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मार्च के बाद सार्वजनिक होगा एकत्र धन का आंकड़ा
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अयोध्या। राममंदिर निर्माण के लिए 15 जनवरी से चल रहे निधि समर्पण अभियान में एकत्र धनराशि का आंकड़ा मार्च में सार्वजनिक किया जाएगा। श्रीरामजन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि निधि समर्पण अभियान में अब तक कितना धन एकत्रित हो गया है, यह बता पाना संभव नहीं है। जब मार्च में ऑडिट होगा तब एकत्र धन का आंकड़ा सार्वजनिक किया जाएगा।
कहा कि पूरे देश में 23 सीए नियुक्त किए गए है। अनुमानित आंकड़ा अब तक 500 करोड़ के पार हो सकता है, लेकिन मार्च के बाद ही कुल एकत्र धन का आंकड़ा सार्वजनिक हो पाएगा। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता व अकाउंटेंट के हिसाब में अंतर आ रहा है। यही नहीं अभी कई चेक भी क्लीयरेंस में लटके हैं, इसलिए आंकड़े को लेकर अनुमान लगाना कठिन है। उन्होंने बताया कि निधि समर्पण अभियान के लिए 13 करोड़ 90 लाख कूपन छपवाए गए थे, अब और मांग आ रही है। इसलिए मुंबई व बंग्लौर में और भी कूपन छापे जा रहे हैं।
चंपत राय ने बताया कि राममंदिर के लिए कूपन के जरिए निधि समर्पण करने वाले भक्तों को रामजन्मभूमि का साहित्य दिया जाएगा। इसके लिए देश के 50 स्थानों पर साहित्य का प्रकाशन किया जा रहा है। यह साहित्य अलग-अलग भाषाओं जैसे हिंदी, उर्दू, अंग्रेजी, तमिल, मराठी, गुजराती आदि में प्रकाशित किया जा रहा है। इस साहित्य में राममंदिर के आंदोलन से लेकर राममंदिर निर्माण शुरू होने तक की पूरी जानकारी दी गई है।
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कहा कि पूरे देश में 23 सीए नियुक्त किए गए है। अनुमानित आंकड़ा अब तक 500 करोड़ के पार हो सकता है, लेकिन मार्च के बाद ही कुल एकत्र धन का आंकड़ा सार्वजनिक हो पाएगा। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता व अकाउंटेंट के हिसाब में अंतर आ रहा है। यही नहीं अभी कई चेक भी क्लीयरेंस में लटके हैं, इसलिए आंकड़े को लेकर अनुमान लगाना कठिन है। उन्होंने बताया कि निधि समर्पण अभियान के लिए 13 करोड़ 90 लाख कूपन छपवाए गए थे, अब और मांग आ रही है। इसलिए मुंबई व बंग्लौर में और भी कूपन छापे जा रहे हैं।
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चंपत राय ने बताया कि राममंदिर के लिए कूपन के जरिए निधि समर्पण करने वाले भक्तों को रामजन्मभूमि का साहित्य दिया जाएगा। इसके लिए देश के 50 स्थानों पर साहित्य का प्रकाशन किया जा रहा है। यह साहित्य अलग-अलग भाषाओं जैसे हिंदी, उर्दू, अंग्रेजी, तमिल, मराठी, गुजराती आदि में प्रकाशित किया जा रहा है। इस साहित्य में राममंदिर के आंदोलन से लेकर राममंदिर निर्माण शुरू होने तक की पूरी जानकारी दी गई है।
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