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गर्भगृह से शुरू होगा डेढ़ मीटर ऊंची राफ्ट की ढलाई का काम
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अयोध्या। राममंदिर की नींव की ढलाई का कार्य पूरा हो गया है। अब इसके ऊपर 1.5 फीट ऊंची रॉफ्ट ढाली जाएगी। इसे 25 डिग्री सेल्सियस तापमान पर ही तैयार किया जाएगा। ढलाई सिर्फ रात में होगी।
रॉफ्ट निर्माण के लिए नींव के ऊपर शटरिंग का कार्य चल रहा है। चार सौ गुणा तीन सौ लंबे-चौड़े क्षेत्रफल में राफ्ट ढलाई की प्रक्रिया अलग-अलग भागों में बांटकर की जाएगी। ढलाई का काम सबसे पहले गर्भगृह की तरफ से किया जाएगा।
इसका मुख्य कारण पश्चिम से पूरब दिशा की ढाल है। रॉफ्ट की ढलाई आईआईटी के विशेषज्ञों की बताई गई तकनीक पर की जाएगी। इसके लिए दो चिलिंग प्लांट लगे हैं, जिसमें आठ डिग्री सेल्सियस तापमान पर मटीरियल की मिक्सिंग होगी।
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रामजन्मभूमि ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्र का कहना है कि रॉफ्ट ढलाई का मसाला गीला होगा। इसे डालने पर मसाला आसपास क्षेत्र में बहकर फैल जाएगा।
निर्माण के लिए अलग-अलग ब्लॉक बनाए जाएंगे और फिर उसमें मसाला भरकर सूखने के लिए छोड़ दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह कार्य विधिवत एक अक्तूबर से शुरू होने की उम्मीद है।
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रॉफ्ट निर्माण के लिए नींव के ऊपर शटरिंग का कार्य चल रहा है। चार सौ गुणा तीन सौ लंबे-चौड़े क्षेत्रफल में राफ्ट ढलाई की प्रक्रिया अलग-अलग भागों में बांटकर की जाएगी। ढलाई का काम सबसे पहले गर्भगृह की तरफ से किया जाएगा।
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इसका मुख्य कारण पश्चिम से पूरब दिशा की ढाल है। रॉफ्ट की ढलाई आईआईटी के विशेषज्ञों की बताई गई तकनीक पर की जाएगी। इसके लिए दो चिलिंग प्लांट लगे हैं, जिसमें आठ डिग्री सेल्सियस तापमान पर मटीरियल की मिक्सिंग होगी।
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रामजन्मभूमि ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्र का कहना है कि रॉफ्ट ढलाई का मसाला गीला होगा। इसे डालने पर मसाला आसपास क्षेत्र में बहकर फैल जाएगा।
निर्माण के लिए अलग-अलग ब्लॉक बनाए जाएंगे और फिर उसमें मसाला भरकर सूखने के लिए छोड़ दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह कार्य विधिवत एक अक्तूबर से शुरू होने की उम्मीद है।