{"_id":"6abab18b695b948ba60d5990","slug":"it-is-not-appropriate-to-question-institutions-out-of-frustration-over-an-electoral-defeat-ayodhya-news-c-97-1-ayo1002-159790-2026-09-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ayodhya News: चुनावी पराजय की खीझ में संस्थाओं पर सवाल उठाना उचित नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ayodhya News: चुनावी पराजय की खीझ में संस्थाओं पर सवाल उठाना उचित नहीं
Mon, 28 Sep 2026 11:57 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Mon, 28 Sep 2026 11:57 PM IST
विज्ञापन
20--फोटो नीरज कुमार (अमर उजाला)---सर्किट हाउस में आयोजित प्रेसवार्ता में जानकारी देते मेय
अयोध्या। महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी ने सोमवार को सर्किट हाउस सभागार में प्रेसवार्ता कर कांग्रेस और विपक्षी दलों पर चुनावी पराजय की खीझ में संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष को निर्वाचन आयोग, न्यायपालिका और अन्य संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने के बजाय अपनी राजनीतिक व संगठनात्मक कमजोरियों पर आत्ममंथन करना चाहिए।
महापौर ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर निर्वाचन आयोग अपना स्पष्टीकरण दे चुका है। उन्होंने कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दोनों निर्वाचन आयुक्तों की बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में एसआईआर समेत प्रमुख निर्णयों को आयोग की सहमति से लिए जाने की बात कही गई है। उनके मुताबिक 24 जून 2025 के मूल आदेश से विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में प्रक्रिया लागू करने तक आयोग की सहमति रही।
फॉर्म-6 को लेकर भी उन्होंने विपक्ष पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। कहा कि आयोग के अनुसार गैर-एसआईआर अवधि में पूर्व निर्धारित नियम ही लागू हैं।
तथ्यों के आधार पर बात रखे विपक्ष : रोली सिंह
जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े विषयों पर आरोप-प्रत्यारोप के बजाय आधिकारिक तथ्यों के आधार पर बात रखी जानी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
महापौर ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर निर्वाचन आयोग अपना स्पष्टीकरण दे चुका है। उन्होंने कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दोनों निर्वाचन आयुक्तों की बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में एसआईआर समेत प्रमुख निर्णयों को आयोग की सहमति से लिए जाने की बात कही गई है। उनके मुताबिक 24 जून 2025 के मूल आदेश से विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में प्रक्रिया लागू करने तक आयोग की सहमति रही।
विज्ञापन
फॉर्म-6 को लेकर भी उन्होंने विपक्ष पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। कहा कि आयोग के अनुसार गैर-एसआईआर अवधि में पूर्व निर्धारित नियम ही लागू हैं।
तथ्यों के आधार पर बात रखे विपक्ष : रोली सिंह
जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े विषयों पर आरोप-प्रत्यारोप के बजाय आधिकारिक तथ्यों के आधार पर बात रखी जानी चाहिए।
विज्ञापन