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गैर इरादतन हत्या में छह लोगों को आजीवन कारावास
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अयोध्या। गैर इरादतन हत्या के एक मामले में कोर्ट ने दोषी पाते हुए 6 लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। प्रत्येक पर कोर्ट ने 18 हजार रुपये जुर्माना भी किया है। फैसला अपर जिला जज दशम चंद्र मोहन मिश्र की अदालत से हुआ।
एडीजीसी श्रीधर मिश्र ने बताया कि घटना 6 जुलाई 2014 की है। गोसाईगंज थाना क्षेत्र के भैरोपुर बढईपुर गांव में चचेरे भाई देवेंद्र पांडेय व सुधीर पांडेय मिलकर गांव के प्राइमरी स्कूल में बाटी चोखा बना रहे थे।
उसी समय गांव का अरविंद उर्फ पिंटू वहां पहुंचा और बाटी चोखा की पार्टी में शामिल होने को लेकर हुई कहासुनी में बात बढ़ गई और अरविंद ने देवेंद्र पांडेय को धक्का दे दिया। जिससे वह नाली में गिर पड़ा।
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इसके बाद वह अपने घर गया और अजय कुमार तिवारी, उदय कुमार तिवारी व मनोज तिवारी तीनों सगे भाई, नंद कुमार तिवारी, नरेंद्र कुमार तिवारी के साथ लाठी-डंडों से लैस होकर आए और हमलावर हो गए।
इस घटना में श्रीप्रकाश तिवारी, देवेंद्र तिवारी, ऋतुराज तिवारी को चोटें आई। गंभीर रूप से घायल श्रीप्रकाश तिवारी व देवेंद्र को लेकर लोग जिला चिकित्सालय गए जिसमें से श्रीप्रकाश तिवारी इसी चोट के कारण मौत हो गई।
इसकी रिपोर्ट सभी लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या समेत अन्य धाराओं में लिखी गई थी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने दोषी पाते हुए सभी छह लोगों को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई।
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एडीजीसी श्रीधर मिश्र ने बताया कि घटना 6 जुलाई 2014 की है। गोसाईगंज थाना क्षेत्र के भैरोपुर बढईपुर गांव में चचेरे भाई देवेंद्र पांडेय व सुधीर पांडेय मिलकर गांव के प्राइमरी स्कूल में बाटी चोखा बना रहे थे।
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उसी समय गांव का अरविंद उर्फ पिंटू वहां पहुंचा और बाटी चोखा की पार्टी में शामिल होने को लेकर हुई कहासुनी में बात बढ़ गई और अरविंद ने देवेंद्र पांडेय को धक्का दे दिया। जिससे वह नाली में गिर पड़ा।
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इसके बाद वह अपने घर गया और अजय कुमार तिवारी, उदय कुमार तिवारी व मनोज तिवारी तीनों सगे भाई, नंद कुमार तिवारी, नरेंद्र कुमार तिवारी के साथ लाठी-डंडों से लैस होकर आए और हमलावर हो गए।
इस घटना में श्रीप्रकाश तिवारी, देवेंद्र तिवारी, ऋतुराज तिवारी को चोटें आई। गंभीर रूप से घायल श्रीप्रकाश तिवारी व देवेंद्र को लेकर लोग जिला चिकित्सालय गए जिसमें से श्रीप्रकाश तिवारी इसी चोट के कारण मौत हो गई।
इसकी रिपोर्ट सभी लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या समेत अन्य धाराओं में लिखी गई थी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने दोषी पाते हुए सभी छह लोगों को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई।