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साहब, मेरे पास न मकान है न पेंशन का सहारा..

Thu, 11 Nov 2021 01:24 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 11 Nov 2021 01:24 AM IST
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Sir, I have neither house nor pension support..
अयोध्या कैंट स्टेशन पहुंचे पद्मश्री से सम्मानित मो.शरीफ - फोटो : FAIZABAD
अयोध्या। साहब... मेरे पास न मकान है न पेंशन का सहारा, थोड़ा कर देते पेंशन-मानदेय। यह याचना किसी अफसर या नेता के सामने नहीं, बल्कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पद्मश्री सम्मान लेने के बाद चाचा मोहम्मद शरीफ ने सुनाई।
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पीएम व सीएम आवास से लेकर पेंशन की तमाम योजनाओं के बीच कोई भी जिला प्रशासन शायद कभी सपने में भी नहीं सोच सकता है कि ऐसी शिकायत देश के सबसे ऊंची कुर्सी पर बैठे राष्ट्रपति तक जा सकती है।
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कल्पना क रिए अयोध्या में प्रशासनिक काम-काज का कैसा सीन उनके मन बसा होगा, जबकि हाल ही में राष्ट्रपति यहां आकर रामायण कॉनक्लेव का शुभारंभ व रामलला का दर्शन-पूजन करके गए थे।
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चाचा शरीफ नेकदिल इंसान हैं। पुलिस व अपने लोगों की बेरुखी के शिकार अब तक ढाई हजार से अधिक लावारिस लाशों का धर्मानुरूप संस्कार कर चुके हैं। किसी को मुखाग्नि दे चुके हैं, तो किसी को कफन-दफन।
चाचा का राष्ट्रपति के समक्ष बयां दर्द सुनकर लोग हतप्रभ हैं। जेहन में वह सीन भी कौंध उठता है कि दो साल पहले चाचा को जब पद्मश्री से नवाजने का एलान हुआ था तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरोधी भी दाद देते नहीं थके।
हर कोई आश्चर्यचकित ही नहीं, भावविभोर भी था। रातोंरात ऐसा नजारा बदला कि शहर के खिड़की अली बेग में छोटे से किराए के कमरे में रहने वाले चाचा शरीफ से मिलने क्या अफसर, क्या नेता, सबकी कतार सी लग गई।
बदबूदार संकरे रास्ते से सांसद-विधायक तो कई बार आए-गए। उनकी खिदमत में खूब बयानबाजी की और जीवन भर ख्याल रखने के दावे किए। ऐसा करते हुए ये लोग खूब छपे और टीवी पर दिखे भी। बाद में कुछ नहीं हुआ।
राष्ट्रपति भवन से पद्मश्री लेकर बुधवार को सुबह कैंट स्टेशन पर उतरे चाचा शरीफ कहा कि वहां (राष्ट्रपति भवन में) हमारी बहुत इज्जत हुई। मोहब्बत हुई और राष्ट्रपति खूब खुश हुए।
कहा- आप हिंदू-मुस्लिम एकता के लिए बड़ा काम कर रहे हैं, ऐसा काम कोई करता नहीं। मेरे पैर में तकलीफ थी, तो राष्ट्रपति नीचे तक आए मिलने। हमने कहा, साहब.. मेरे पास न मकान है न पेंशन का सहारा..थोड़ा कर देते पेंशन-मानदेय..।
दर्द बताते भावुक हो उठे चाचा शरीफ बोले- मेरी परेशानी पर राष्ट्रपति ने कहा कि मीटिंग में बात करूंगा। अयोध्या के विधायक वेद प्रकाश गुप्ता कहते हैं कि हमने चाचा को हर मुसीबत में साथ देने का जिम्मा लिया था, लेकिन उनके पास जमीन नहीं है।
इसलिए आवास योजना से मकान नहीं बन सका। एक कमरे का आवास अलॉट करवाया था, तो उसमें उनका परिवार बड़ा होने से रह नहीं पाया। तमाम अधिकारी मौके पर गए थे, पेंशन योजना से क्यों लाभान्वित नहीं किए गए, इसकी जांच कराई जाएगी।
उधर, डीएम समेत प्रशासन के तमाम अधिकारी बदल गए हैं, वे मामले में बगैर कुछ पता किए बोलने से बचते रहे। वहीं पद्मश्री सम्मान ग्रहण कर बुधवार सुबह लगभग साढ़े सात बजे फैजाबाद दिल्ली ट्रेन से अयोध्या लौटे मो. शरीफ का रेलवे स्टेशन पर शहरवासियों ने स्वागत किया।

सभी ने उनको अयोध्या के नाम बड़ी उपलब्धि हासिल करने के लिए बधाई देते हुए अयोध्या का गौरव बताया है। स्वागत करने वालों में टाटाशाह वेलफेयर सोसाइटी के कमर राइनी, शरद शुक्ला, जियो हैदर व भाजपा के मोनू मिर्जा आदि शामिल थे।

अयोध्या कैंट स्टेशन पहुंचे पद्मश्री से सम्मानित मो.शरीफ का स्वागत करते विभिन्न दल व अन्य लोग

अयोध्या कैंट स्टेशन पहुंचे पद्मश्री से सम्मानित मो.शरीफ का स्वागत करते विभिन्न दल व अन्य लोग- फोटो : FAIZABAD

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