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अप्रैल 2022 तक स्वामित्व योजना को पूरा कराने का लक्ष्य

Fri, 25 Jun 2021 12:01 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 25 Jun 2021 12:01 AM IST
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Target to complete the ownership plan by April 2022
अयोध्या। गांव के लिए भारत सरकार से चलाई जा रही स्वामित्व योजना को 22 अप्रैल 2022 तक पूरा किए जाने की लक्ष्य है। योजना को लेकर गुरुवार को पंचायती राज भारत सरकार के सचिव ने अफसरों से वीसी के जरिए बातचीत की।
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इसमें तेजी लाए जाने का निर्देश दिया। इस योजना को लेकर 15 अगस्त को प्रधानमंत्री का कार्यक्रम हो सकता है। इसको लेकर 02 अक्तूबर को भी वितरण कार्यक्रम हो सकता है।
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घरौनी योजना से गांव में रहने वाले लोगों को उनके मकान के स्वामित्व के साथ सरकारी संपत्तियां चिह्नित हो जाती है। भारत सरकार के पंचायती राज विभाग के सचिव ने गुरुवार को लखनऊ राजस्व परिषद से जिलाधिकारी अनुज कुमार झा व सीआरओ पीडी गुप्ता से वीसी के जरिए बात की।
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बताया गया है सचिव ने योजना में तेजी लाने का निर्देश देते हुए बताया कि 22 अप्रैल 2022 तक इसे पूरा किए जाने का लक्ष्य है। जिले में अब तक 10 गांवों की घरौनी 11 अक्तूबर 2020 को बांटी गई थी।
सीआरओ पीडी गुप्ता ने बताया कि जिले में रुदौली और बीकापुर के पांच-पांच गांव पायलट प्रोजेक्ट के तहत लिए गए थे। इनकी घरौनी बांटी जा चुकी है। जिले के 838 गांव का सर्वे किया जाना है।
इनमें से 210 गांव में ड्रोन फ्लाइंग की जा चुकी है। इनमें से 98 गांवों का मैप सर्वे ऑफ इंडिया से जांच के लिए आ चुका है। इनमें 15 की जांच करके वापस भेजा जा चुका है।
डीएम ने आए सभी मैप की जांच के लिए 30 जून तक की सीमा तय कर दी है। इसके बाद इन गांवों की घरौनी वहां तैयार होगी। उन्होंने बताया कि अब तक बीकापुर तहसील के 120 गांवों, मिल्कीपुर के पांच और रुदौली के 94 गांवों में ड्रोन फ्लाइंग की जा चुकी है।
चिह्नित गांवों की डाटा कलेक्शन के बाद इन गांवों का ड्रोन सर्वे कराया जाता है। सर्वे ऑफ इंडिया मैप जिले को भेजता है। जिले में राजस्व विभाग के लोग मौके पर जाकर जांच करते हैं। फिर इसे सर्वे ऑफ इंडिया को भेजा जाता है।

इसके बाद इसके आंकड़े सही करने के बाद आगे की कार्रवाई की जाती है। मैपिंग के आधार पर बनाए गए आंकड़ों को गांव सभा में सहमति ली जा जाती है। इसके बाद घरौनी तैयार होती है। फिर इसका वितरण किया जाता है।
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