{"_id":"60e9e0f68ebc3ebd0d2ef94a","slug":"teenager-s-body-found-in-river-faizabad-news-lko5863554132","type":"story","status":"publish","title_hn":"नदी में किशोरी का मिला शव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नदी में किशोरी का मिला शव
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अयोध्या। थाना कैंट अंतर्गत गुप्तारघाट के कच्चा घाट पर नदी में बहे 12 लोगों में से लापता तीन में से एक शव का शनिवार सुबह जमथरा घाट के पास मिला। शव की पहचान प्रियांशी (16) पुत्री सतीश के रूप में हुई।
एनडीआरएफ की टीम को यह शव पानी के अंदर बालू में फंसा मिला। इसके साथ हादसे में मरने वालों की संख्या सात हो गई है। शेष दो लोगों की तलाश जारी है। जनपद पुलिस पड़ोसी जनपद गोंडा, बस्ती व अंबेडकरनगर प्रशासन की भी सहायता ले रही है।
कैंट थानाक्षेत्र के गुप्तारघाट पर सिकंदरा थानाक्षेत्र के शास्त्रीपुरम निवासी अशोक (65) पत्नी राजकुमारी (61), पुत्र ललित (40) व पंकज (25), पुत्री जूली (29) व गौरी (28) समेत शादीशुदा तीन बेटियों, पांच बच्चों व एक दामाद के साथ शुक्रवार सुबह ही अयोध्या आए थे।
विज्ञापन
दर्शन-पूजन के बाद रामनगरी के नया घाट से एक स्टीमर पांच हजार में बुक करके करीब 12 किमी दूर गुप्तारघाट आए। घाट पर टहलते हुए करीब दो सौ मीटर दूर सुनसान इलाके के कच्चा घाट पर चले गए जहां पहले चार महिलाएं हाथ-पैर धोने नदी में गईं, देखते ही देखते बच्चे व पुरुष सदस्य भी पानी में आ गए।
इसी दौरान जूली का पैर फिसला और उफनाई सरयू की तेज धारा में बहने लगी, बचाने आई चार महिलाएं भी धारा में समाने लगीं। अफरातफरी में मासूम धैर्या (6) समेत एक-एक कर 12 लोग बह गए। अशोक समेत उनका दामाद सतीश (40) व उसका पुत्र नमन (12) बाहर निकले और शोर मचाना शुरू किया। दौड़कर गुप्तारघाट आकर मदद मांगी तो तत्काल नाविक व गोताखोर मौके पर पहुंचे और पुलिस व प्रशासन को खबर दी गई।
हादसे की सूचना पर आईजी डॉ. संजीव गुप्त, डीएम अनुज झा, एसएसपी शैलेश पांडेय, एसपी सिटी विजयपाल सिंह समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसएसपी ने स्वयं स्टीमर पर सवार होकर लापता लोगों की तलाश की।
तत्काल रेस्क्यू टीम ने आरती पत्नी सतीश (35) और गौरी पुत्री अशोक (28) को नदी से जिंदा निकाला जबकि मासूम धैर्या जमथरा कच्चाघाट पर लहरों के थपेड़ों के बीच बचकर किनारे मिली।
इसके कुछ देर बाद आठ किमी दूर बाटी बाबा के आश्रम के पास नदी से अशोक के दो पुत्र ललित (40) व पंकज (25) समेत दामाद देवेंद्र की पुत्री श्रुति (20) का शव मिला, बाद में अशोक की पत्नी राजकुमारी (61), पुत्री सीता उर्फ दामिनी (35) व उसकी पुत्री दृष्टि (4) का शव मिला था जबकि प्रियांशी, जूली व सार्थक लापता हो गए थे।
वहीं, हादसे के कुछ ही घंटों के अंदर लखनऊ व बहराइच से एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की टीम अपने संसाधनों के साथ अयोध्या पहुंची और रेस्क्यू प्रारंभ किया। यह रेस्क्यू रात 12 बजे तक चला, इसके बाद शनिवार भोर से ही रेस्क्यू शुरू किया गया। इस दौरान सुबह करीब 10 बजे एनडीआरएफ की टीम ने जमथरा घाट के पास से प्रियांशी (16) का शव बरामद किया।
शव पानी के अंदर बालू में फंसा हुआ था। एसपी सिटी विजयपाल सिंह ने बताया कि लापता जूली (39) व सार्थक (16) की तलाश में रेस्क्यू किया जा रहा है। मिले शव का पोस्टमार्टम कराकर उनके परिवारीजनों को सौंप दिया गया है।
अपनी पत्नी व बेटी को खो देने के गम में आगरा से आए सचिन ने जिला अस्पताल में सैनेटाइजर पीकर जान देने की कोशिश की। चिकित्सकों ने उसे भर्ती कर उसका इलाज शुरू किया। शुक्रवार को हुए हादसे में आगरा के शास्त्रीपुरम निवासी सचिन की पत्नी सीता (35) व बेटी दृष्टि (4) भी नदी में डूब गए थे।
रेस्क्यू कर रही टीम ने दोनों का शव शुक्रवार को ही ढूंढ निकाला था। घटना की सूचना मिलने पर सचिन शनिवार की सुबह अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ अयोध्या पहुंचा। उसके साथ कुल नौ लोग थे, जिनमें सभी उसके मित्र थे। मित्रों ने बताया कि इनके परिवार में अब कोई नहीं बचा है।
शनिवार की शाम करीब पांच बजे तक सभी शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। आगरा निवासी सचिन ने बताया कि उन्होंने मौजूद पुलिसकर्मियों से अपने परिवारीजनों के शव ले जाने के लिए एंबुलेंस उपलब्ध कराने की मांग की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
मजबूरी में महंगे किराए पर एंबुलेंस लेकर शव को लेकर जा रहे हैं। कुछ लोग अभी यहां रुके हुए हैं। वहीं, कल जिंदा बचाई गई दो महिला, एक बच्ची व तीन पुरुष अपने साथ लाई गई गाड़ी से वापस आगरा को रवाना हो गए।
थाना कैंट अंतर्गत गुुप्तारघाट के कच्चा घाट पर नदी में लापता चार लोगों की तलाश में एनडीआरएफ के 60 व एसडीआरएफ के 40 जवान लगातार रेस्क्यू कर रहे हैं। उनके साथ जल पुलिस व 30वीं वाहिनी पीएसी के बाढ़ राहत दल के जवान भी अपना सहयोग दे रहे हैं।
एनडीआरएफ लखनऊ के डिप्टी कमांडेंट नीरज कुमार ने बताया कि शुक्रवार दोपहर बाद साढ़े तीन बजे हादसे की सूचना मिली। इसके 10 मिनट बाद 3.40 बजे रवाना हो गए। करीब साढ़े पांच बजे गुप्तारघाट पहुंच गए और तत्काल रेस्क्यू शुरू किया। इसके बाद बहराइच से भी एक टीम यहां पहुंची। बताया कि नदी का बहाव बहुत तेज है।
इसके चलते घटना के कुछ ही देर बाद कुछ शव घटनास्थल से करीब आठ किमी दूर मिले। शनिवार को एक लड़की प्रियांशी का शव बाटी बाबा के आश्रम के पास से मिला। अभी भी तीन लोग लापता हैं। बताया कि नदी का बहाव चुनौती बना हुआ है, फिर भी एक लाइन बनाकर नदी के करीब दो किमी चौड़ाई के साथ अयोध्या से आगे कई किमी तक सर्च कर रहे हैं।
संभावना है कि लापता लोग बहाव के चलते काफी दूर चले गए हों। बताया कि देर रात तक सर्च किया गया, कुछ घंटे बाद भोर में फिर ऑपरेशन शुरू कर दिया गया।
विज्ञापन
एनडीआरएफ की टीम को यह शव पानी के अंदर बालू में फंसा मिला। इसके साथ हादसे में मरने वालों की संख्या सात हो गई है। शेष दो लोगों की तलाश जारी है। जनपद पुलिस पड़ोसी जनपद गोंडा, बस्ती व अंबेडकरनगर प्रशासन की भी सहायता ले रही है।
विज्ञापन
कैंट थानाक्षेत्र के गुप्तारघाट पर सिकंदरा थानाक्षेत्र के शास्त्रीपुरम निवासी अशोक (65) पत्नी राजकुमारी (61), पुत्र ललित (40) व पंकज (25), पुत्री जूली (29) व गौरी (28) समेत शादीशुदा तीन बेटियों, पांच बच्चों व एक दामाद के साथ शुक्रवार सुबह ही अयोध्या आए थे।
विज्ञापन
दर्शन-पूजन के बाद रामनगरी के नया घाट से एक स्टीमर पांच हजार में बुक करके करीब 12 किमी दूर गुप्तारघाट आए। घाट पर टहलते हुए करीब दो सौ मीटर दूर सुनसान इलाके के कच्चा घाट पर चले गए जहां पहले चार महिलाएं हाथ-पैर धोने नदी में गईं, देखते ही देखते बच्चे व पुरुष सदस्य भी पानी में आ गए।
इसी दौरान जूली का पैर फिसला और उफनाई सरयू की तेज धारा में बहने लगी, बचाने आई चार महिलाएं भी धारा में समाने लगीं। अफरातफरी में मासूम धैर्या (6) समेत एक-एक कर 12 लोग बह गए। अशोक समेत उनका दामाद सतीश (40) व उसका पुत्र नमन (12) बाहर निकले और शोर मचाना शुरू किया। दौड़कर गुप्तारघाट आकर मदद मांगी तो तत्काल नाविक व गोताखोर मौके पर पहुंचे और पुलिस व प्रशासन को खबर दी गई।
हादसे की सूचना पर आईजी डॉ. संजीव गुप्त, डीएम अनुज झा, एसएसपी शैलेश पांडेय, एसपी सिटी विजयपाल सिंह समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसएसपी ने स्वयं स्टीमर पर सवार होकर लापता लोगों की तलाश की।
तत्काल रेस्क्यू टीम ने आरती पत्नी सतीश (35) और गौरी पुत्री अशोक (28) को नदी से जिंदा निकाला जबकि मासूम धैर्या जमथरा कच्चाघाट पर लहरों के थपेड़ों के बीच बचकर किनारे मिली।
इसके कुछ देर बाद आठ किमी दूर बाटी बाबा के आश्रम के पास नदी से अशोक के दो पुत्र ललित (40) व पंकज (25) समेत दामाद देवेंद्र की पुत्री श्रुति (20) का शव मिला, बाद में अशोक की पत्नी राजकुमारी (61), पुत्री सीता उर्फ दामिनी (35) व उसकी पुत्री दृष्टि (4) का शव मिला था जबकि प्रियांशी, जूली व सार्थक लापता हो गए थे।
वहीं, हादसे के कुछ ही घंटों के अंदर लखनऊ व बहराइच से एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की टीम अपने संसाधनों के साथ अयोध्या पहुंची और रेस्क्यू प्रारंभ किया। यह रेस्क्यू रात 12 बजे तक चला, इसके बाद शनिवार भोर से ही रेस्क्यू शुरू किया गया। इस दौरान सुबह करीब 10 बजे एनडीआरएफ की टीम ने जमथरा घाट के पास से प्रियांशी (16) का शव बरामद किया।
शव पानी के अंदर बालू में फंसा हुआ था। एसपी सिटी विजयपाल सिंह ने बताया कि लापता जूली (39) व सार्थक (16) की तलाश में रेस्क्यू किया जा रहा है। मिले शव का पोस्टमार्टम कराकर उनके परिवारीजनों को सौंप दिया गया है।
अपनी पत्नी व बेटी को खो देने के गम में आगरा से आए सचिन ने जिला अस्पताल में सैनेटाइजर पीकर जान देने की कोशिश की। चिकित्सकों ने उसे भर्ती कर उसका इलाज शुरू किया। शुक्रवार को हुए हादसे में आगरा के शास्त्रीपुरम निवासी सचिन की पत्नी सीता (35) व बेटी दृष्टि (4) भी नदी में डूब गए थे।
रेस्क्यू कर रही टीम ने दोनों का शव शुक्रवार को ही ढूंढ निकाला था। घटना की सूचना मिलने पर सचिन शनिवार की सुबह अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ अयोध्या पहुंचा। उसके साथ कुल नौ लोग थे, जिनमें सभी उसके मित्र थे। मित्रों ने बताया कि इनके परिवार में अब कोई नहीं बचा है।
शनिवार की शाम करीब पांच बजे तक सभी शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। आगरा निवासी सचिन ने बताया कि उन्होंने मौजूद पुलिसकर्मियों से अपने परिवारीजनों के शव ले जाने के लिए एंबुलेंस उपलब्ध कराने की मांग की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
मजबूरी में महंगे किराए पर एंबुलेंस लेकर शव को लेकर जा रहे हैं। कुछ लोग अभी यहां रुके हुए हैं। वहीं, कल जिंदा बचाई गई दो महिला, एक बच्ची व तीन पुरुष अपने साथ लाई गई गाड़ी से वापस आगरा को रवाना हो गए।
थाना कैंट अंतर्गत गुुप्तारघाट के कच्चा घाट पर नदी में लापता चार लोगों की तलाश में एनडीआरएफ के 60 व एसडीआरएफ के 40 जवान लगातार रेस्क्यू कर रहे हैं। उनके साथ जल पुलिस व 30वीं वाहिनी पीएसी के बाढ़ राहत दल के जवान भी अपना सहयोग दे रहे हैं।
एनडीआरएफ लखनऊ के डिप्टी कमांडेंट नीरज कुमार ने बताया कि शुक्रवार दोपहर बाद साढ़े तीन बजे हादसे की सूचना मिली। इसके 10 मिनट बाद 3.40 बजे रवाना हो गए। करीब साढ़े पांच बजे गुप्तारघाट पहुंच गए और तत्काल रेस्क्यू शुरू किया। इसके बाद बहराइच से भी एक टीम यहां पहुंची। बताया कि नदी का बहाव बहुत तेज है।
इसके चलते घटना के कुछ ही देर बाद कुछ शव घटनास्थल से करीब आठ किमी दूर मिले। शनिवार को एक लड़की प्रियांशी का शव बाटी बाबा के आश्रम के पास से मिला। अभी भी तीन लोग लापता हैं। बताया कि नदी का बहाव चुनौती बना हुआ है, फिर भी एक लाइन बनाकर नदी के करीब दो किमी चौड़ाई के साथ अयोध्या से आगे कई किमी तक सर्च कर रहे हैं।
संभावना है कि लापता लोग बहाव के चलते काफी दूर चले गए हों। बताया कि देर रात तक सर्च किया गया, कुछ घंटे बाद भोर में फिर ऑपरेशन शुरू कर दिया गया।