{"_id":"575b07564f1c1baf029c5ddf","slug":"today-s-youth-have-no-time-for-family-governor","type":"story","status":"publish","title_hn":"आज युवाओं के पास परिवार के लिए समय नहीं ः राज्यपाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आज युवाओं के पास परिवार के लिए समय नहीं ः राज्यपाल
अमर उजाला ब्यूरो/अयोध्या
Updated Sat, 11 Jun 2016 12:00 AM IST
विज्ञापन
महंत नृत्यगोपाल के जन्मोत्सव में शामिल राज्यपाल राम नाईक।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञान ने बहुत तरक्की कर ली है लेकिन इससे एक दिक्कत आ रही है। युवाओं को परिवार के लिए समय नहीं है। मानवीय संवेदनाएं कमजोर होती जा रहीं हैं। जीवन एकांगी होता जा रहा है।
यह बातें राज्यपाल राम नाईक ने शुक्रवार को वासुदेवघाट स्थित दीनबंधु नेत्र चिकित्सालय में दीनबंधु रिहैबिलीटेशन एवं फिजियोथेरेपी सेंटर व श्रीराम जन्मभूमि न्यास के कार्याध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास के 78वें जन्म महोत्सव के शुभारंभ पर कहीं।
उन्होंने कहा अयोध्या में आकर खुद को बड़ा भाग्यवान समझता हूं। राम और कृष्ण देश के लिए हजारों साल की परंपरा हैं। यह दो नाम जादुई नाम हैं। आजादी के समय महात्मा गांधी से पूछा गया कि देश आजाद होने के बाद वह क्या चाहते हैं तो वे बोले रामराज्य चाहता हूं।
विज्ञापन
राम का चरित्र नया नहीं है। नेत्र चिकित्सालय में रिहैबिलीटेशन एवं फिजियोथेरेपी सेंटर का उद्घाटन करते हुए राज्यपाल ने कहा कि शरीर में कुछ न कुछ अवश्य होता रहता है, जिसके लिए एक मात्र सहारा ऐसे केंद्र होते हैं और दूसरा सहारा प्रभुराम का होता है।
सौ लोगों में एक शूरवीर निकलता है। हजारों पंडितों में एक विद्वान निकलता है और हजारों में एक वक्ता निकलता है। समाज को उत्तम स्वास्थ्य देना राष्ट्र सेवा होती है। कहा कि आज कल किसी बात पर संदेह होता है तो हम जांच कराते हैं लेकिन लोग इस जांच पर ही संदेह करते हैं।
समारोह का संचालन महंत रामानंद दास ने किया। समारोह में महंत कमल नयन दास, उमेश दास, राजकुमार दास, डा. अनिल कुमार, राजेश अग्रवाल, ज.गु. रामानुजाचार्य, स्वामी पुरुषोत्तमाचार्य, विधायक रामचंद्र यादव आदि मौजूद रहे।
इससे पूर्व महोत्सव स्थल से सुबह सरयू तट तक कलश यात्रा निकाली गई। यात्रा के लौटने पर 16 जून तक होने वाली श्रीमद्भागवत कथा में कथाव्यास पं. देवकीनंदन ठाकुर ने कथा की शुरूआत की।
विज्ञापन
यह बातें राज्यपाल राम नाईक ने शुक्रवार को वासुदेवघाट स्थित दीनबंधु नेत्र चिकित्सालय में दीनबंधु रिहैबिलीटेशन एवं फिजियोथेरेपी सेंटर व श्रीराम जन्मभूमि न्यास के कार्याध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास के 78वें जन्म महोत्सव के शुभारंभ पर कहीं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा अयोध्या में आकर खुद को बड़ा भाग्यवान समझता हूं। राम और कृष्ण देश के लिए हजारों साल की परंपरा हैं। यह दो नाम जादुई नाम हैं। आजादी के समय महात्मा गांधी से पूछा गया कि देश आजाद होने के बाद वह क्या चाहते हैं तो वे बोले रामराज्य चाहता हूं।
विज्ञापन
राम का चरित्र नया नहीं है। नेत्र चिकित्सालय में रिहैबिलीटेशन एवं फिजियोथेरेपी सेंटर का उद्घाटन करते हुए राज्यपाल ने कहा कि शरीर में कुछ न कुछ अवश्य होता रहता है, जिसके लिए एक मात्र सहारा ऐसे केंद्र होते हैं और दूसरा सहारा प्रभुराम का होता है।
सौ लोगों में एक शूरवीर निकलता है। हजारों पंडितों में एक विद्वान निकलता है और हजारों में एक वक्ता निकलता है। समाज को उत्तम स्वास्थ्य देना राष्ट्र सेवा होती है। कहा कि आज कल किसी बात पर संदेह होता है तो हम जांच कराते हैं लेकिन लोग इस जांच पर ही संदेह करते हैं।
समारोह का संचालन महंत रामानंद दास ने किया। समारोह में महंत कमल नयन दास, उमेश दास, राजकुमार दास, डा. अनिल कुमार, राजेश अग्रवाल, ज.गु. रामानुजाचार्य, स्वामी पुरुषोत्तमाचार्य, विधायक रामचंद्र यादव आदि मौजूद रहे।
इससे पूर्व महोत्सव स्थल से सुबह सरयू तट तक कलश यात्रा निकाली गई। यात्रा के लौटने पर 16 जून तक होने वाली श्रीमद्भागवत कथा में कथाव्यास पं. देवकीनंदन ठाकुर ने कथा की शुरूआत की।