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तीन दिन बाद खुले बैंक, नहीं मिला कैश
फैजाबाद
Updated Tue, 13 Dec 2016 11:00 PM IST
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फैजाबाद-मंगलवार को भारतीय स्टेट बैंक में पैसे की निकासी के लिए अपने बेटे ठाकुर प्रसाद के साथ जाते राम लोचन।
- फोटो : अमर उजाला
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मंगलवार को तीन दिन बाद बैंक खुले तो सुबह से लोगों की कतार लग गई। कतार में लगे हजारों लोगों को बैंकों में कैश की कमी झेलनी पड़ रही। मिली जानकारी के अनुसार किसी भी बैंक की शाखा पर लोगों को 24 हजार विड्रॉल नहीं मिला।
बैंकों ने उपलब्ध कैश के मुताबिक 10 हजार से दो हजार तक की लिमिट में ही भुगतान किया। एटीएम का हाल पहले ही जैसा खराब रहा। कहीं पर बंद रहे तो कहीं खुले थे लेकिन उसमें पैसे ही नहीं थे। जहां रुपये थे भी, वे भी रुपयों के खत्म हो जाने से देर तक नहीं चल सके।
ग्राहकों को भरोसा था कि मंगलवार को बैंक खुलेंगे तो एटीएम से लेकर बैंक की शाखाओं में नोट के पर्याप्त इंतजाम रहेंगे। लेकिन गत दिनों की तरह ही बैंक शाखाओं से लेकर एटीएम तक कैश संकट से परेशान दिखे। जो मानक था, ग्राहकों को उसके अनुसार भी रुपये बैंकों की ओर से नहीं दिए गए।
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ग्राहकों को जगह-जगह लगे एटीएम ने निराश किया। हाल यह रहा कि लोग अपनी जरूरत के लिए भटकते रहे। मुश्किलों के बाद कुछ के हाथ रुपये लगे लेकिन अधिकतर लोगों के हाथ निराशा ही लगी। शहर के ख्वासपुरा, मोदहा, साहबगंज, सआदतगंज, चौक, गुदड़ी बाजार, देवकाली, नियांवा, नाका मकबरा, अवध विवि के पास तथा रीडगंज आदि क्षेत्रों में लगे एटीएम सेवा से बाहर रहे।
सोहावल प्रतिनिधि के अनुसार कतार में किसी के हाथ 10 हजार आया तो किसी को दो हजार मिले। पीएनबी सोहावल दोपहर तक कैश लेस रहा तो बड़ौदा सुचित्तागंज शाखा में 10 हजार तक भुगतान लेने की पाबंदी लगायी गयी थी। सबसे बुरा हाल क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक व डाक खानों का रहा जो ज्यादातर कैशविहीन रहे।
रौनाही ग्रामीण बैंक की शाखा में दो सौ से ज्यादा खाता धारक लाइन में खड़े मिले लेकिन एक खाता धारक को 2000 से ज्यादा नहीं दिया जा रहा था। अमसिन प्रतिनिधि के अनुसार सेंट्रल बैंक की गोसाईगंज शाखा में दोपहर करीब बारह बजे एक उपभोक्ता ने कहा कि चैनल गेट में करेंट है क्योंकि पकड़ते ही चैनल ने उसे झटक दिया।
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बैंकों ने उपलब्ध कैश के मुताबिक 10 हजार से दो हजार तक की लिमिट में ही भुगतान किया। एटीएम का हाल पहले ही जैसा खराब रहा। कहीं पर बंद रहे तो कहीं खुले थे लेकिन उसमें पैसे ही नहीं थे। जहां रुपये थे भी, वे भी रुपयों के खत्म हो जाने से देर तक नहीं चल सके।
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ग्राहकों को भरोसा था कि मंगलवार को बैंक खुलेंगे तो एटीएम से लेकर बैंक की शाखाओं में नोट के पर्याप्त इंतजाम रहेंगे। लेकिन गत दिनों की तरह ही बैंक शाखाओं से लेकर एटीएम तक कैश संकट से परेशान दिखे। जो मानक था, ग्राहकों को उसके अनुसार भी रुपये बैंकों की ओर से नहीं दिए गए।
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ग्राहकों को जगह-जगह लगे एटीएम ने निराश किया। हाल यह रहा कि लोग अपनी जरूरत के लिए भटकते रहे। मुश्किलों के बाद कुछ के हाथ रुपये लगे लेकिन अधिकतर लोगों के हाथ निराशा ही लगी। शहर के ख्वासपुरा, मोदहा, साहबगंज, सआदतगंज, चौक, गुदड़ी बाजार, देवकाली, नियांवा, नाका मकबरा, अवध विवि के पास तथा रीडगंज आदि क्षेत्रों में लगे एटीएम सेवा से बाहर रहे।
सोहावल प्रतिनिधि के अनुसार कतार में किसी के हाथ 10 हजार आया तो किसी को दो हजार मिले। पीएनबी सोहावल दोपहर तक कैश लेस रहा तो बड़ौदा सुचित्तागंज शाखा में 10 हजार तक भुगतान लेने की पाबंदी लगायी गयी थी। सबसे बुरा हाल क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक व डाक खानों का रहा जो ज्यादातर कैशविहीन रहे।
रौनाही ग्रामीण बैंक की शाखा में दो सौ से ज्यादा खाता धारक लाइन में खड़े मिले लेकिन एक खाता धारक को 2000 से ज्यादा नहीं दिया जा रहा था। अमसिन प्रतिनिधि के अनुसार सेंट्रल बैंक की गोसाईगंज शाखा में दोपहर करीब बारह बजे एक उपभोक्ता ने कहा कि चैनल गेट में करेंट है क्योंकि पकड़ते ही चैनल ने उसे झटक दिया।