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तीनदरा द्वार की छत ढही, एक जख्मी
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
Updated Fri, 15 Jul 2016 11:35 PM IST
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फैजाबाद में शुक्रवार को तीनदरा द्वार की ढही छत।
- फोटो : अमर उजाला
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नवाबी युग के स्थापत्य कला के सौंदर्य की शानदार इबारत ऐतिहासिक तीनदरा के एक हिस्से की छत शुक्रवार सुबह भरभराकर ढह गई। हादसे में एक दुकानदार घायल हो गया। गनीमत रही कि घटना सुबह के वक्त हुई, वरना कई लोग हताहत हो जाते।
मौके पर मची अफरातफरी के बीच पहुंचे प्रशासन और पुलिस की टीम ने चौक को सील कर रेस्क्यू अभियान चलाया। ऐहतियात के तौर पर प्रशासन ने दरे के नीचे की दुकानें बंद करा दीं। लेकिन जर्जर दरों से हो रहे हादसों को लेकर अभी भी कोई पुख्ता कवायद नहीं दिख रही है।
कोतवाली से मात्र चंद कदम दूर चौक के जिस दरे की छत गिरी है, उसमें वर्ष 2012 में दंगे के दौरान आग लगा दी गई थी। इसमें छत की बल्लियां जलकर कमजोर हो गई थीं। लेकिन जिला प्रशासन ने मरम्मत को लेकर एक-दूसरे विभागों पर टालमटोल कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल रखा था।
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शुक्रवार सुबह बारिश शुरू हुई तो उसके कुछ ही देर बाद तीनदरे के पश्चिमी हिस्से की एक छत ढह गई। इसके नीचे कई दुकानें हैं। मगर वे खुली नहीं थी। हादसे में एकमात्र फेरी दुकानदार संतोष कुमार सोनकर मलबे की चपेट में आकर घायल हो गया।
सूचना मिलते ही पहुंचे पुलिस व प्रशासनिक अफसरों ने चौक की ओर आने वाले सभी मार्गों को तत्काल रोक दिया। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर दरे के नीचे से पैदल आवागमन भी ठप कर जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉली लगा मलबे को हटाना शुरू किया। इसमें तकरीबन चार घंटे लग गए। इसके कारण चौक की दुकानदारी प्रभावित रही।
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मौके पर मची अफरातफरी के बीच पहुंचे प्रशासन और पुलिस की टीम ने चौक को सील कर रेस्क्यू अभियान चलाया। ऐहतियात के तौर पर प्रशासन ने दरे के नीचे की दुकानें बंद करा दीं। लेकिन जर्जर दरों से हो रहे हादसों को लेकर अभी भी कोई पुख्ता कवायद नहीं दिख रही है।
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कोतवाली से मात्र चंद कदम दूर चौक के जिस दरे की छत गिरी है, उसमें वर्ष 2012 में दंगे के दौरान आग लगा दी गई थी। इसमें छत की बल्लियां जलकर कमजोर हो गई थीं। लेकिन जिला प्रशासन ने मरम्मत को लेकर एक-दूसरे विभागों पर टालमटोल कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल रखा था।
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शुक्रवार सुबह बारिश शुरू हुई तो उसके कुछ ही देर बाद तीनदरे के पश्चिमी हिस्से की एक छत ढह गई। इसके नीचे कई दुकानें हैं। मगर वे खुली नहीं थी। हादसे में एकमात्र फेरी दुकानदार संतोष कुमार सोनकर मलबे की चपेट में आकर घायल हो गया।
सूचना मिलते ही पहुंचे पुलिस व प्रशासनिक अफसरों ने चौक की ओर आने वाले सभी मार्गों को तत्काल रोक दिया। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर दरे के नीचे से पैदल आवागमन भी ठप कर जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉली लगा मलबे को हटाना शुरू किया। इसमें तकरीबन चार घंटे लग गए। इसके कारण चौक की दुकानदारी प्रभावित रही।