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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   Singhal two decades lived the dream of a Ram temple

सिंघल ने दो दशक तक जीया राम मंदिर का सपना

Wed, 18 Nov 2015 12:08 AM IST
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 18 Nov 2015 12:08 AM IST
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अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से संघ विस्तारक फिर विश्व हिंदू परिषद के दो दशक तक अंतरराष्ट्रीय मुखिया के सफर में अशोक सिंघल ने अयोध्या में राममंदिर के सपने को जीया।
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इसे पूरा करने के लिए अयोध्या को विहिप का बेस कैंप बनाया। इसके लिए करीब 22 एकड़ भूमि खरीदी, जिस पर कारसेवकपुरम और कार्यशाला जैसे बड़े प्रकल्प चल रहे हैं।
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सिंघल का आखिरी दौर उनके स्वभाव से काफी जुदा था। वे जहां राममंदिर और हिंदू अस्मिता के लिए सरकारों से लड़ते रहे, कभी कानून की परवाह करते नहीं दिखे, वहीं आखिरी दौर में संविधान की मर्यादा बचाने की दुहाई देते दिखे। 
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16 जून 2015 को राममंदिर न्यास की मणिराम छावनी में हुई अहम बैठक में आए विहिप के संरक्षक अशोक सिंघल ने कहा था कि राममंदिर का मामला सुप्रीम कोर्ट में है, हम कोर्ट का सम्मान करते हैं।

कोई ऐसा काम नहीं करेंगे, जिससे संविधान की मर्यादा पर  असर पड़े। उनके इन लफ्जों को सुनकर देशभर से आए मीडिया के प्रतिनिधि अवाक थे।

जिसने भी सुबह से राममंदिर को लेकर ब्रेकिंग न्यूज चला तमाम संभावनाएं गिनाई थी, वे उदास थे। उनकी दिल्ली या लखनऊ की दौड़ बेकार गई।

इस दौरान सिंघल ने नई घोषणा कि.. पत्थर दान लेने की। यह कहते हुए कि राममंदिर के लिए अब न्यास नगद चंदा नहीं लेगा।

यह घोषणा वे यह कहते हुए कर रहे थे कि विहिप नहीं, बल्कि राममंदिर न्यास के संस्थापक व मंत्री की हैसियत से सर्वानुमति से लिए निर्णय को वे बता रहे हैं।
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