारण श्रद्धालुओं को परेशानी उठानी पड़ती है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब यहां की यातायात व पार्किंग व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो हालात बेहद खराब हो सकते हैं।
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यहां यातायात सिंगनल व्यवस्था नहीं होने के चलते हजारों की संख्या में चल रहे ऑटो, विक्रम व ई रिक्शा यात्रियों की परेशानी का सबब बने हुए हैं।
राम मंदिर निर्माण की संभावना को लेकर सरकार द्वारा पूर्व में ही अयोध्या के भव्य विकास का खाका खींचा जा चुका है। इसके तहत अयोध्या रेलवे व बस स्टेशन का विस्तार, हवाई अड्डा निर्माण के साथ की यहां गली, कूंचों की सड़कें, स्नान घाट, पार्क, उद्यान व धार्मिक स्थलों को विकसित किया जा रहा है।
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लेकिन, इस विकास में नियंत्रित ट्रैफिक के चलते अयोध्या के मुख्य मार्ग व गलियों पर लगने वाला जाम कोढ़ में खाज का काम कर रहा है। इसका मुख्य कारण अयोध्या-फैजाबाद रूट पर चलने वाले सवारी वाहन ऑटो, विक्रम व ई रिक्शा जैसे वाहन हैं, इनकी संख्या हजारों में है।
हाल ये है कि यह बेलगाम वाहन चालक न तो नियमों का पालन करते हैं और न ही इन्हें यातायात पुलिस व परिवहन विभाग से कोई डर नहीं लगता है। ये जहां भी चाहते हैं बीच सड़क पर वाहन रोक सवारी बैठाने उतारने लगते है, इसके लिए वो भीड़ व चौराहों की भी परवाह नहीं करते हैं।
इसके चलते अयोध्या के श्रीराम अस्पताल से लेकर नयाघाट तक का मुख्य मार्ग हमेशा जाम की गिरफ्त में रहता है। अगर समय रहते ही इन पर अंकुश नहीं लगाया गया तो यह तय है कि आने वाले दिनों में जब अयोध्या में मंदिर निर्माण शुरू होगा तो ये अयोध्या की सुंदरता पर दाग लगाते नजर आएंगे।
कोई ट्रैफिक प्लान नहीं, कहां सवारी बैठाना व उतारना है, तय ही नहीं
अयोध्या-फैजाबाद रूट नंबर-1 पर चल रहे यह सवारी वाहन कहां सवारी बैठाएंगे या उतारेंगे, इसके लिए यातायात पुलिस द्वारा कोई प्लान नहीं तैयार किया गया है। इसके चलते ये जहां सवारी देखते हैं बैठाकर आगे चलते बनते हैं। हाल यह है कि अयोध्या के सबसे व्यस्तम चौराहे हनुमानगढ़ी, दंतधावनकुंड, पोस्ट आफिस तिराहा, बंधा तिराहा नयाघाट समेत मुख्य मार्ग पर श्रृंगार हाट, पेट्रोल पंप जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में इन वाहनों के चलते लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
परिवहन विभाग में रजिस्टर्ड हैं मात्र 375 तिपहिया वाहन
परिवहन विभाग के अनुसार अयोध्या-फैजाबाद रूट नंबर-1 पर चलने के लिए कुल 375 ऑटो व विक्रम को परमिट दिया गया है। वहीं, इसके विपरीत इनकी संख्या एक हजार के आसपास है। इनमें तमाम वाहन ऐसे हैं जिन्हें परमिट दूसरे रूट का मिला है लेकिन वो इस रूट पर चल रहे हैं। परिवहन विभाग इनके खिलाफ अभियान भी चलाता है जो महज औपचारिक ही रहता है।