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सीएम के दखल देने के बाद भी नतीजे पर नहीं पहुंची पुलिस

Tue, 16 Nov 2021 12:30 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 16 Nov 2021 12:30 AM IST
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The police did not reach the conclusion even after the intervention of the CM
अयोध्या। पंजाब नेशनल बैंक की सहायक प्रबंधक श्रद्धा गुप्ता सुसाइड केस में मुख्यमंत्री के दखल देने के 16 दिन बाद भी पुलिस अभी तक मामले का खुलासा नहीं कर सकी है।
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पुलिस अधिकारी पहले दीपोत्सव व अब कार्तिक पूर्णिमा मेले में व्यस्तता की बात कहकर चुप्पी साधे हैं। अयोध्या पुलिस यह तय नहीं कर पा रही कि आखिर श्रद्धा गुप्ता को उसका पूर्व मंगेतर कैसे परेशान कर रहा था।
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साथ ही डेढ़ साल पहले अयोध्या के एसएसपी रहे आइपीएस आशीष तिवारी का इससे क्या कनेक्शन है। वहीं तीसरा आरोपी अनिल रावत कौन है, मृतका के मोबाइल की डिटेल से क्या मिला। श्रद्धा के कमरे से मिली दोनों डायरियों में क्या है।
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स्कूटी किस पेट्रोल पंप से बरामद हुई। गंभीर धाराओं में केस दर्ज होने के बाद भी गिरफ्तार क्यों नहीं हुई, जैसे कई अन्य सवाल का जवाब देने से कतरा रही है।
अयोध्या पीएनबी के क्षेत्रीय कार्यालय में तैनात सहायक प्रबंधक श्रद्धा गुप्ता ने 29/30 अक्तूबर की रात अपने किराए के घर में आत्महत्या कर ली थी।
उसने अपने सुसाइड नोट में विवेक गुप्ता, आईपीएस आशीष तिवारी (एसएसएफ हेड लखनऊ) व अनिल रावत (फैजाबाद पुलिस) को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया था।
मृतका के परिवारीजनों ने उसके पूर्व मंगेतर विवेक गुप्ता पर प्रताड़ना का आरोप लगाया था। मृतका के पिता की तहरीर पर कोतवाली नगर पुलिस ने तीनों के खिलाफ धारा 306 के तहत केस दर्ज किया था।
मामले में मुख्यमंत्री ने अपने प्रतिनिधि को मृतका के लखनऊ स्थित आवास पर भेजकर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था। सीएम के दखल के बाद भी अयोध्या पुलिस घटना के 16 दिन बाद मामले का खुलासा नहीं कर सकी है और न ही किसी की गिरफ्तारी की है।
पुलिस श्रद्धा के पूर्व मंगेतर विवेक गुप्ता से कई दौर की पूछताछ कर चुकी है। आईपीएस आशीष तिवारी भी अपना बयान दर्ज करवा चुके हैं। यही नहीं पुलिस ने दोनों के मोबाइल डिटेल भी खंगाले हैं।
पुलिस का अभी भी दावा है कि दोनों उसके संपर्क में हैं। सीओ सिटी पलाश बंसल का कहना है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है, जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।

मृतका के पिता राजकुमार गुप्ता न्याय मिलने की राह तक रहे हैं, उनका कहना है कि पुलिस पर भरोसा करने के अलावा और कोई चारा भी नहीं है। वह किसी तरह का दबाव पड़ने के बात को नकारते हुए कहते हैं कि फिलहाल पुलिस उन्हें केस से संबंधित जानकारी नहीं दे रही है।
बताया कि अभी चार पांच दिन पहले अयोध्या पुलिस से बात हुई थी तो उन्होंने मेले में व्यस्त होने की बात कही थी, अब मेले बाद दोबारा बात करूंगा।
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