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चौहान का कनेक्शन तलाशने फिर आ सकती दिल्ली पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
Updated Sun, 21 Jun 2015 01:03 AM IST
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दरअसल, पुलिस ने तोमर को फर्जी डिग्री दिलाने वाले युवक मदन प्रताप चौहान को गिरफ्तार कर लिया है। वह तोमर का ही पड़ोसी बताया जा रहा। गिरफ्तार युवक का कनेक्शन अवध विश्वविद्यालय के किसी कर्मचारी से मिला है।
पुलिस सूत्रों की मानें तो विवि में चौहान का कनेक्शन तलाशने दिल्ली पुलिस फिर यहां पहुंच सकती है। दिल्ली के पूर्व कानून मंत्री जितेेंद्र सिंह तोमर की बीएससी की फर्जी डिग्री डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय से संबद्ध साकेत स्नातकोत्तर महाविद्यालय अयोध्या की रही है।
इसी वजह से 9 जून को तोमर की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली पुलिस सीधे यहां पहुंची थी। जांच टीम ने अवध विवि व साकेत महाविद्यालय में दो दिनों तक जांच की थी।
रिमांड अवधि कम होने से पुलिस टीम तोमर को लेकर बिहार के भागलपुर विवि चली गई थी। जहां एलएलबी की भी डिग्री फर्जी मिली। इससे अभी फर्जी डिग्री के रैकेट का पर्दाफाश नहीं हो सका है।
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बीते दिनों पुलिस को तोमर की दो दिनों की रिमांड मिल गई थी। इसी बीच पुलिस ने तोमर व गिरफ्तार युवक मदन प्रताप चौहान की आमने-सामने पूछताछ कराई।
बताया जा रहा कि इसी पूछताछ में चौहान का कनेक्शन अवध विवि के किसी कर्मचारी से पाया गया है, जिसने उसे डिग्री दी। इसके बाद चौहान ने तोमर के बड़े भाई स्वर्गीय आरपीएस तोमर के माध्यम से छह हजार रुपये में फर्जी डिग्री उपलब्ध कराई।
चौहान के पकड़े जाने के बाद अब दिल्ली पुलिस का अगला टारगेट अवध विवि माना जा रहा है। इससे संभावना जताई जा रही कि दिल्ली पुलिस की टीम कभी भी यहां पहुंच गुपचुप जांच कर चौहान का यूनिवर्सिटी कनेक्शन तलाश सकती है। हालांकि विवि के जिम्मेदार अधिकारियों ने अभी कोई सूचना मिलने से इंकार किया है।
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पुलिस सूत्रों की मानें तो विवि में चौहान का कनेक्शन तलाशने दिल्ली पुलिस फिर यहां पहुंच सकती है। दिल्ली के पूर्व कानून मंत्री जितेेंद्र सिंह तोमर की बीएससी की फर्जी डिग्री डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय से संबद्ध साकेत स्नातकोत्तर महाविद्यालय अयोध्या की रही है।
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इसी वजह से 9 जून को तोमर की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली पुलिस सीधे यहां पहुंची थी। जांच टीम ने अवध विवि व साकेत महाविद्यालय में दो दिनों तक जांच की थी।
रिमांड अवधि कम होने से पुलिस टीम तोमर को लेकर बिहार के भागलपुर विवि चली गई थी। जहां एलएलबी की भी डिग्री फर्जी मिली। इससे अभी फर्जी डिग्री के रैकेट का पर्दाफाश नहीं हो सका है।
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बीते दिनों पुलिस को तोमर की दो दिनों की रिमांड मिल गई थी। इसी बीच पुलिस ने तोमर व गिरफ्तार युवक मदन प्रताप चौहान की आमने-सामने पूछताछ कराई।
बताया जा रहा कि इसी पूछताछ में चौहान का कनेक्शन अवध विवि के किसी कर्मचारी से पाया गया है, जिसने उसे डिग्री दी। इसके बाद चौहान ने तोमर के बड़े भाई स्वर्गीय आरपीएस तोमर के माध्यम से छह हजार रुपये में फर्जी डिग्री उपलब्ध कराई।
चौहान के पकड़े जाने के बाद अब दिल्ली पुलिस का अगला टारगेट अवध विवि माना जा रहा है। इससे संभावना जताई जा रही कि दिल्ली पुलिस की टीम कभी भी यहां पहुंच गुपचुप जांच कर चौहान का यूनिवर्सिटी कनेक्शन तलाश सकती है। हालांकि विवि के जिम्मेदार अधिकारियों ने अभी कोई सूचना मिलने से इंकार किया है।