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युवाओं को इस साल बेहतर भविष्य की आस
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 26 Dec 2015 10:48 PM IST
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युवाओं के विकास की योजना धरातल पर नजर नहीं आई। रोजगार की चाह में 2015 समाप्त होने को है लेकिन आस बाकी है। रोजगार और अच्छी शिक्षा के लिए जिलों से होनहारों का पलायन जारी रहा। इसी उतार चढ़ाव के बीच कुछ युवाओं ने प्रतियोगी परीक्षाओं में बाजी मार अधिकारी बनने के सपने को सच किया।
यशस्वी मिश्र बताते है कि साल 2015 उनके लिए मिला जुला रहा। जिले में कोई विशेष उपलब्धि नहीं मिली, नए साल में बेहतर भविष्य के लिए शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर करने के संकल्प है। उन्हें उम्मीद है की आने वाले चुनावी वर्ष युवाओं के रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे। वह नव वर्ष का स्वागत पार्टी के साथ करेंगे।
अभय शुक्ल के लिए 2015 सुखद रहा। इस वर्ष उन्होंने अपने परिश्रम के बूते प्रतियोगिता परीक्षा में सफलता पाई है। नए साल का शुभारंभ नई उर्जा के साथ परिवार के बीच करना चाहते हैं। नए वर्ष में उन्हें बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है।
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अविरल मिश्र के लिए 2015 मिला-जुला रहा। वह बताते हैं कि शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। परिणाम आना बाकी है। 2016 से उनको बहुत आस है। वह आने वाले साल में कठिन परिश्रम के सुखद परिणाम पाने का लक्ष्य संजोए हुए हैं। नए साल का आगाज वह अपने दोस्तों के साथ खुले आसमान के नीचे मौजमस्ती के साथ करना चाहते हैं।
सिद्धार्थ दूबे के लिए 2015 खास नहीं रहा। वह बताते हैं कि जीवन में व्यक्ति के कुछ पल ही यादगार होते हैं। जिन्हें जीवन भर याद किया जाता है। 2015 में मेरे लिए ऐसा कुछ खास नहीं था। 2016 में अपने भविष्य को लेकर कुछ योजना बनाई है। योजना पर अमल की शुरूआत नए साल से करेंगे। नया साल अपने परिवार के बीच मनाएंगें।
टॉपरों का नजरिया
इंटरमीडिएट की परीक्षा में जिले में अव्वल आने वाली छात्रा अपर्णा सिंह के लिए वर्ष 2015 यादगार रहा। अपर्णा कहती हैं कि इस वर्ष उन्हें नई पहचान मिली है। अब वह बेहतर भविष्य की आस में अपनी कार्य योजना पर कार्य कर रही हैं। 2016 में बेहतर प्रदर्शन का लक्ष्य है। वह युवाओं को बेहतर रोजगार के अवसर और शिक्षा में चल रहे बदलाव पर विराम लगा रोजगार परक शिक्षा चाहती है।
2015 की विदाई के साथ 2016 का स्वागत वह नए जोश के बीच परिवार के साथ करना चाहती है। हाईस्कूल की परीक्षा में जिले में टॉप करने वाले अमन कहते है कि यह वर्ष उनके लिए स्वर्ण वर्ष रहा है। उन्होंने अपने जीवन के पहले पड़ाव पर प्रथम आकर अपनी योग्यता और मनोबल को प्राप्त किया है।
यह सुखद वर्ष है। अमन इंटर की परीक्षा में प्रदेश की योग्यता सूची में स्थान बनाना चाहते हैं। इसके लिए वह कड़ी मेहनत कर रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि राज्य में यूपी बोर्ड अपना मुकाम वापस पा सकेगा। 2015 की विदाई के साथ 2016 का स्वागत वह नए जोश के बीच परिवार के साथ करना चाहते हैं।
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यशस्वी मिश्र बताते है कि साल 2015 उनके लिए मिला जुला रहा। जिले में कोई विशेष उपलब्धि नहीं मिली, नए साल में बेहतर भविष्य के लिए शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर करने के संकल्प है। उन्हें उम्मीद है की आने वाले चुनावी वर्ष युवाओं के रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे। वह नव वर्ष का स्वागत पार्टी के साथ करेंगे।
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अभय शुक्ल के लिए 2015 सुखद रहा। इस वर्ष उन्होंने अपने परिश्रम के बूते प्रतियोगिता परीक्षा में सफलता पाई है। नए साल का शुभारंभ नई उर्जा के साथ परिवार के बीच करना चाहते हैं। नए वर्ष में उन्हें बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है।
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अविरल मिश्र के लिए 2015 मिला-जुला रहा। वह बताते हैं कि शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। परिणाम आना बाकी है। 2016 से उनको बहुत आस है। वह आने वाले साल में कठिन परिश्रम के सुखद परिणाम पाने का लक्ष्य संजोए हुए हैं। नए साल का आगाज वह अपने दोस्तों के साथ खुले आसमान के नीचे मौजमस्ती के साथ करना चाहते हैं।
सिद्धार्थ दूबे के लिए 2015 खास नहीं रहा। वह बताते हैं कि जीवन में व्यक्ति के कुछ पल ही यादगार होते हैं। जिन्हें जीवन भर याद किया जाता है। 2015 में मेरे लिए ऐसा कुछ खास नहीं था। 2016 में अपने भविष्य को लेकर कुछ योजना बनाई है। योजना पर अमल की शुरूआत नए साल से करेंगे। नया साल अपने परिवार के बीच मनाएंगें।
टॉपरों का नजरिया
इंटरमीडिएट की परीक्षा में जिले में अव्वल आने वाली छात्रा अपर्णा सिंह के लिए वर्ष 2015 यादगार रहा। अपर्णा कहती हैं कि इस वर्ष उन्हें नई पहचान मिली है। अब वह बेहतर भविष्य की आस में अपनी कार्य योजना पर कार्य कर रही हैं। 2016 में बेहतर प्रदर्शन का लक्ष्य है। वह युवाओं को बेहतर रोजगार के अवसर और शिक्षा में चल रहे बदलाव पर विराम लगा रोजगार परक शिक्षा चाहती है।
2015 की विदाई के साथ 2016 का स्वागत वह नए जोश के बीच परिवार के साथ करना चाहती है। हाईस्कूल की परीक्षा में जिले में टॉप करने वाले अमन कहते है कि यह वर्ष उनके लिए स्वर्ण वर्ष रहा है। उन्होंने अपने जीवन के पहले पड़ाव पर प्रथम आकर अपनी योग्यता और मनोबल को प्राप्त किया है।
यह सुखद वर्ष है। अमन इंटर की परीक्षा में प्रदेश की योग्यता सूची में स्थान बनाना चाहते हैं। इसके लिए वह कड़ी मेहनत कर रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि राज्य में यूपी बोर्ड अपना मुकाम वापस पा सकेगा। 2015 की विदाई के साथ 2016 का स्वागत वह नए जोश के बीच परिवार के साथ करना चाहते हैं।