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रामनवमी के दिन रामलला पर पड़ेंगी सूर्य की किरणें

Sat, 16 Oct 2021 11:12 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 16 Oct 2021 11:12 PM IST
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The rays of the sun will fall on Ramlala on the day of Ramnavami
अयोध्या। श्रीरामजन्मभूमि पर भव्य राममंदिर का निर्माण जोरों पर चल रहा है। 15 नवंबर तक इसकी नींव तैयार हो जाएगी। इसके बाद 16 फीट ऊंचे प्लिंथ का निर्माण होगा जिस पर गर्भगृह आकार लेगा। राममंदिर मजबूती व तकनीक के लिहाज से दुनिया के श्रेष्ठतम मंदिरों में शामिल होगा। रामनवमी के दिन सूर्य की किरणें रामलला पर सीधे पड़ें, इसे लेकर विशेषज्ञ अध्ययन करने में जुटे हैं। निर्माण कार्य में लगीं एजेंसियां भी विशेषज्ञों के इस अध्ययन में साथ हैं।
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अयोध्या में बनने वाला राममंदिर तीन मंजिला होगा। पहली मंजिल पर गर्भगृह होगा। इसमें रामलला की प्रतिमा रखी जाएगी। रामनवमी के दिन सूर्य की पहली किरण रामलला की प्रतिमा पर पड़े, इसके लिए विशेषज्ञ प्रयास कर रहे हैं। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का कहना है कि राममंदिर तकनीक व मजबूती के लिहाज से दुनिया के चुनिंदा व श्रेष्ठतम मंदिरों में शामिल होगा।
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चंपत राय ने बताया कि मंदिर एक हजार साल तक खड़ा रहे, इसकी व्यवस्था कर दी गई है। यह दुनिया का शायद पहला मंदिर या भवन है जिसके निर्माण कार्य में देश की आठ नामी विशेषज्ञ कंपनियां जुड़ी हुई हैं। राममंदिर सदियों तक अक्षुण्ण रहेगा। चार सौ मीटर लंबा, तीन सौ मीटर चौड़ा, 50 मीटर गहरा व्यास कौन गिरा सकता है।
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उन्होंने बताया कि 50 फीट ऊंचे पत्थरों की चट्टान को और मजबूती प्रदान करने के लिए अब इस पर डेढ़ मीटर की राफ्ट ढाली जा रही है। मंदिर आपदाओं से सुरक्षित रहेगा, इसे लेकर तकनीकी एजेंसियों ने आश्वस्त किया है। मंदिर न तो भूकंप के झटके और न ही सरयू की तेज धारा से गिर सकेगा। राममंदिर की भव्यता व तकनीक दुनिया भर के भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र होगी।
चंपत राय के अनुसार विशेषज्ञों की एक टोली इस प्रयास में जुटी है कि हर रामनवमी पर भगवान श्रीराम के ऊपर सूर्य की किरणें पहुंच सकें। गर्भगृह में विराजमान होने वाले रामलला के ऊपर सूर्य की किरणों को छेद के माध्यम से पहुंचाने के लिए अध्ययन हो रहा है। बताया जा रहा है कि इसके लिए विशेषज्ञों ने खगोलीय अध्ययन किया है।

इसरो की भी मदद ली जा रही है। इस कार्य में आईआईटी रूड़की, आईआईटी चेन्नई सहित हैदराबाद के नामी विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। राममंदिर बन जाने पर एक दिन में करीब एक लाख भक्त परिसर में पहुंचेंगे, इसलिए भक्तों के लिए विशेष सुविधाएं विकसित करने पर हमारा फोकस है।
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