{"_id":"649ec35f4cdf9fb4c80cbb65","slug":"the-ritual-of-consecration-will-be-held-in-1000-temples-faizabad-news-c-13-1-312997-2023-06-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ayodhya News: 1000 मंदिर में होगा प्राणप्रतिष्ठा का अनुष्ठान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ayodhya News: 1000 मंदिर में होगा प्राणप्रतिष्ठा का अनुष्ठान
Fri, 30 Jun 2023 05:28 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Fri, 30 Jun 2023 05:28 PM IST
विज्ञापन
अद्भुत, ऐतिहासिक होगा रामलला के प्राणप्रतिष्ठा का उत्सव
लाइव प्रसारण के जरिए पूरी दुनिया बन सकेगी साक्षी
फोटो-01
संवाद न्यूज एजेंसी
अयोध्या। दिव्य-भव्य गर्भगृह में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का महोत्सव अद्भुत व ऐतिहासिक होगा। इसको लेकर तैयारियां शुरू हो गयी हैं। देश के एक हजार मंदिरों में प्राणप्रतिष्ठा को लेकर विशेष अनुष्ठान व पूजन किया जाएगा। दुनिया भर में इस उत्सव की आभा बिखरती नजर आए ऐसा प्रयास हो रहा है। लाइव प्रसारण के जरिए पूरी दुनिया प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव की साक्षी बन सकेगी। रामजन्मभूमि में निर्माणाधीन राममंदिर का भूतल नवंबर तक पूरी तरह से बनकर तैयार हो जाएगा।
मकर संक्रांति 15 जनवरी से 24 जनवरी 2024 के बीच रामलला को गर्भगृह में विराजित किया जाएगा। प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में मुख्य यजमान के रूप में पीएम नरेंद्र मोदी शामिल होंगे। प्राणप्रतिष्ठा महोत्सव के दिन भीड़ नियंत्रण का भी प्लान बन रहा है। जिसके चलते बड़ी संख्या में भक्त अयोध्या नहीं पहुंच पाएंगे। ऐसे में प्राण प्रतिष्ठा का उत्सव देश भर के मठ-मंदिरों में आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।
देश के हर राज्यों से कुल एक हजार बड़े मंदिर चिह्नित किए जा रहे हैं। जहां पर राममंदिर के उद्घाटन कार्यक्रम का लाइव प्रसारण और विशेष पूजा का आयोजन होगा। जिन लोगों ने राममंदिर निर्माण में अधिक सहायता की है उन्हें भी इस कार्यक्रम में किसी न किसी तरह से जोड़ा जाएगा।
विज्ञापन
इनसेट
राममंदिर में दिखेगी देश के संस्कृति की झलक
राममंदिर में देश के संस्कृति की झलक दिखेगी। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि दो साल में (जब पूरा मंदिर बन जाएगा) पता चलेगा कि मंदिर निर्माण में सभी राज्यों का किसी न किसी प्रकार का योगदान है। बताया कि मंदिर में जिन पत्थरों का प्रयोग हो रहा हैं वे पत्थर राजस्थान व कर्नाटक से आए हैं। रामलला की अचल मूर्ति कर्नाटक व राजस्थान के पत्थरों से बन रही है। राममंदिर के दरवाजे महाराष्ट्र के सागौन की लकड़ियों से बन रहे हैं। दरवाजों पर नक्काशी का काम कन्याकुमारी के कारीगर कर रहे हैं। इसी तरह पूरे देश का मंदिर निर्माण में योगदान है।
विज्ञापन
लाइव प्रसारण के जरिए पूरी दुनिया बन सकेगी साक्षी
फोटो-01
संवाद न्यूज एजेंसी
अयोध्या। दिव्य-भव्य गर्भगृह में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का महोत्सव अद्भुत व ऐतिहासिक होगा। इसको लेकर तैयारियां शुरू हो गयी हैं। देश के एक हजार मंदिरों में प्राणप्रतिष्ठा को लेकर विशेष अनुष्ठान व पूजन किया जाएगा। दुनिया भर में इस उत्सव की आभा बिखरती नजर आए ऐसा प्रयास हो रहा है। लाइव प्रसारण के जरिए पूरी दुनिया प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव की साक्षी बन सकेगी। रामजन्मभूमि में निर्माणाधीन राममंदिर का भूतल नवंबर तक पूरी तरह से बनकर तैयार हो जाएगा।
मकर संक्रांति 15 जनवरी से 24 जनवरी 2024 के बीच रामलला को गर्भगृह में विराजित किया जाएगा। प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में मुख्य यजमान के रूप में पीएम नरेंद्र मोदी शामिल होंगे। प्राणप्रतिष्ठा महोत्सव के दिन भीड़ नियंत्रण का भी प्लान बन रहा है। जिसके चलते बड़ी संख्या में भक्त अयोध्या नहीं पहुंच पाएंगे। ऐसे में प्राण प्रतिष्ठा का उत्सव देश भर के मठ-मंदिरों में आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।
विज्ञापन
देश के हर राज्यों से कुल एक हजार बड़े मंदिर चिह्नित किए जा रहे हैं। जहां पर राममंदिर के उद्घाटन कार्यक्रम का लाइव प्रसारण और विशेष पूजा का आयोजन होगा। जिन लोगों ने राममंदिर निर्माण में अधिक सहायता की है उन्हें भी इस कार्यक्रम में किसी न किसी तरह से जोड़ा जाएगा।
विज्ञापन
इनसेट
राममंदिर में दिखेगी देश के संस्कृति की झलक
राममंदिर में देश के संस्कृति की झलक दिखेगी। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि दो साल में (जब पूरा मंदिर बन जाएगा) पता चलेगा कि मंदिर निर्माण में सभी राज्यों का किसी न किसी प्रकार का योगदान है। बताया कि मंदिर में जिन पत्थरों का प्रयोग हो रहा हैं वे पत्थर राजस्थान व कर्नाटक से आए हैं। रामलला की अचल मूर्ति कर्नाटक व राजस्थान के पत्थरों से बन रही है। राममंदिर के दरवाजे महाराष्ट्र के सागौन की लकड़ियों से बन रहे हैं। दरवाजों पर नक्काशी का काम कन्याकुमारी के कारीगर कर रहे हैं। इसी तरह पूरे देश का मंदिर निर्माण में योगदान है।